Home India news पास होने के बावजूद पांचवीं के विद्यार्थियों को रिपोर्ट कार्ड में बताया...

पास होने के बावजूद पांचवीं के विद्यार्थियों को रिपोर्ट कार्ड में बताया फेल ; आईये जानें पूरी खबर

Treatments of lotus dental clinic birgaon

पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों की अंकसूची में गड़बड़ी, शिकायत के बाद राज्य शिक्षा केंद्र ने एजेंसी से मांगा जवाब।

5वीं के रिजल्ट में पास, लेकिन अंकसूची में फेल

MP 5th Result 2023: इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। पांचवीं-आठवीं बोर्ड परीक्षा से लेकर रिजल्ट में गड़बड़ियां थम नहीं रही हैं। सप्ताहभर पहले राज्य शिक्षा केंद्र ने पूरक परीक्षा का परिणाम दिया। कम्प्यूटराइज्ड अंकसूची में भारी गलतियां की गई हैं। सारे विषयों में पास विद्यार्थियों को अनुत्तीर्ण दर्शाया है। यहां तक कि विद्यार्थियों और उनके माता-पिता का नाम भी अंकित नहीं है। वहीं कई विद्यार्थियों की आनलाइन अंकसूची में अर्द्ध वार्षिक परीक्षा के अंक नहीं जोड़े गए हैं।

केस 1 – अर्द्ध वार्षिक परीक्षा

कनाडिया रोड स्थित निजी स्कूल के पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाले हर्शिल शर्मा के रिजल्ट में अर्द्ध वार्षिक परीक्षा के अंक नहीं जोड़े है। 60 अंक की मुख्य परीक्षा और 20-20 अंक के अर्द्ध वार्षिक व प्रोजेक्ट है। इनमें 35 फीसद अंक लाना जरूरी है। अंकसूची में प्रोजेक्ट मार्क्स मिले है। पर अर्द्ध वार्षिक नहीं दर्शाए है। मुख्य परीक्षा में पास होने के बावजूद विद्यार्थी रिजल्ट में फेल हो गया है।

केस 2 – सभी विषयों में पास पर अंकसूची में फेल

खजराना सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली विनिता सेन मुख्य परीक्षा में सभी विषयों में पास है। मगर अंकसूची में अनुर्तीण दर्शाया है। पूरक परीक्षा का रिजल्ट आने के बाद छात्रा अपने माता-पिता के साथ तीन बार स्कूल के चक्कर लगा चुकी है। पर समस्या का समाधान नहीं हुआ है।

अंकसूची में सुधार के लिए लगाने पड़ रहे चक्कर

अंकसूची सुधारवाने के लिए विद्यार्थियों को स्कूल और जिला परियोजना समन्वयक कार्यालय के चक्कर लगाना पड़ रहे है। इस बारे में शिकायत पूरे प्रदेशभर से राज्य शिक्षा केंद्र मुख्यालय तक पहुंची है। अधिकारियों ने एजेंसी को नोटिस देकर जवाब मांगा है।

कई स्कूलों में रहा था जीरो रिजल्ट

2022-23 सत्र में सरकारी के साथ ही निजी स्कूलों में पढ़ने वाले पांचवीं-आठवीं के विद्यार्थियों की बोर्ड परीक्षा करवाई। जल्दबाजी में परीक्षा करवाने में विद्यार्थियों को केंद्र आवंटित करने में गड़बड़ी हुई। मुख्य परीक्षा परिणाम जारी होते समय कई स्कूलों का जीरो रिजल्ट रहा। इसके चलते केंद्र ने मेरिट विद्यार्थियों की सूची नहीं निकाली। यहां तक कि हजारों की संख्या में विद्यार्थी एक से दो विषय में फेल हो गए। आनन-फानन में केंद्र ने जून में पूरक परीक्षा करवाई।

स्कूल का तर्क, अर्द्ध वार्षिक परीक्षा के अंक भेजे थे

कापियां भी जांचने का काम पंद्रह दिनों में किया गया। 15 जुलाई को पांचवीं-आठवीं का पूरक परिणाम निकाला गया। सूत्रों के मुताबिक कई विद्यार्थी मुख्य-पूरक परीक्षा में भले ही पास हो चुके है। मगर अर्द्ध वार्षिक परीक्षा और प्रोजेक्ट में फेल हुए हैं। अब विद्यार्थियों की समस्या बढ़ गई है, क्योंकि स्कूल प्रबंधन ने तर्क दिया है कि अर्द्ध वार्षिक परीक्षा के अंक भेजे गए थे।

वहीं कम्प्यूटर आपरेटर ने अपनी तरफ से अंक चढ़ाने की बात कहीं। सूत्रों के मुताबिक विभाग बीच का रास्ता निकलने में लगे है। जिला परियोजना समन्वयक सीएस धार्वे ने बताया कि विद्यार्थियों की कम्प्यूटराइज अंकसूची में गड़बड़ी मिली है। उसमें सुधार करवाया जाएगा। इसके लिए मुख्यालय में चर्चा की गई है।

Verified by MonsterInsights