चारों दिशाओं में ग्रेटर रायपुर:रायपुर में जुड़ेंगे 41 गांव; उरला, अछोली , धरसींवा, चरौदा, सिलतरा, बोरियाकला, सेजबहार, कुम्हारी और मंदिरहसौद तक होगा शहर…

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प्रस्तावित प्लान के अनुसार शहर का दायरा 226 वर्ग किमी से बढ़कर 503 वर्ग किमी हो जाएगा। शहर में 41 नए गांवों को जोड़ा जाएगा। - Dainik Bhaskar

प्रस्तावित प्लान के अनुसार शहर का दायरा 226 वर्ग किमी से बढ़कर 503 वर्ग किमी हो जाएगा। शहर में 41 नए गांवों को जोड़ा जाएगा।

रायपुर शहर का नया मास्टर प्लान 30 लाख की आबादी को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। प्रस्तावित प्लान के अनुसार शहर का दायरा 226 वर्ग किमी से बढ़कर 503 वर्ग किमी हो जाएगा। शहर में 41 नए गांवों को जोड़ा जाएगा। इनको मिलाकर शहर की सीमा में कुल 106 गांव आ जाएंगे। नए प्लान में शहर की सीमा जयस्तंभ चौक से पूर्व दिशा में मंदिरहसौद तक, पश्चिम में कुम्हारी तक, उत्तर में सिमगा और दक्षिण में पुराना धमतरी रोड पर खिलौरा तक हो जाएगी। ऐसा पहली बार हो रहा है कि रायपुर शहर के प्लान में जिले के बाहर का हिस्सा भी शामिल किया गया है।

2031 के मास्टर प्लान में कचना में प्रीमियम रेसीडेंशियल जोन के रूप में डेवलप करने की योजना बनाई गई है। अब नई और पुरानी मास्टर प्लान रोड समेत 30 से ज्यादा सड़कों को शामिल किया गया है। रिंग रोड नंबर-4 रायपुर को चारों ओर की मुख्य सड़कों से जोड़ेगा। इनको जोड़ने के बाद रायपुर को करीब 40 किमी नई सड़कें मिलेंगी, जिससे पुराने शहर का ट्रैफिक दबाव कम होगा।

प्रस्तावित प्लान के अनुसार शहर का दायरा 226 वर्ग किमी से बढ़कर 503 वर्ग किमी हो जाएगा। शहर में 41 नए गांवों को जोड़ा जाएगा।

रायपुर शहर का नया मास्टर प्लान 30 लाख की आबादी को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। प्रस्तावित प्लान के अनुसार शहर का दायरा 226 वर्ग किमी से बढ़कर 503 वर्ग किमी हो जाएगा। शहर में 41 नए गांवों को जोड़ा जाएगा। इनको मिलाकर शहर की सीमा में कुल 106 गांव आ जाएंगे।

नए प्लान में शहर की सीमा जयस्तंभ चौक से पूर्व दिशा में मंदिरहसौद तक, पश्चिम में कुम्हारी तक, उत्तर में सिमगा और दक्षिण में पुराना धमतरी रोड पर खिलौरा तक हो जाएगी। ऐसा पहली बार हो रहा है कि रायपुर शहर के प्लान में जिले के बाहर का हिस्सा भी शामिल किया गया है।


2031 के मास्टर प्लान में कचना में प्रीमियम रेसीडेंशियल जोन के रूप में डेवलप करने की योजना बनाई गई है। अब नई और पुरानी मास्टर प्लान रोड समेत 30 से ज्यादा सड़कों को शामिल किया गया है। रिंग रोड नंबर-4 रायपुर को चारों ओर की मुख्य सड़कों से जोड़ेगा। इनको जोड़ने के बाद रायपुर को करीब 40 किमी नई सड़कें मिलेंगी, जिससे पुराने शहर का ट्रैफिक दबाव कम होगा।

पश्चिम : खारुन किनारे तक नए ट्रांसपोर्ट-कमर्शियल जोन

15 किमी दूर खारुन नदी (कुम्हारी) तक के हिस्से को ट्रांसपोर्टेशन जोन में डेवलप करने का प्लान है। इस चौराहे से रिंग रोड-2 पर हीरापुर तक ट्रांसपोर्ट जोन बनेगा। इसकी कनेक्टिविटी सीधे सिलतरा से भी है, इसलिए यहां इंडस्ट्रियल जोन के साथ थोक बाजार भी विकसित किए जाएंगे। टाटीबंध से कुम्हारी तक का क्षेत्र भिलाई-दुर्ग और बिलासपुर से सीधी कनेक्टिविटी वाला है। इसलिए यहां प्लान में कमर्शियल जोन बनाने पर ज्यादा जाेर है।

रायपुर के नए मास्टर प्लान में दूसरे जिलों के इलाके इसलिए शामिल किए जा रहे हैं, ताकि शहर बढ़ने की दशा में इन क्षेत्रों का भी विकास एक समान या आने वाली आबादी को ध्यान में रखकर किया जा सके। टाउन प्लानिंग विभाग के अनुसार प्लान में रायपुर शहर सीमावर्ती जिलों दुर्ग, धमतरी, महासमुंद और बिलासपुर की सीमा तक पहुंच जाएगा।

पूर्व : पुराना रायपुर और नई राजधानी के बीच बफर जोन

10 किलोमीटर में रायपुर और नवा रायपुर के बीच एक नया बफर जोन बनाने की योजना है। यह जोन आरंग, बोरियाकला, और नवा रायपुर को जोड़ेगा। यह क्षेत्र ग्रीन कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा। प्लान में ग्रीन जोन बनाने के लिए जमीन की पहचान के साथ-साथ कई हेक्टेयर एरिया आरक्षित कर लिया गया है। पर्यावरण संरक्षण के लिए प्लान में पहली बार बफर जोन बनाया जा रहा है, जिससे प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी।

दक्षिण : सीमावर्ती गांव शहर में होंगे, बनेगा एजुकेशन हब

नए मास्टर प्लान में दक्षिण की सीमा में धमतरी रोड पर खिलौरा गांव तक रायपुर शहर का विस्तार किया जाएगा। पुराने धमतरी रोड पर खिलौरा तक आधा दर्जन से ज्यादा गांव रायपुर में शामिल होंगे। सेजबहार और उसके आसपास उच्च शिक्षा के संस्थानों और इंजीनियरिंग कॉलेजों के संचालन के कारण यह इलाका अभी से एजुकेशनल हब में बदल रहा है। पुराने प्लान में इसी रोड के डूंडा गांव तक का इलाका रायपुर में शामिल किया गया था।

क्या-क्या है नए प्लान में

शहर को मिलेंगे नए औद्योगिक इलाके और थोक बाजार

  • नए मास्टर प्लान में नए एजुकेशन, लाॅजिस्टिक और इंडस्ट्रियल जोन तय किए गए हैं।
  • अलग थोक बाजार के अलावा नए कमर्शियल इलाके भी बनाए जाएंगे। बाजार का विस्तार होगा।
  • आबादी के अनुसार हर जोन में स्कूल, पार्क, खेल मैदान, छोटे-बड़े अस्पताल, पार्किंग बनेंगे।
  • नई कॉलोनियां विकसित होंगी। फोरलेन सड़कें बनेंगी। पुरानी सड़कें चौड़ी की जाएंगी।
  • बिजली, पानी, सड़क की सुविधा हर वार्ड और गांव में मिल जाएगी। आबादी जोनवार बंटेगी।
  • आवास, व्यावसायिक, आमोद-प्रमोद के अलावा जमीन का चयनित और पूरा उपयोग होगा।
  • एक इलाके से दूसरे इलाके की कनेक्टिविटी के लिए सिटी ट्रांसपोर्ट के साधन बढ़ेंगे, सपरेट होंगे।

इन गांवों को शामिल किया जाएगा प्लान में
मोंहदी, टांडा, अकोली, नगरगांव, गिरौध, मांढर, नेउरडिह, मटिया, दोंदेकला, दोंदेखुर्द, भुरकोनी, टेकारी, गिरौध, धनेली-1 सेमारीया, बरौंदा, परसुलडीह, आमासिवनी, सकरी, कचना, पिरदा, तुलसी, धरसींवा, चरौदा, सिलतरा, सांकरा, परसतराई, मुरेठी, बहेसर, चिखली, सोंडरा, निमोरा-1, कुम्हारी, कन्हेरा, पठारीडीह, उरला, अछोली, बेंद्री, बोरझरा, तेंदुवा गोमची, हतबंध, बोरियाकला, धनेली, भटगांव, धुसेरा, सिवनी, सिंगारभाटा, सेजबहार, मुजगहन, काठाडीह, दतरेंगा, खिलौरा।

(  सोर्स – दैनिक भास्कर  )