महासमुंद नगर पालिका;अविश्वास प्रस्ताव के जंग के लिए कांग्रेस के पियूष कोसरे और सुबोध हरितवाल पर्यवेक्षक

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महासमुंद, छत्तीसगढ़ में महासमुंद नगर पालिका अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की निर्णायक जंग सोमवार को होनी है। कांग्रेस और भाजपा ने जीत के लिए खेमेबंदी तेज कर दी है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री पियूष कोसरे और युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुबोध हरितवाल को पर्यवेक्षक बनाया है।

दोनों नेताओं को महासमुंद पहुंचने को कहा गया है। वहां नगर पालिका अध्यक्ष के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चार जुलाई को मतदान होना है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने दोनों पर्यवेक्षकों को स्थानीय पार्षदों और नेताओं से समन्वय स्थापित कर अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान कराने की जिम्मेदारी मिली है। सुबोध हरितवाल ने बताया, वहां कांग्रेस का जीतना बिल्कुल तय है। पार्षदों ने भाजपा के नगर पालिका अध्यक्ष को हटाने का मन बना लिया है।

महासमुंद नगर पालिका में 30 पार्षद हैं। भाजपा के पक्ष में 16 पार्षद थे जिसकी बदौलत भाजपा के प्रकाश चंद्राकर पालिका अध्यक्ष चुने गए थे। वहां नगर पालिका उपाध्यक्ष की कुर्सी कांग्रेस पार्षद के पास थी। पिछले दिनों कांग्रेस पार्षदों ने नगर पालिका अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। कलेक्टर ने अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान के लिए चार जुलाई की तारीख तय कर दी। इस बीच भाजपा के छह पार्षद एक साथ अज्ञातवास पर चले गए। वहीं दो पार्षदों ने क्षेत्रीय विधायक विनोद चंद्राकर की मौजूदगी में कांग्रेस की सदस्यता ले ली। ऐसे में नगर पालिका में बहुमत का गणित बिगड़ गया है।

अविश्वास प्रस्ताव के लिए चाहिए 21 वोट

बताया जा रहा है अविश्वास प्रस्ताव को पारित करने के लिए दो तिहाई उपस्थित पार्षदों का वोट चाहिए। अगर सभी 30 पार्षद मतदान करते हैं तो यह 21 वोट होता है। कांग्रेस के पास फिलहाल 15-16 पार्षदों का ही वोट दिख रहा है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि वहां के पार्षद भाजपा नेतृत्व से बेहद नाराज हैं। ऐसे में सोमवार को आसानी से 21 वोट पड़ जाएंगे।