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कवर्धा। कोरोना वायरस का प्रमुख लक्षण सर्दी, खांसी और सामान्य बुखार है। ऐसे लक्षण दिखने पर मरीजों का कोरोना जांच की जाती है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों का कोरोना जांच नही बल्कि झोलाछाप डॉक्टर सीधे मरीजों का इलाज कर रहे हैं। इस प्रकार कोरोना को जिले में और हवा दी जा रही है।

जबकि लक्षण दिखने पर कोरोना टेस्ट करना होता है। लेकिन गांव में लोग सर्दी खांसी सामान्य बुखार होने पर झोलाछाप डॉक्टरों के पास जाकर दवाई व इंजेक्शन लेकर ठीक हो जाते हैं। लेकिन कोरोना होने पर वे संक्रमण फैला देते हैं।

जिला प्रशासन ने कई बार सर्दी,खांसी व अन्य सिम्टम्स दिखने पर जांच कराने कहा गया है। लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है। इसके कारण जिले में कोरोना की रफ्तार कम होती दिखाई नहीं दे रही है। मरीज झोलाछाप डॉक्टर के पास इलाज के लिए जाते हैं तो उन्हें कोरोना टेस्ट तक के लिए नहीं किया जाता 100-200 रुपए लेकर इलाज कर देते हैं।

एक तरफ पूरा स्वास्थ विभाग व जिला प्रशासन कोरोना पर काबू पाने का प्रयास कर रही है तो दूसरी ओर झोलाछाप डॉक्टर कोरोना वायरस को बढ़ने हवा दे रहे हैं।