तीजा पोरा तिहार : आज करू भात – कल तीजा उपवास : परसो बासी खाने की परम्परा – विराजेगें विघ्नहर्ता …

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तीजा पोरा तिहार  :  छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति से जुड़ा दो दिनों तक चलनेे वाला तीजा व्रत-पर्व आज की रात करु भात खाने की रस्म के साथ शुरू हो जाएगा। महिलाओं ने पति की लंबी उम्र और सफल जीवन के लिए व्रत की शुरुआत करेगी । इस तैयारी में महिलाएं विभिन्न तरह के ठेठरी खुरमी पूडी कतरा आदि पकवान बनाती हैं। बड़े ही उत्साह के साथ तीज की खरीदारी भी करती हैं। तीजा व्रत पूजा के लिए महिलाएं ट्रेनों और बसों से मायके जाने के लिए निकल रही हैं। वहीं छत्तीसगढ़ में इस तीज का विशेष महत्व है। तीज के दिन महिलाएं पति की लम्बी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। इस व्रत की ख़ास बात ये है कि इसके लिए महिलाएं मायके जाती हैं और व्रत रखने से पहले कडू भात खाती हैं। कडू भात यानी करेले की सब्जी और भात।

घर से बाजार तक तीज की रौनक….
तीजा पर बुधवार को शहर के बाजार में रौनक रही। इस दौरान महिलाएं खरीदारी के लिए बड़ी संख्या में बाजार पहुंचीं। श्रृंगार सामग्री के साथ ही पूजन का सामान खरीदने महिलाएं बाजार पहुंचीं। इस बीच परंपरा के अनुरूप घरों में बेटियां तीजा मनाने के लिए पहुंचीं। तीजा लाने का क्रम पोला के दिन ही शुरू हो जाता है। विवाहित बेटियां माइके में आकर यह व्रत रखती हैं। मायके के पुरुष उन्हें लेने के लिए उनके ससुराल जाते हैं।

आखिर तीज का व्रत रखने से पहले क्यों महिलाएं कड़ू भात खाती है क्या है इसके पीछे की साइंटिफिक रिजन जानते हैं-

व्रत रखने से पहले क्यों महिलाएं कड़ू भात खाती है….

छत्तीसगढ़ी में कड़वा मतलब ‘करू’ होता है और पके हुए चावल को ‘भात’ कहा जाता है। इस व्रत पूजा से एक दिन पहले रात का भोजन करेले की सब्जी भात का भोग लगाएंगी और खीरा खाकर सोती हैं  ताकि सुबह जब निर्जला व्रत रखेंगी तो उस दौरान अन्न का डकार न आए। तीजा के दिन छत्तीसगढ़ के हर घर में करेले की सब्जी खासतौर पर बनाई जाती है।

तीजा का व्रत निर्जला रखा जाता है। करेला खाने से 24 घंटे तक प्यास नहीं लगती। इससे व्रत के दौरान निराहार रहने के बावजूद शरीर में एनर्जी बनी रहती है। वे बताते हैं कि अब कडू भात खाना परंपरा का हिस्सा बन गया है और व्रत से पहले इसे खाना जरूरी माना जाता है।

आज 29 अगस्त को रात से – तीजा का व्रत सुहागिन महिलाएं रखेंगी…

भाद्र पद शुक्ल पक्ष की हरतालिका तृतीया तिथि 29 अगस्त को तीजा का व्रत सुहागिन महिलाएं रखेंगी। तीजा का व्रत सुहागिन महिलाओं और अविवाहित युवतियों के लिए विशेष है। हरतालिका तीज पर 24 घंटे का निर्जला व्रत रखकर महिलाएं सोलह शृंगार करके भगवान शिव-पार्वती का पूजन कर सुहागिनें अखंड सौभाग्य और युवतियां अच्छे वर की कामना करती हैं।

तीजा व्रत रखने के क्या है प्राचीन मान्यता

प्राचीन मान्यता है कि माता पार्वती ने शिव को प्राप्त करने के लिए तीजा के दिन निर्जला और निराहार रहकर घनघोर तप किया था। भगवान शंकर पार्वती से प्रसन्न हो जाते हैं और उन्हें अपने जीवनसंगिनी बनाते हैं। कुंवारी कन्याएं सुयोग्य वर की कामना के लिए उपवास रखती हैं। उड़ीसा में यह गौरी व्रत के नाम से जाना जाता है।

सोमवार रात शुरू हुआ यह व्रत बुधवार को चतुर्थी तिथि तक जारी रहेगा। इस दौरान महिलाएं निर्जला व्रत रखेंगी। इस बीच मंगलवार की रात घरों में महिलाएं इकट्ठा होकर सामूहिक रूप से शिव-पार्वती की पूजा करेंगी। इसके बाद रातभर भजन-कीर्तन करते हुए सभी रात्रि जागरण करेंगी। सुबह नदी के बालू से बनाए गए भगवान शिव की प्रतिमा का विधिविधान से विसर्जन किया जाएगा।

गणेश उत्सव बुधवार से, विराजेंगे बप्पा….
गणेश चतुर्थी बुध
वार को है। इस दिन राजधानी में जगह-जगह पर प्रतिमाएं स्थापित करने की तैयारी की गई है। शहर में कई थीम पर गणेश प्रतिमाएं स्थापित की जा रही हैं। कहीं गणेश जी प्रकृति संरक्षण का संदेश देंगे तो कहीं भ्रूण हत्या नहीं करने का। शहर के बीरगांव, उरला, भनपुरी, गोगांव,  कबीरनगर,  कंकाली तालाब, स्टेशन रोड, लाखेनगर, पुरानी बस्ती, टिकरापारा जैसे इलाकों में अलग-अलग थीम पर प्रतिमा स्थापित करने की तैयारी की गई है।