छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे और जोगी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी के 45वें जन्मदिवस पर आज विशेष : जानिए अमित जोगी के बारे में…

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जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश अध्यक्ष श्री अमित जोगी जी को जन्मदिन की अग्रिम शुभकामनाओं के साथ आज 7 अगस्त को उनके 45 वें जन्मदिन पर विशेष…

छत्तीसगढ़ की राजनीति में तेजी से उभरता हुवा चमकता सितारा है अमित जोगी – महेश देवांगन 

छत्तीसगढ़ की राजनीतिक भविष्य है अमित जोगी, सभी दलों में से सबसे अधिक युवा और शिक्षित प्रदेश अध्यक्ष, कुशाग्र बुद्धि, प्रखर वक्ता, लेखक और विद्वान अधिवक्ता है अमित जोगी – गजेन्द्र देवांगन 

न्यायालयीन लड़ाई के माध्यम से दिलाया वैक्सीन फॉर ऑल का अधिकार  – भगवानू नायक 

धान सत्याग्रह, नौकरी भर्ती नियमितीकरण के खिलाफ आमरण अनशन, किसानों को खाद बीज के लिए कलेक्टर घेराव, नगरनार प्लांट की बिक्री का खुलासा, हस्तियों हरण की कटाई के विरुद्ध उठाई आवाज – प्रदीप साहू 

✍🏻 छत्तीसगढ़ की राजनीति में प्रमुख स्थान रखने वाले जोगी परिवार , राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री स्वर्गीय अजीत जोगी एवं छत्तीसगढ़ विधानसभा की सबसे वरिष्ठ महिला सदस्य कोटा विधायक डॉ रेणु जोगी के पुत्र जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के संस्थापक सदस्य और प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने राजनीति में अपने दम पर एक अलग पहचान बनाई और एक अलग मुकाम हासिल किया है। उन्होंने वर्ष 2010 में राजनीतिक जीवन में प्रवेश किया है।

इसके पहले उन्होंने तमिलनाडु, इंदौर से स्कूली शिक्षा हासिल करने के बाद जेएनयू दिल्ली में अध्ययन किया और वर्ष 2009 में पंडित रविशंकर विश्विद्यालय से एलएलबी में गोल्ड मेडल हासिल किया। लगभग 11 माह तक उच्च न्यायालय में अधिवक्ता रहे , छत्तीसगढ़ के संस्कार एवं संस्कृति को सीखने के लिए अपने पिता के बताए अनुसार उन्होंने बिल्हा के एक गांव में किसान के रूप में तीन माह गुजारे। दिनांक 19 जून 2010 में उन्होंने दक्षिण बस्तर के हिंसा के विरुद्ध युवाओं के साथ बस्तर सत्याग्रह कर ऐतिहासिक यात्रा निकाली ।

बेदराम साहू ने कहा कि अमित जोगी 2014 के विधानसभा चुनाव में सबसे अधिक वोटों से जीतने का रिकार्ड है अमित के नाम। मुख्य विपक्षी दल के नेताओं से अधिक अमित जोगी से घबराती है सत्ता दल, छत्तीसगढ़ राजनेता पुत्रों में सर्वाधिक लोकप्रिय है अमित जोगी 

वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव में सबसे अधिक वोटों से जीतकर विधानसभा पहुंचे और विधानसभा में विपक्ष के सबसे ताकतवर नेता बनकर उभरे, प्रखर वक्ता के रूप में उन्होंने छत्तीसगढ़ के गरीब, मजदूर, किसान, आदिवासी, युवा, महिलाओं की आवाज बने गरीबी, महंगाई, भ्रष्टाचार, भुखमरी, बेरोजगारी, शराबबंदी, आउटसोर्सिंग के खिलाफ आवाज बुलंद, उन्होंने बढ़ती हुई बिजली दर, अवैध उत्खनन, प्रदूषण नियंत्रण, पोलावरम बांध निर्माण, नगरनार विनिवेश, महानदी और इंद्रावती, राष्ट्रीयकरण और नस्कलवाद आदि मुद्दों पर हमेशा आवाज को बुलंद किए हैं।

अमित जोगी जब विधानसभा में दहाड़ते थे तब विधानसभा के अंदर पिंड्राप साइलेंट रहता था। अपने पिता के मृत्यु के बाद उनका आशीर्वाद लेकर नौकरी, भर्ती और नियमितकरण के लिए आमरण, अनशन, धान सत्याग्रह, विभिन्न जिलों में कलेक्टर घेराव सरकार की जनविरोधी नीतियों के विरुद्ध लगातार धरना प्रदर्शन और आंदोलन कर रहे हैं। यहीकारण है कि सत्ता दल मुख्य विपक्षी दल भाजपा से भी ज्यादा अमित जोगी से घबराते रही है।

19 जून 2010 को बस्तर सत्याग्रह के माध्यम से की राजनीति जीवन की शुरुवात, नारी अस्मिता के लिए कांकेर से रायपुर तक किया पद यात्रा

5 माह के आदिवासी बच्चे को गोद लेकर अमित जोगी ने दिया मानवता का परिचय, मुख्यमंत्री निवास के सामने आत्मदाह करने वाले स्व योगेश साहू की बहनों से प्रतिवर्ष राखी बंधवाकर भाई की कमी को पूरा करने का उठाया बीड़ा

इतना ही नहीं उन्होंने झरियामारी दुष्कर्म कांड के विरुद्ध प्रदेश में एक संदेश देने के लिए कांकेर से लेकर रायपुर तक एक विशाल नारी अस्मिता पदयात्रा निकाला जिसमें हजारों लोग शामिल हुए। वर्ष 2014 में उन्होंने बिलासपुर जिले के धनौली गांव में बैगा जाति के आदिवासी महिला चैती बाई जिसकी नसबंदी कांड में मृत्यु हो गई थी उसके 5 माह के बच्चे को गोद में लिया।

छत्तीसगढ़ दौरे में आए स्वयं तत्कालीन कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने उस बच्चे को गोद में लेकर दुलार किया था। मुख्यमंत्री निवास के सामने आत्महत्या करने वाले युवा बेरोजगार योगेश साहू के बहनों को राखी बंधवाकर अमित जोगी भाई बहन की रिश्ते की बेजोड़ मिशाल पेश की।

छत्तीसगढ़ की युवा राजनीति को नई दिशा देकर अनगिनत छत्तीसगढ़ियों को प्रांतीय और राष्ट्रीय स्तर में राजनीतिक पहचान दिलाई विधायक पेंशन की राशि, देते है गरीब निर्धन लोगों को

अमित जोगी कभी भी विधायक पेंशन की राशि नहीं लिए बल्कि उसे गरीबों में वितरण का काम करते रहे। अमित जोगी छत्तीसगढ़ के सभी राजनेताओं के पुत्रों में से सबसे लोकप्रिय नेता है। अमित जोगी एक लेखक, चिंतक, प्रखर वक्ता के साथ एक विद्वान अधिवक्ता भी है। छत्तीसगढ़ में सबसे अधिक शिक्षित राजनीतिक दल के अध्यक्ष है।

पिता स्व. अजीत जोगी की तरह छत्तीसगढ़ की जनता के नस नस से वाकिफ है अमीत जोगी 

स्व अजीत जोगी जी ने अपनी राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन की शुरुआत पदयात्रा से की थी उन्होंने छत्तीसगढ़ को पग-पग से नापा उन्हीं के नक्शे कदम में चलकर अमित जोगी भी अपनी राजनीतिक जीवन की शुरुआत बस्तर सत्याग्रह पद यात्रा के माध्यम से की जिस प्रकार स्व जोगी जी छत्तीसगढ़ की जनता की नस नस से वाकिफ थे वैसे ही अमित जोगी भी छत्तीसगढ़ की जनता की नस नस से वाकिफ है और लगातार उनके हक और अधिकार की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक लड़ रहे हैं।

न्यायलयीन लड़ाई के माध्यम से दिलाया वैक्सीन फॉर ऑल का अधिकार दिलाया

धान सत्याग्रह, नौकरी भर्ती नियमितीकरण के खिलाफ आमरण अनशन, किसानों को खाद बीज के लिए कलेक्टर घेराव, नगरनार प्लांट की बिक्री का खुलासा, हस्तियों हरण की कटाई के विरुद्ध उठाई आवाज

पिता स्वर्गीय अजीत जोगी जी के मृत्यु के पश्चात भी अमित जोगी हिम्मत नहीं हारे बल्कि लगातार उनके रास्ते पर चलकर जनहित की लड़ाई लड़ रहे हैं उन्होंने कोरोना जैसे भयंकर समय में वैक्सीन फॉर ऑल की न्यायालयीन लड़ाई लड़कर लोगों का अधिकार दिलाया । इसके पहले उन्होंने धान सत्याग्रह, नौकरी, भर्ती, नियमतिकरण के लिए आमरण अनशन किया। किसानों के खाद बीज के लिए लगातार कलेक्टर घेराव किया, हसदेव अरण्य कटाई का विरोध करते रहे, नगरनार प्लान के बिक्री का खुलासा किया और लगातार अमित जोगी छत्तीसगढ़, छत्तीसगढ़ी और छत्तीसगढ़िया के हित के लिए संघर्षरत हैं।

स्व. अजीत जोगी के अधूरे सपने को पूरा करेगा अमित जोगी, अर्जुन का अभिमन्यु नहीं अजीत का अमित है, सारे चक्रव्यूह को तोड़ेगा छत्तीसगढ़ में स्वराज लाएगा

महासचिव महेश देवांगन ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता आज उनमें अजीत जोगी को तलाशती है, अजीत जोगी के अधूरे सपने को अमित जोगी पूरा करेंगे। अमित जोगी छत्तीसगढ़ की राजनीति के भविष्य है।

विरोधियों के द्वारा हमेशा उन्हें चक्रव्यूह में फंसाने का प्रयास किया परंतु अमित जोगी अर्जुन के अभिमन्यु नहीं बल्कि अजीत के अमित है जो हर चक्रव्यूह को तोड़ते हुए आगे बढ़ रहे हैं और छत्तीसगढ़ की महतारी के लिए संघर्ष कर रहे है राजनीतिक परिस्थितियां आज विपरीत है पर अमित जोगी अपने पिता की तरह कभी न हार माननेवाला जिद्दी और जीवट जो छत्तीसगढ़ की हितों के साथ समझौता नहीं करते है। अमित जोगी के अंदर कूट कूट कर आत्मविश्वास भरा हुआ है जिस कारण आज भी प्रदेश के सैकड़ों युवा उनके एक आवाज में खड़े हो जाते जो छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा में उनके साथ जान देने को तैयार है।

संघर्ष की रात जितनी ज्यादा अँधेरी होती है,
सफलता का सूरज भी उतना ही तेज चमकता है

भगवानू नायक के कलम से… 🖊