दशानन नाराज… राजनीतिक अशुभ,बाबू निपटा; रावण का सिर नहीं जला तो निगम कमिश्नर ने कर्मचारी को कर दिया ससपेंड

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रायपुर, आम आदमी पार्टी के नेता विजय कुमार झा का मानना है कि दशानन नाराज हैं? और राजनेताओं को नि4पटाने का संकल्प ले लिया है। फिलहाल नगर निगम धमतरी का बाबू निपट गया है।

उन्होने बताया कि छत्तीसगढ़ के इतिहास में दशानन के न जलने या क्षतिग्रस्त होकर गिरने पर उसके राजनीतिक *अशुभ* होने से जोड़ा गया है। किसी जमाने में कद्दावर नेता स्वर्गीय तरुण चटर्जी जी के कार्यकाल में डब्ल्यू आर एस में रावण गिरने से वे अगला चुनाव हार गए थे। इसी प्रकार पुनः रावण के न जलने व पुतला क्षतिग्रस्त होने पर श्रीचंद सुंदरानी को हार का सामना करना पड़ा था।

आम आदमी पार्टी के नेता विजय कुमार झा ने कहा है कि 5 अक्टूबर 2022 विजयादशमी के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आतिथ्य में डब्ल्यू आर एस में रावण के पुतला को दहन करने का भरसक प्रयास किया गया। बार-बार बटन दबाएं गए किंतु दशानन नहीं जले। सप्रे शाला मैदान में भी यही स्थिति निर्मित हुई, कांग्रेस के कद्दावर नेता सुशील सन्नी अग्रवाल के सप्रे शाला मैदान में आयोजित रावण दहन में भी अनेक प्रयासों के बाद दशानन नहीं जले। अंततोगत्वा अनारदाना से जलाने का प्रयास किया गया। नए सिरे से सुंदर नगर में भी इस वर्ष दशानन दहन का आयोजन किया गया था। किंतु वहां भी दशानन के दहन नहीं होने से दोनों पार्टी के राजनेता चिंतित हैं।

उन्होने कहा कि अति सर्वत्र वर्जयेत की भांति दशानन में राजनीति का खेल तब चिंताजनक हुआ, जब धमतरी के सीएमओ ने दशानन के 10 सिर नहीं जलने के लिए एक सहायक ग्रेड 3 श्री यादव को लिखित रूप से निलंबित कर तीन कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया। ऐसा लगता है कि छत्तीसगढ़ में रावण ने तहलका मचाकर परिवर्तन का संदेश दे दिया है। आम आदमी पार्टी के नेता विजय कुमार झा ने कहा है कि दशानन ने दोनों पार्टी के राजनेताओं को नहीं जल कर अपने उपस्थिति व सम्मान का एहसास करा दिया है। ऐसा प्रतीत होता है कि इससे छत्तीसगढ़ राज्य में आम आदमी पार्टी की सरकार बनना सुनिश्चित है।

भ्रष्टाचार की हद पार, रावण ने कर दिया जलने से इंकार- रंजना

प्रदेश भाजपा प्रवक्ता व विधायक रंजना साहू ने धमतरी में रावण निर्माण में लापरवाही के आरोप में नगर निगम के बाबू को सस्पेंड किये जाने के मामले में प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि  कांग्रेस की  सरकार में भ्रष्टाचार की सारी हदें पार हो चुकी हैं और इस भ्रष्टाचार से अब दशहरे में जलने वाला रावण भी नहीं बच पाया। ठीक से रावण न बनवाने के कारण रावण ने भी जलने से इंकार कर दिया और शायद रावण की भी यही आपत्ति थी कि मुझे जलाते वक्त तो कम से कम भ्रष्टाचार न किया जाए। इसमें अधिकारी को निलंबित करने की बजाय कांग्रेस सरकार को अपने संरक्षण में पनप रहे भ्रष्टाचार को खत्म करने की दिशा में काम करना चाहिए ताकि उनकी देश-विदेश में जग हंसाई ना हो और रावण ठीक तरीके से जल सके और बुराई का खात्मा हो सके।

भाजपा प्रवक्ता रंजना साहू ने कहा कि जिस सरकार में बुराई के प्रतीक रावण का विनाश करने की इच्छाशक्ति न हो, उस सरकार के राज में रावणत्व का प्रसार कौन रोक सकता है। समाज में विचरण कर रहे रावण हर रोज हरण कर रहे हैं। कांग्रेस राज में रावण की नीतियों का विस्तार हो रहा है। मुख्यमंत्री के पूज्य बापूजी ने किताब लिखी थी रावण को मत मारो, लगता है कि कांग्रेस की सरकार अब बापूजी की भावना का सम्मान कर रही है इसलिए रावण नहीं मारा जा रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि रावण निर्माण में भ्रष्टाचार के मामले में कर्मचारी को दंड देने की बजाय कांग्रेस को उसका अभिनंदन करना चाहिए कि उसने भ्रष्टाचारी सरकार को एक नया हुनर सिखा दिया है कि कहां कहां भ्रष्टाचार की गुंजाइश निकाली जा सकती है।

धमतरी, छत्तीसगढ के धमतरी जिले मेंं रावण का सिर नहीं जला तो निगम कमिश्नर ने कर्मचारी को कर दिया ससपेंड दिया । हुआ यू कि दशहरा पर शहर में रावण के पुतले का दहन तो हुआ, पर उसके 10 सिर नहीं जले। इसे लेकर कर्मचारियों पर गाज गिरी है।

धमतरी नगर निगम ने इसे घोर लापरवाही माना है। इसके बाद नगर आयुक्त ने आदेश जारी करते हुए क्लर्क को सस्पेंड कर दिया है। जबकि चार कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी हुआ है। आदेश में कहा गया है कि इससे निगम की छवि धूमिल हुई है। वहीं लोगों का कहना है कि जानकर ऐसा पुतला बनवाया गया, जो पूरा जल न सके।

दरअसल, धमतरी नगर निगम की ओर से बुधवार को रावण दहन का कार्यक्रम रखा गया था। इसके लिए पुतला बनवाने की जिम्मेदारी सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी राजेंद्र यादव सहित अन्य लोगों को सौंपी गई थी। कर्मचारियों ने दहन के लिए करीब 30 फीट ऊंचा पुतला तैयार कराया। इसे रामलीला मैदान में पुतला दहन स्थल पर खड़ा किया गया। तय कार्यक्रम के मुताबिक, बुधवार रात रावण के पुतले में आग लगाई गई।

इस दौरान आतिशबाजी के  साथ रावण का पुतला जल गया, लेकिन उसके 10 सिर वैसे के वैसे ही रहे। यानी एक भी नहीं जल सके। इसके बाद निगम के अफसरों का गुस्सा भड़क गया। अफसरों ने गुरुवार को आदेश निकाल कर कर्मचारियों पर कार्रवाई कर दी। कहा गया है कि रावण का पुतला तैयार कराने में बड़ी लापरवाही बरती गई है। इससे नगर निगम की छवि धूमिल हुई है।  इसके कारण राजेंद्र यादव को निलंबित कर दिया गया है।