रायपुर जिले में 21 सितंबर से 28 सितंबर तक लॉकडाउन की घोषणा की गई है। बीते माह की तरह अगले छह दिनों के लिए लॉकडाउन बढ़ाया जा सकता है।

हालांकि इस पर अभी फैसला नहीं हो पाया है। कलेक्टर को प्रभारी मंत्री के निर्देश का इंतजार है।

बतादें कि इस एक सप्ताह के लॉकडाउन का उद्देश्य कोरोना की चेन को तोड़ना था। हालांकि अभी तक रोज आने वाले कोरोना के पाजीटिव मामलों में ज्यादा कमी देखने को नहीं मिली है, बल्कि आज सर्वाधिक 4000 के करीब नये मरीज मिले है और 23 मरीजों की मौत हुई है, इसलिए लॉकडाउन की अवधि को बढ़ाने पर निर्णय लिया जा सकता है।

वहीं लॉकडाउन बढाने का विरोध करते हुवे व्यापारियों ने आक्रोश भरे शब्दों में कहा कि कलेक्टर रायपुर को हमने लॉकडाउन की सहमति इसलिये दी थी कि कोरोना का रोकथाम हो सके , कोरोना का चैन टूट सके, कलेक्टर से  हमारी चर्चा भी संपू्र्ण लॉकडाउन लगाये जाने की हूई थी लेकिन सरकार ने केवल हमारे साथ ही नही बल्कि राजधानी के आम जनता के साथ भी धोखा किया है , हमारे सहयोग को भुना नही पाये, उल्टा अपने कार्यशैली और अनलॉक जैसे आमदिनों की तरह शहर में दिखे भीडभाड ने कोरोना के चैन को तोडने में फैल हो गये ये शासन – प्रशासन की बडी लापरवाही है , इनके कार्यशैली से सभी व्यापारी आक्रोशित है, आम दिनों की तरह शहर में ट्राफिक है , दो पहिया , चार पहिया की भीड के कारण जाम लगी है , अनावश्यक बाहर घुमने वाले एक भी वाहन जप्त नही किये , किसी पर कोई सख्त कार्यवाही नही किया गया, केवल चालान काटकर पैसा वसूल करना तो आमदिनो की तरह है,  फैक्टरियां धडल्ले से चल रही है , मजदूर अपने घरों से काम पर जा – आ रहे हैं , फिर किस बात का लॉकडाउन ….ये सरकार और कलेक्टर व्यापारियों को बेवकूफ समझ रही है , पता नही क्यूं सरकार हमारे साथ बार बार एैसा कर रही है , 

बतादें कि नवंबर माह से दुर्गापूजा समेत दशहरा दीवाली और कई त्योहार शुरू होने जा रहे हैं। जिसकी वजह से व्यापारी  लॉकडाउन बढ़ाने का विरोध कर रहे हैं। 

बता दें राजधानी में कोरोना संक्रमण तेजी से फ़ैल रहा था। कोरोना की चेन तोड़ने के लिए शासन ने रायपुर में लॉकडाउन का फैसला लिया। रायपुर में अब तक 31 हजार से अधिक कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं। जबकि राजधानी में 387 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है।

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