आषाढ़ पूर्णिमा कल, 14 जुलाई को शुरू होंगे सावन : सावन का पहला सोमवार कब है? जानें महत्व, पूजा विधि व उपाय

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आज है त्रयोदशी तिथि है और आषाढ़ चतुर्दशी का क्षय हो रहा है। 13 जुलाई को गुरु पूर्णिमा है। इसके बाद सावन का महीना शुरू हो रहा है। आषाढ़ पूर्णिमा रात्रि 4.08 बजे तक उपरांत श्रावण कृष्ण प्रतिपदा। स्नान-दान व्रतादि की पूर्वाषाढ़ा नक्षत्रयुता आषाढ़ पूर्णिमा। गुरु पूर्णिमा। गुरु व्यास पूजा।

12 जुलाई (मंगलवार) : चतुर्दशी तिथि का क्षय।

13 जुलाई (बुधवार) : आषाढ़ पूर्णिमा रात्रि 4.08 बजे तक उपरांत श्रावण कृष्ण प्रतिपदा। स्नान-दान व्रतादि की पूर्वाषाढ़ा नक्षत्रयुता आषाढ़ पूर्णिमा। गुरु पूर्णिमा। गुरु व्यास पूजा।

शास्त्रों में सावन का बहुत ही पवित्र माना गया है। शिवभक्तों को इस महीने का बेसब्री से इंतजार रहता है। सावन के महीने में भगवान शंकर की विधिवत पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस महीने जो व्यक्ति भगवान शिव की पूजा व सोमवार व्रत रखता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। 

सावन माह की शुरुआत 14 जुलाई से हो रही है, जो कि 12 अगस्त तक रहेगा। सावन का पहला सोमवार 18 जुलाई 2022 को पड़ेगा। सावन के समाप्त होने पर भाद्रपद माह की शुरुआत होती है

सावन का पहला सोमवार 18 जुलाई, दूसरा सोमवार 25 जुलाई, तीसरा सोमवार 01 अगस्त, चौथा सोमवार 08 अगस्त को पड़ेगा। सावन मास की शिवरात्रि 26 जुलाई 2022 को है।

सावन महीने पूजा- विधि

सुबह जल्दी उठ जाएं और स्नान आदि से निवृत्त होने के बाद साफ वस्त्र धारण करें।
घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें।
सभी देवी- देवताओं का गंगा जल से अभिषेक करें।
शिवलिंग में गंगा जल और दूध चढ़ाएं।
भगवान शिव को पुष्प अर्पित करें।
भगवान शिव को बेल पत्र अर्पित करें।
भगवान शिव की आरती करें और भोग भी लगाएं। इस बात का ध्यान रखें कि भगवान को सिर्फ सात्विक चीजों का भोग लगाया जाता है। 
भगवान शिव का अधिक से अधिक ध्यान करें।

सावन उपाय-

1. शास्त्रों के अनुसार, सावन महीने में मनोकामना पूर्ति के लिए प्रतिदिन शिवलिंग पर सुबह-सुबह जल में काला तिल मिलाकर चढ़ाना चाहिए। 

2. आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए सावन महीने में पूर्व दिशा की ओर मुंह करते हुए मसूर की दाल के साथ एक छोटा सा शंख और सात कौड़ी रख दें। फिर गणेश जी का ध्यान करें। मान्यता है कि ऐसा करने से आर्थिक तरक्की होती है।