रायपुर l राजधानी में ड्रग्स तस्करी करने वाले इंटरनेशनल नाइजीरियाई माफिया पेट्रिक यूबीके बायको को पुलिस ने दबोच लिया। मुंबई के नाला सुपोरा के मकान में छापा मारकर उसे गिरफ्तार किया गया।

पेट्रिक ने ही रायपुर में ड्रग्स तस्करी की चेन तैयार की थी। वह पिछले दिनों गिरफ्तार मुंबई के ट्रांसपोर्टर रायडेन बेथेलाे की मदद से राजधानी में ड्रग्स सप्लाई करता था। रायडेन की गिरफ्तारी के बाद ही पुलिस को पेट्रिक का क्लू मिला। सायबर क्राइम सेल की टीम ने एक हफ्ते ऑपरेशन चलाकर उसे पकड़ा।

पेट्रिक का इंटरनेशल ड्रग्स माफिया से सीधा संबंध है। वह विदेश से ड्रग्स मंगवाकर उसकी तस्करी करता था। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी बेहद गोपनीय तरीके से की। पुलिस ने जब छापा मारा तब वह अकेला था।

पुलिस की टीम दोस्त बनकर उसके घर में घुसी और उसे काबू में कर सीधे रायपुर ले आई। पुलिस को आशंका थी कि उसकी गिरफ्तारी का हल्ला मचने से वह अपने गैंग की मदद से कोई न कोई समस्या खड़ी कर सकता था।

अब उसे रिमांड पर लेकर मुुंबई ले जाया जाएगा। एसएसपी अजय यादव ने बताया कि मुंबई में उसके घर की तलाशी ली जाएगी। एसएसपी के अनुसार पेट्रिक की महिला मित्र और उसका भाई गायब हैं। पुलिस की एक टीम उनकी तलाश में जुटी है।

पेट्रिक के मोबाइल की प्रारंभिक जांच में इनपुट मिला है कि वह खुद कभी रायपुर नहीं आया, लेकिन वह अपने भाई को यहां डील करने भेजता रहा है। उसके भाई ने ही रायडेन की मदद से यहां ड्रग्स सप्लाई करने वाले एजेंट तैयार किए।

पुलिस के अनुसार नाईजीरियाई माफिया पेट्रिक करीब 4 साल पहले वर्किंग वीजा लेकर यहां आया है। पुलिस ने विदेश मंत्रालय को पत्र लिखकर उसके वीजा के बारे में जानकारी मांगी है।

टैक्सी वालों का बनाया सप्लाई गैंग
एसएसपी यादव ने बताया पेट्रिक ने ऑटो और टैक्सी वालों का गैंग बनाया। वह उन्हीं के माध्यम से मुंबई में ड्रग्स ग्राहकों तक पहुंचाता है। उसके संपर्क में मुंबई के 30 से ज्यादा टैक्सी और ऑटो वाले हैं।

वह उन्हें ड्रग्स का पैकेट छोड़ने के लिए कमीशन देता है। ऑटो वाले ही उसे ग्राहक लाकर देते हैं। मुंबई आने वालों को ऑटो और टैक्सी वाले ही ड्रग्स के लिए ऑफर करते थे। पेट्रिक किसी से सीधा नहीं मिलता था।

रायडेन की मुलाकात पेट्रिक से मुंबई के एक क्लब में हुई थी। जहां रायडेन अपने दोस्तों के साथ पार्टी करने गया। वहीं से रायडेन से पेट्रिक से ड्रग्स खरीदना शुरू किया।

अब तक 16 गिरफ्तार
पुलिस अब तक रैकेट में शामिल 16 तस्करों और एजेंटों को गिरफ्तार कर चुकी है। 28 सितंबर को सबसे पहले बैरनबाजार के श्रेयांस झाबक और विकास बंछोर को गिरफ्तार किया गया।

दोनों से पूछताछ के बाद बिलासपुर और भिलाई-दुर्ग में छापे मारकर वहां से एक दर्जन तस्करों के साथ रायपुर के बड़े होटल कारोबारियों को भी गिरफ्तार किया। फिलहाल देवेंद्र नगर, मौदहापारा, बैरनबाजार और भिलाई की दो युवतियों समेत 5 लोगों की तलाश की जा रही है। इनमें एक महिला के विदेश भागने की चर्चा है।

ऐसे मिला था क्लू
पुलिस ने मुंबई के रायडेन बेथेलो की गिरफ्तारी के बाद उसके मोबाइल की जांच की। इसी दौरान नाइजीरियन तस्कर पेट्रिक यूबीके बायको (35) का फोन नंबर मिला। पेट्रिक और रायडेन के बीच वाट्सअप पर लगातार चैट होने का पता चला।

पुलिस के अनुसार ट्रांसपोर्टर रायडेन ड्रग्स की पूरी खेप पेट्रिक से ही खरीदता था। पुलिस ने पहले पेट्रिक का मोबाइल नंबर पता लगाया फिर उसका कॉल डिटेल निकाला।

लगातार तकनीकी निगरानी के बाद टीम को मुंबई भेजा गया। टीम गुरुवार को मुंबई के नालासोपारा के एक चाल में छापा मारा। पेट्रिक वहां किराए पर रहता था। उसे पुलिस ने उसे मकान में गिरफ्तार किया।