बड़ी खबर : जापान के पूर्व प्रधान मंत्री को भाषण के वक्त मारी गोली, कई घंटे इलाज चलने के दौरान हुई मौत, PM मोदी ने राजकीय शोक की घोषणा कि…

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जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे (Shinzo Abe shot) को नारा सिटी में गोली मारी गई है। इस घटना से पूरी दुनिया में हड़कंप मच गया है। एशिया के सबसे शांत शहर में हुई इस घटना को किसने अंजाम दिया, उस शख्‍स के बारे में अभी तक कोई ज्‍यादा जानकारी नहीं हैं। लेकिन कुछ ऐसी जानकारियां पता चली हैं जो हैरान करने वाली हैं।

हाइलाइट्स

  • स्‍थानीय मीडिया की मानें तो जिस शख्‍स ने आबे को गोली मारी है, उसकी उम्र 40 वर्ष है।
  • शिंजो आबे जापान के सबसे ज्‍यादा समय तक पद पर रहने वाले पीएम रहे हैं।
  • साल 2020 में कोलाइटिस बीमारी के चलते उन्‍होंने अपने पद से इस्‍तीफा दे दिया था।
टोक्‍यो। जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की गोली लगने से मौत हो गई है. नारा शहर में उन पर एक शख्स ने पीछे से गोली चला दी थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका. शिंजो आबे पर जब ये हमला हुआ तब वो एक छोटी जनसभा को संबोधित कर रहे थे. बताया गया है कि गोली लगने के बाद उन्हें दिल का दौरा पड़ा, जिसके चलते उनकी मौत हो गई. NHK चैनल के हवाले से ये जानकारी सामने आई है. शिंजो आबे की मौत के बाद दुनियाभर के तमाम बड़े नेताओं ने दुख जताया है.
PM मोदी ने 1 दिन की राजकीय शोक की घोषणा कि 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंज़ो आबे के निधन के बाद उनके सम्मान में 9 जुलाई को 1 दिन का राजकीय शोक की घोषणा की है। पीएम मोदी ने टवीट में कहा…

कई घंटों तक हुई बचाने की कोशिश
बता दें कि शिंजो आबे को गोली लगने के बाद तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां करीब चार से पांच घंटे तक उनका इलाज चला, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं पाए. उन पर हुए इस हमले की हर तरफ निंदा हो रही है और दुनियाभर के तमाम बड़े नेताओं ने उनके जल्द ठीक होने की कामना भी की थी.

बताया गया है कि हमलावर ने पीछे से शिंजो आबे को दो गोलियां मारीं, जिसके बाद आबे जमीन पर गिर गए. वहां मौजूद लोगों ने शिंजो आबे को सीपीआर देने की कोशिश भी की. जिसके बाद उन्हें नाजुक हालत में हेलीकॉप्टर से अस्पताल पहुंचाया गया. हमलावर की पहचान 41 साल के तेत्सुया यमगमी के तौर पर हुई है. जिसे पुलिस ने मौके से ही गिरफ्तार कर लिया था. फिलहाल उससे पूछताछ चल रही है, ये साफ नहीं हो पाया है कि इस हत्याकांड के पीछे की क्या वजह थी. 

जापान के पीएम ने क्या कहा?
शिंजो आबे पर हुए इस हमले के बाद जापान के पीएम फुमियो किशिदा मीडिया के सामने आए और उन्होंने इस घटना की निंदा की. किशिदा ने कहा कि, देश में ऐसी घटना को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. जापान के पीएम ने इसे बर्बर और दुर्भाग्यपूर्ण बताया. साथ ही ये भी बताया कि 10 जुलाई को होने वाले चुनाव टाले जाएंगे या फिर नहीं, इसके लिए कैबिनेट की बैठक में फैसला लिया जाएगा. इस घटना ने दुनिया भर के नेताओं को हिला दिया है।

41 साल का हमलावर
स्‍थानीय मीडिया की मानें तो जिस शख्‍स ने आबे को गोली मारी है, उसकी उम्र 41 वर्ष है। उसका नाम यामागामी बताया जा रहा है। कहा जा रहा है कि जो गन, यामागामी ने यूज की, वो 3डी प्रिंटेड थी स्‍थानीय पुलिस की तरफ से इस पर कोई भी जानकारी नहीं दी गई है। शिंजो आबे जापान के सबसे ज्‍यादा समय तक पद पर रहने वाले पीएम रहे हैं। वो 52 वर्ष की उम्र में देश के पीएम चुने गए थे। उनके नाम पर सबसे कम उम्र का पीएम होने का रिकॉर्ड भी है। साल 2020 में कोलाइटिस बीमारी के चलते उन्‍होंने अपने पद से इस्‍तीफा दे दिया था।

जापान जहां पर ये घटना हुई है, वहां गन लॉ दुनिया में सबसे सख्‍त हैं। हर साल गोलीबारी की घटनाओं में मरने वालों की संख्‍या सिर्फ इकाई के आंकड़ें तक ही रहती है। आबे पर हमले के लिए स्‍टेनगन का प्रयोग किया गया है। वो एक चुनावी रैली में थे जब ये घटना हुई।

स्‍थानीय फायर डिपार्टमेंट की तरफ से कहा गया है कि पूर्व पीएम आबे को दिल का दौरा भी पड़ा है। पब्लिक ब्रॉडकास्‍टर एनएचके और क्‍योदो की तरफ से कोर्डियो रेस्‍पेरेटरी शब्‍द का प्रयोग तब तक किया जाता है जब तक डॉक्‍टर की तरफ से मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो जाती। उनकी स्थिति पर पुलिस की तरफ से कोई जानकारी नहीं दी गई है और न ही फायर डिपार्टमेंट ने इस पर कुछ कहा है।