उद्धव ने सीएम एकनाथ शिंदे को शिवसेना से निकाला ; पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहने का दिया हवाला ; 14 सांसद शिवसेना से कर सकते हैं बग़ावत

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मुंबई। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने की बात बताते हुए शिवसेना के सभी पदों से मुक्त करने के साथ पार्टी से भी निकाल दिया है।

महाराष्ट्र शिवसेना विधायक दीपक केसरकर ने कहा कि उद्धव ठाकरे बड़े कद के नेता हैं और हम उनके खिलाफ नहीं बोलेंगे। हम उनसे सही समय पर बात करेंगे। सभी गलतफहमियों को सुलझा लिया जाएगा।

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चार जुलाई को शक्ति परीक्षण

शिवसेना-भाजपा गठबंधन सरकार चार जुलाई को विधानसभा में शक्ति परीक्षण का सामना करेगी। इससे पहले भाजपा विधायक राहुल नार्वेकर ने शुक्रवार को विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किया। आवश्यकता पड़ने पर इस पद के लिए तीन जुलाई को चुनाव कराया जाएगा। तीन जुलाई से ही दो दिवसीय विशेष सत्र शुरू हो रहा है। कांग्रेस के नाना पटोले के पिछले साल फरवरी में इस्तीफा देने के बाद से यह पद खाली था।

बता दें कि शिंदे ने बीते दिन ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला था। उनके साथ भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। हालांकि, उद्धव ठाकरे के इस फैसले को शिंदे के उन दावों पर हमला बताया जा रहा है, जिसके जरिए वे शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे की विरासत पर दावा कर रहे हैं।

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एकनाथ शिंदे की बगावत और इसके परिणाम स्वरूप उद्धव ठाकरे के इस्तीफे के बाद शिवसेना अब राजनीतिक दोराहे पर है। इस बीच पार्टी को फिर बड़ा झटका लग सकता है। बीजेपी के एक बड़े नेता ने दावा किया है कि शिवसेना के संसदीय दल में भी समानांतर बग़ावत होगी।

उन्होंने कहा कि इसके लिए राष्ट्रपति पद के मतदान का इंतज़ार करिए, सूत्रों के मुताबिक़ कम से कम 14 सांसद शिवसेना से बग़ावत कर सकते हैं। यह भी कहा बताया जा रहा शिवसेना सांसद और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे श्रिकांत शिंदे के साथ कुछ और सांसद शिवसेना में बगावत कर सकते हैं