राष्ट्रीय पार्टी बन जाएंगी आम आदमी पार्टी.. गुजरात और हिमाचल के नतीजे करेंगे तय…

242

सिटी न्यूज़ ……गुजरात और हिमाचल प्रदेश विधान सभा चुनाव के नतीजे आने के साथ ही आम आदमी पार्टी के रूप में देश को एक नया राष्ट्रीय राजनीतिक दल मिल जाएगा. 8 दिसंबर को आठवें राष्ट्रीय दल के ग्रुप में आप की एंट्री का रास्ता साफ हो जाएगा. गुरुवार को आम आदमी पार्टी निर्वाचन आयोग की ओर से राष्ट्रीय पार्टी होने की पात्रता पूरा करने में सक्षम हो जाएगी. अब तक देश में सात राष्ट्रीय दल हैं. कांग्रेस, बीजेपी, बीएसपी, सीपीआई, सीपीएम, राष्ट्रवादी कांग्रेस यानी एनसीपी और तृणमूल कांग्रेस यानी टीएमसी.दिल्ली, पंजाब में सत्ता हासिल करने और गोवा विधानसभा में दो विधायक जीतने के बाद अब गुजरात और हिमाचल में मिले मत प्रतिशत इसे राष्ट्रीय दल का दर्जा दिला सकते हैं. हालांकि एमसीडी में जीत के आंकड़े हौसला बढ़ाने के लिए तो सही हैं लेकिन उनका राष्ट्रीय दल बनाने की प्रक्रिया में कोई योगदान नहीं है. राष्ट्रीय दल का दर्जा मिलने के बाद आम आदमी पार्टी को दिल्ली में बड़ा दफ्तर और पूरे देश में एक चुनाव चिह्न के साथ-साथ अन्य बहुत सी सुविधाएं भी मिलेंगी.

अन्ना आंदोलन ने निकल कर अरविंद केजरीवाल साल 2013 में आम आदमी पार्टी के नाम से राजनीतिक दल का गठन किया था. इस दल ने दिल्ली में हुए चुनाव में 28 सीटें जीतकर प्रदेश में मान्यता प्राप्त की थी. दिल्ली के साथ पंजाब में भी आम आदमी पार्टी की मौजूदा समय में सरकार है. इसके अलावा गोवा विधान सभा में दो विधायक और 6.8 फीसदी किया था. इस आधार पर दिल्ली, पंजाब , गोवा में आम आदमी पार्टी एक पंजीकृत मान्यता प्राप्त पार्टी है, जिसके पास चुनाव चिन्ह के रूप में झाड़ू है.

क्या है राष्ट्रीय पार्टी बनने का पैमाना?

संविधान विशेषज्ञ डॉक्टर सुभाष कश्यप के मुताबिक राष्ट्रीय दल होने की तीन मुख्य शर्तों या पात्रता में से एक शर्त ये है कि कोई भी राजनीतिक दल चार लोकसभा सीटों के अलावा लोकसभा में 6 फीसदी वोट हासिल करे. या फिर विधानसभा चुनावों में चार या इससे अधिक राज्यों में कुल 6 फीसदी या ज्यादा वोट शेयर जुटाए.

गोवा में भी AAP ने 6.77 फीसदी वोट शेयर के साथ दो सीटें हासिल की. कुछ अन्य राज्यों में भी आम आदमी पार्टी की हिस्सेदारी और वोट शेयर हैं. अब यह चर्चा होने लगी है कि आम आदमी पार्टी राष्ट्रीय पार्टी (National Party) बनने जा रही है. चुनाव के राजनीतिक नियमों के जानकार केजे राव के मुताबिक निर्वाचन आयोग के सफाई अभियान के बाद अब देश में करीब 400 राजनीतिक पार्टियां हैं. लेकिन इनमें से महज 7 को ही राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा प्राप्त है.