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पीएचई विभाग द्वारा राज्य के हर व्यक्ति को 55 लीटर शुद्ध पानी दिया जा रहा है

21 june 2020,

City News – CN      City news logo

रायपुर | राज्य सरकार वर्षा जल संचय व भूजल संवर्धन के साथ सतही जल स्रोत का उपयोग कर साफ पानी उपलब्ध कराने की नीति पर काम कर रही है। पीएचई का दावा है कि छत्तीसगढ़ राज्य हर व्यक्ति को प्रतिदिन 55 लीटर शुद्ध पेयजल की उपलब्ध कराने वाले प्रदेशों में शामिल हो गया है।

गांवों में पेयजल योजनाओं के लिए 2 हजार की आबादी के बंधन को समाप्त कर कम आबादी वाले गांवों में भी योजनाओं के माध्यम से जलापूर्ति की व्यवस्था से ग्रामीणों को आसानी से पानी मिल रहा है। सरकार ने बीपीएल परिवारों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 2019 में मिनीमाता अमृत धारा योजना प्रारंभ की है।

इसके अंतर्गत इन परिवारों को मुफ्त नल कनेक्शन दिया जा रहा। इस महत्वाकांक्षी योजना से अब तक 40 हजार 831 परिवारों को मुफ्त घरेलू नल कनेक्शन दिया जा चुका है। 

12 जिलों में नाइट्रेट की मात्रा स्टैंडर्ड से 45 मिलीग्राम ज्यादा

केंद्रीय भूजल बोर्ड द्वारा पानी की गुणवत्ता यानी क्वालिटी को लेकर 2019 के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में 12 जिलों में कुछ एक स्थानों पर नाइट्रेट की मात्रा मानक 45 मिलीग्राम प्रतिलीटर से ऊपर पाई गई है।

एक जिले के कुछ एक स्थानों पर 0.01 मिग्रा से अधिक आर्सेनिक, 17 जिलों में 1 मिग्रा से ऊपर लौह, एक जिले में 0.01 मिग्रा से अधिक सीसा, एक जिले की कुछ जगहों पर 0.003 मिग्रा प्रतिलीटर से अधिक कैडमियम और 1 जिले के कुछ स्थानों पर 0.05 मिग्रा प्रतिलीटर से ज्यादा क्रोमियम पाया गया है।

राजधानी में भी नलजल योजना के तहत शहर में वितरित किए जा रहे पानी में कई जगहों सैंपल दूषित पाए गए हैं। इस साल अप्रैल में पानी की क्वालिटी को लेकर निगम व स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट भी सामने आई है।

राजनांदगांव जिले की चौकी नगर पंचायत और आस-पास के 20 गांवों में जहां के भू-जल में आर्सेनिक जैसे विषैले तत्व की अधिकता थी, वहां आर्सेनिक रिमूवल प्लांट लगाकर लगभग 40 हजार लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।

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