रक्षा बंधन कब है? जानें- तारीख, शुभ मुहूर्त और राखी बांधने की सही विधि

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सिटी न्यूज रायपुर की खास ख़बर :  रक्षा बंधन पर बहनें भाई की कलाई पर राखी बांधती है और उसकी लंबी उम्र की कामना करती है. इसके बदले में भाई अपनी बहनों को उसकी रक्षा का वचन देते हैं. भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षा बंधन का त्योहार इस साल 11 अगस्त दिन गुरुवार को मनाया जाएगा. रक्षा बंधन का त्योहार इसलिए भी खास होने वाला है

  • इस बार रवि योग में मनाया जाएगा रक्षा बंधन
  • जानें रक्षा बंधन का महत्व और राखी बांधने की सही विधि

रक्षा बंधन का पर्व हर वर्ष सावन मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है. इस दिन बहनें भाई की कलाई पर राखी बांधती है और उसकी लंबी उम्र की कामना करती है. इसके बदले में भाई अपनी बहनों को उसकी रक्षा का वचन देते हैं. भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षा बंधन का त्योहार इस साल 11 अगस्त दिन गुरुवार को मनाया जाएगा. रक्षा बंधन का त्योहार इसलिए भी खास होने वाला है, क्योंकि इस बार त्योहार रवि योग में मनाया जाएगा. आइए आपको इसकी परंपरा और शुभ मुहूर्त के बारे में विस्तार से बताते हैं.

रक्षा बंधन का इतिहास
हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, भगवान कृष्ण ने जब शिशुपाल का वध किया तो उनकी बाएं हाथ की अंगुली से खून बहने लगा. यह देखकर द्रौपदी बहुत दुखी हुई और उन्होंने अपनी साड़ी का टुकड़ा चीरकर कृष्ण की अंगुली पर बांधा था. तभी से रक्षन बंधन मनाने की परंपरा चली आ रही है. हालांकि इससे जुड़े कई और किस्से और कहानियां भी हैं.

रक्षा बंधन की तिथि
रक्षा बंधन का त्योहार सावन मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है. इस वर्ष सावन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि गुरुवार, 11 अगस्त को सुबह 10:38 से प्रारंभ होकर शुक्रवार, 12 अगस्त को सुबह 07:05 मिनट पर समाप्त होगी. उदया तिथि होने के कारण रक्षा बंधन का शुभ पर्व 11 अगस्त को ही मनाया जाएगा. 

रक्षा बंधन का शुभ मुहूर्त
रक्षा बंधन पर अबूझ मुहूर्त को ध्यान में रखकर राखी बांधना शुभ माना जाता है. इस बार राखी बांधने का शुभ मुहूर्त सुबह 09 बजकर 28 मिनट से लेकर रात 09 बजकर 14 मिनट तक रहेगा. इस दिन सुबह 05 बजकर 48 मिनट से 06 बजकर 53 मिनट तक रवि योग रहेगा. जबकि शाम 06 बजकर 55 मिनट से रात 08 बजकर 20 मिनट तक अमृत योग रहेगा. रक्षा बंधन के त्योहार में भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है. शास्त्रों के मुताबिक, भद्राकाल में राखी नहीं बांधनी चाहिए.

रक्षा बंधन मनाने की विधि
रक्षाबंधन पर एक थाली में रोली, चन्दन, अक्षत, दही, राखी, मिठाई और घी का एक दीपक रखें. पूजा की थाली से पहले भगवान की आरती उतारे. इसके बाद भाई को पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख  करवाकर बैठाएं. भाई के माथे पर तिलक लगाएं और फिर रक्षासूत्र बांधें. भाई की आरती उतारने के बाद उसे मिठाई खिलाएं और उसकी लंबी उम्र की कामना करें.