प्रेरकों ने दी चेतावनी-दो महीने में नौकरी नहीं मिली तो विधानसभा का घेराव होगा

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रायपुर, मंगलवार को पूरे प्रदेश से प्रेरक (ग्रामीण क्षेत्रों में साक्षरता के लिए लोगों को पढ़ाने वाले) रायपुर पहुंचे। यहां धरना स्थल पर सभी ने नारेबाजी करते हुए नौकरी की मांग की। साल 2018 के पहले से ही इनकी मांग उठ रही थी, चुनावी साल था तो कांग्रेस ने वादा किया था,  जो अब तक अधूरा है। अब एक बार फिर प्रेरक पूरे प्रदेश में आंदोलनों के जरिए मांगें मनवाने की कोशिश में हैं।

मंगलवार को हुए आंदोलन के बीच प्रेरक संघ के प्रदेश अध्यक्ष संदीप द्विवेदी मंच से भाषण दे रहे थे। अपनी बात रखते हुए जब माइक डायस पर हाथ पटका तो चोटिल हो गए। हाथ से खून बहने लगा, फिर बोले हम अपना खून बहाने को राजी हैं। मगर इसके बाद भी हमें नौकरी नहीं मिल रही।

2 महीने का अल्टीमेटम
प्रेरकों ने अपनी मांग रखते हुए प्रशासन को ज्ञापन दिया है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि 2 माह के भीतर यदि नौकरी पर फैसला नहीं होता तो जल्द ही विधानसभा घेराव कर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। प्रेरकों की मांग है कि इन्हें फिर से काम पर रखा जाए। दरअसल 31 मार्च 2018 से इन्हें काम से हटा दिया गया। अब प्रेरकों का कहना है कि सरकार बनने से अब तक की अवधि का मानदेय 2500 रू महिना की दर से दिया जाए। इन्हें फिर से काम पर रखा जाए।

प्रदेश में 16 हजार से अधिक प्रेरक
प्रेरक पंचायत कल्याण संघ छत्तीसगढ़ के मुताबिक 16800 ग्रामीण प्रेरकों की भर्ती साल 2009 में साक्षरता अभियान के लिए की गई थी। जिसमें उन्हें 18 से 45 साल के उम्र के लोगों को पढ़ाना था। इसके साथ ही ये केंद्र और राज्य सरकारों के अनेक योजनाओं के संचालन में मदद किया करते थे।

सरकार ने वादा पूरा नहीं किया

 छत्तीसगढ़ में संघर्षशील प्रेरक ग्रामीण क्षेत्र में अशिक्षित लोगों को शिक्षा प्रदान करने हेतु प्रेरणा प्रदान का करते हैं। प्रेरक शब्द से ही स्पष्ट है कि शिक्षा हेतु प्रेरणा देना। किंतु वर्ष 2018 के चुनावी घोषणा पत्र में प्रेरकों को रिक्त पदों पर नियुक्ति करने व नियुक्ति न होने पर प्रतिमाह ₹25 सौ बेरोजगारी भत्ता देने का वादा किया गया था। किंतु वादा पूरा ना होने से नाराज संघर्षशील प्रेरक संघ के प्रांत अध्यक्ष संदीप द्विवेदी के नेतृत्व में रायपुर राजधानी में मुख्यमंत्री निवास घेराव का आयोजन किया गया था। चूंकि मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश प्रवास पर हैं, इसलिए बूढ़ा तालाब धरना स्थल पर ही नारेबाजी प्रदर्शन सभा कर विरोध किया गया। राज्य सरकार ने प्रेरकों से 2 माह का समय मांगा है।

प्रेरक संघ के आंदोलन का आम आदमी पार्टी ने समर्थन किया

आंदोलनकारियों की सभा को आम आदमी पार्टी के नेता विजय कुमार झा ने संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के बेरोजगारों के साथ जो ग्रामीण क्षेत्र के निचले स्तर पर शिक्षा दान करते हैं। सरकार द्वारा धोखा किया गया है। तत्काल चुनावी घोषणापत्र का पालन करते हुए प्रदेश के हजारों प्रेरकों को प्रदेश में रिक्त लाखों शासकीय विभागों के पदों पर योग्यता अनुरूप नियुक्ति प्रदान किया जाए तथा जब तक नियुक्ति नहीं होती है तब तक 2500 सौ रु प्रति माह बेरोजगारी भत्ता दिया जावे। आंदोलनकारियों के आंदोलन का बस्तर से प्रदेश अध्यक्ष कोमल हुपेंडी ने समर्थन किया है। साथ ही  सभा को आप नेता शिवनारायण द्विवेदी, अनियमित कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रवि गढ़पाले आदि ने भी संबोधित कर समर्थन किया है। आंदोलनकारियों ने कहा है कि यदि प्रेरकों के हित में 2 माह में कार्यवाही नहीं होती तो पुनः आंदोलन करने हेतु बाध्य होना पड़ेगा।