बिलासपुर। मरवाही उपचुनाव इस बार सामान्य नहीं रहेंगे। इसका अंदाजा एक वायरल वीडियो से लगाया जा सकता है। इसमें पूर्व सीएम अजीत जोगी की पत्नी रेणू जोगी दिख रही हैं। वे लोगों को अजीत जोगी पर लिखी किताब बांट रही हैं।

लोगों से कह रही हैं, बेटे अमित जोगी को नामांकन काट दिया गया। अन्याय हुआ है, अब आप लोगों को बदला लेना है। दरअसल मरवाही से विधायक रहे अजीत जोगी के निधन के बाद यहां उपचुनाव हो रहे हैं। जाति प्रमाण को फर्जी बताकर अमित जोगी और उनकी पत्नी ऋचा जोगी का नामांकन रद्द कर दिया गया। अब मरवाही उपचुनाव ने जनता कांग्रेस पार्टी और जोगी परिवार पूरी तरह से बाहर है। 

अमित की न्याय यात्रा

मंगलवार को अपनी पार्टी की तरफ से अमित जोगी ने घोषणा की है। उन्होंने कहा कि अब हम न्याय यात्रा लेके जन जन तक जायेंगे। मरवाही के हर गांव मे हर गली मे जनता कांग्रेस की न्याय यात्रा निकलेगी जो वोट के लिए नहीं पर न्याय के लिए होगी। मुझे पुरा विश्वास है की मरवाही अजित जोगी और उनके परिवार के साथ हो रहे इस अन्याय के खिलाफ न्याय जरूर करेगा ।

कुछ लोग इस गलत फहमी मे हैं की जोगी परिवार को चुनाव लड़ने से रोक कर उन्होंने जोगी परिवार को खत्म कर दिया है। पर मैं उन्हें कह देना चाहता हूँ की ये पिक्चर का अन्त नहीं है, पिक्चर अभी बाकी है।

मरवाही उपचुनाव को लेकर नामांकन की आखिरी तारीख 16 अक्टूबर तक थी। नॉमिनेशंस की स्क्रूटनी 17 अक्टूबर को हुई। 19 अक्टूबर तक उम्मीदवारों नाम वापस लेने की मोहलत दी गई थी। इसके बाद अब वोटिंग 3 नवंबर को होगी। वोट की गिनती यानी नतीजे 10 नवंबर को आएंगे।

दरअसल, पिछले दिनों इस सीट से विधायक और प्रदेश के पहले सीएम अजीत जोगी का निधन हो गया। जिसके बाद यह सीट खाली थी।