इस बार पांच माह का होगा चातुर्मास देवशयनी एकादशी के बाद नहीं होंगे विवाह

26 june 2020,

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रायपुरचार दिन बाद 1 जुलाई को देवशयनी एकादशी पड़ रही है। इस दिन सभी देवगण चार माह के लिए विश्राम पर चले जाएंगे और चातुर्मास का शुभारंभ हो जाएगा। देवशयनी एकादशी से पहले मात्र दो शुभ मुहूर्त बचे हैं। इसके बाद चातुर्मास लग जाने से अगले पांच माह तक कोई भी शुभ संस्कार नहीं होंगे। शादी की शहनाइयां भी नहीं बज सकेंगी।

एकादशी पर लौटेंगे भगवान जगन्नाथ

इन दिनों भगवान जगन्नाथ अपने मूल मंदिर में नहीं हैं। वे 23 जून को अपनी मौसी के घर गुंडिचा मंदिर गए, जहां विश्राम कर रहे हैं। भगवान के विश्राम की अवधि दशमी तिथि को खत्म होगी। इसके अगले दिन एकादशी को भगवान वापस अपने मूल मंदिर में लौटेंगे। इसे देवशयनी एकादशी कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु क्षीरसागर में विश्राम करने चले जाते हैं। साथ ही अन्य देवगण भी विश्राम करते हैं।

चार माह बाद देवउठनी एकादशी पर जागेंगे भगवान

हिंदू संवत्सर के अनुसार आषाढ़ शुक्ल एकादशी से लेकर कार्तिक शुक्ल एकादशी तक भगवान का विश्राम काल माना जाता है। 25 नवंबर को जिस दिन भगवान जागेंगे उस दिन देवउठनी एकादशी मनाई जाएगी। इसके साथ ही पुनः सभी शुभ संस्कारों की शुरुआत होगी।

जैन साधु-संत एक जगह रहकर करेंगे आराधना

मान्यता है कि चातुर्मास के दौरान भगवान का पूजा-पाठ करने, कथा सुनने से पापों का नाश होता है और मोक्ष का द्वार खुलता है। इस मान्यता के चलते जैन धर्म में साधु, संत एक ही जगह रहकर आराधना करते हैं। चातुर्मास में भ्रमण नहीं करते, ताकि पैरों के नीचे आकर जीव-जंतुओं की हत्या न हो। हिंदू धर्म में भी भजन, कीर्तन, सत्संग, श्रीरामकथा, श्रीमद्भागवत कथा, शिव पुराण कथा, देवी भागवत कथा सुनने का विधान है।

इस बार चार नहीं, पांच माह का होगा चातुर्मास

पुजारी पं. मनोज शुक्ला के अनुसार इस साल चातुर्मास चार नहीं बल्कि पांच माह का होगा। ऐसा संयोग 19 साल पहले 2001 में बना था। वर्षा ऋतु से सूर्य का दक्षिणायन होता है। देवशयनी से चातुर्मास का प्रारंभ माना जाता है जो 1 जुलाई को पड़ रही है।

चातुर्मास में मांगलिक कार्य जैसे विवाह, सगाई, गृह प्रवेश, नया वाहन, मकान, जनेऊ, मुंडन आदि संस्कार नहीं किए जाते। इस बार क्वांर यानी आश्विन मास में अधिक मास अर्थात पुरुषोत्तम मास पड़ रहा है। इसके चलते क्वांर माह 30 दिनों के बजाय 60 दिनों का रहेगा। एक महीना बढ़ जाने से चातुर्मास भी पांच माह का होगा

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