धनतेरस, लक्ष्मी पूजा से भाई दूज तक, जानें कब कब मनाया जाएगा दिवाली का त्योहार और क्या रहेगा पूजा का शुभ मुहूर्त ….

945

दिवाली हिंदू धर्म में सबसे बड़ा त्योहार है और देश-विदेश में यह त्योहार धूमधाम से मनाया जाता है. दिवाली का त्योहार 5 दिन का रहता है और हर दिन पूजा मुहूर्त अलग-अलग होते हैं.श्रीराम की अयोध्या वापसी का प्रतीक है दिवाली…
हिंदू धर्म में सबसे बड़ा पर्व है दिवाली
हर साल, हिंदू धर्म में बुराई पर अच्छाई की जीत, अंधेरे पर प्रकाश और निराशा पर खुशी की जीत के प्रतीक के रूप में दिवाली मनाते हैं. दिवाली को रोशनी का त्योहार कहा जाता है, और यह पूरे देश में बहुत धूमधाम से मनाया जाता है.

लोग अपने घरों को दीयों, रंगोली, फूलमाला और रोशनी से सजाते हैं, स्वादिष्ट मिठाइयां और व्यंजन बनाए जाते हैं, नए पारंपरिक कपड़े पहनते हैं, और अनुष्ठान- पूजा करते हैं.

श्रीराम की अयोध्या वापसी का प्रतीक है दिवाली
हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, दिवाली रावण को हराने और 14 साल के वनवास पूरा करने के बाद भगवान राम की अयोध्या वापसी का प्रतीक है. लोग दीपों के त्योहार को देवी लक्ष्मी, भगवान गणेश और भगवान कुबेर से स्वास्थ्य, धन और समृद्धि के लिए प्रार्थना करके मनाते हैं.दिवाली का त्योहार पांच दिन चलता है. धनतेरस या धन त्रयोदशी से शुरू होकर भाई दूज पर समाप्त होता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, दिवाली के पांच दिन 22 अक्टूबर से शुरू होंगे और 26 अक्टूबर को समाप्त होंगे.दिवाली के पांच दिन 2022 कैलेंडर – तिथियां…
🎉धनतेरस का त्योहार इस बार दो दिन 22 और 23 अक्टूबर 2022 को मनाया जाएगा, इस दिन भगवान धन्वंतरि, लक्ष्मी, कुबरे देव की पूजा होती है. प्रदोष काल में यम के नाम दीपक जलाया जाता है. खरीदारी के लिए दोनों दिन शुभ है, वहीं पूजा 22 अक्टूबर 2022 को 7.10 PM – 8.24 PM तक की जाएगी,, 🎉 नरक चतुर्दशी इस साल 24 अक्टूबर 2022 को है. इस दिन सूर्योदय से पूर्व तेल-उबटन लगाकर स्नान किया जाता है और संध्या काल में दीप जलाए जाते हैं. स्नान का मुहूर्त 05.11 AM – 06.31 AM तक है. इसे छोटी दिवाली भी कहते हैं🎉24 अक्टूबर 2022 छोटी दिवाली और बड़ी दिवाली साथ मनाई जाएगी. रात में लक्ष्मी पूजा के लिए 07.02 PM – 08.23 PM और निशिता मुहूर्त 11.46 PM – 12.37 AM तक शुभ मुहूर्त है. 22 अक्टूबर – धनतेरस या धन त्रयोदशी
23 अक्टूबर – नरक चतुर्दशी या काली चौदस
24 अक्टूबर – छोटी दिवाली और बड़ी दिवाली
25 अक्टूबर – गोवर्धन पूजा
26 अक्टूबर – भाई दूज
तीसरे दिन (दिवाली), लोग लक्ष्मी पूजा करते हैं, जिसे दिवाली पूजा भी कहा जाता है. यह सबसे महत्वपूर्ण दिन है. दिवाली पर, लक्ष्मी पूजा प्रदोष काल के दौरान की जाती है, जो सूर्यास्त के बाद शुरू होती है और 2 घंटे 24 मिनट (लगभग) तक चलती है.

दीपावली 2022 के पांच दिन का पूजा-मुहूर्त.   

🎉धनतेरस या धन त्रयोदशी: धनतेरस पूजा मुहूर्त 22 अक्टूबर को शाम 07:00 बजे से रात 08:17 बजे तक रहेगा.
🎉नरक चतुर्दशी: नरक चतुर्दशी के दिन अभ्यंग स्नान सुबह 05:05 बजे शुरू होगा और सुबह 06:27 बजे समाप्त होगा.
🎉दिवाली: लक्ष्मी पूजा मुहूर्त शाम 06:53 बजे शुरू होगा और रात 08:15 बजे समाप्त होगा। साथ ही, अमावस्या तिथि 24 अक्टूबर को शाम 05:27 बजे से 25 अक्टूबर की शाम 04:18 बजे तक चलेगी.
🎉गोवर्धन पूजा: गोवर्धन पूजा का मुहूर्त सुबह 06:28 से सुबह 08:43 बजे तक है.
🎉भाई दूज: भैया दूज, जिसे भाऊ बीज, भातरा द्वितीया, भाई द्वितीया और भथरू द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है, 26 अक्टूबर को पड़ रही है. इस दिन अपराहन का समय दोपहर 01:12 बजे से दोपहर 03:26 बजे तक रहेगा.