नहीं रहे महान जादूगर OP शर्मा; कानपुर में किडनी फेल होने से हुई मौत, देश से विदेश तक किए 40 हजार शो

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लखनऊ, जादूगर ओपी शर्मा का पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन हो गया। उत्तर प्रदेश के कानपुर के भैरोघाट में उनका अंतिम संस्कार किया। शनिवार रात करीब 11 बजे 71 साल की उम्र में उनका निधन हो गया। वो कोरोना संक्रमित थे। लंबे समय से बीमार थे। कानपुर के फार्च्यून अस्पताल में भर्ती थे। डायलिसिस भी चल रहा था। ओपी शर्मा ने अपनी जादू की कला से देश-विदेश में बड़ा नाम कमाया। उन्होंने करीब 40 हजार शो किए। वह कहते थे-मैं रहूं या न रहूं जादू चलता रहेगा।

ओपी शर्मा के रंगीन इंद्रजाल की दुनिया में उनके साथ लगभग 250 टन वजन का साजो-सामान रहता था। इसमें कई खूंखार जानवर भी शामिल थे। करीब 200 लोगों की टीम में दो दर्जन महिला कलाकारों के साथ लगभग 50 उनके स्टेज के सहयोगी कलाकार भी शामिल रहते थे।

ओपी शर्मा ने राजनीति में भी किस्मत आजमाई, लेकिन सफलता नहीं मिली थी। उनका कहना था कि जिसकी शुरुआत होती है, उसका अंत भी होता है। ये प्रकृति का नियम है। शर्मा मूल रूप से बलिया के रहने वाले थे। उन्होंने कानपुर में अपने घर नाम भूत बंगला रखा था। ओपी शर्मा के निधन पर यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने दुख जताया है।

जादू को बताया था विज्ञान का चमत्कार
ओपी शर्मा कहते थे कि जिसे आप जादू समझते हैं वो जादू नहीं बल्कि विज्ञान का चमत्कार है। उन्होंने 2018 में अपने अंतिम शो में कहा था कि हर शो हाउसफुल के बाद भी जादुई दुनिया को विराम देना पड़ रहा है, तो इसके पीछे आगे के कार्यक्रम हैं। ये कार्यक्रम पहले से तय हो जाते हैं। यहीं कारण है कि चाह कर भी कार्यक्रम आगे नहीं बढ़ा पाता।

ओपी शर्मा ने राजनीति में भी किस्मत आजमाई, लेकिन सफलता नहीं मिली थी। उनका कहना था कि जिसकी शुरुआत होती है, उसका अंत भी होता है। ये प्रकृति का नियम है। शर्मा मूल रूप से बलिया के रहने वाले थे। उन्होंने कानपुर में अपने घर नाम भूत बंगला रखा था। ओपी शर्मा के निधन पर यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने दुख जताया है।

जादू को बताया था विज्ञान का चमत्कार
ओपी शर्मा कहते थे कि जिसे आप जादू समझते हैं वो जादू नहीं बल्कि विज्ञान का चमत्कार है। देश  विदेश में करीब 40 हजार शो किए हैं। 2018 में उन्होंने अपना आखिरी शो किया था। इसके बाद सारे शो इनके बेटे ओपी शर्मा (जूनियर) कर रहे हैं। ओपी शर्मा ने पहला कमर्शियल शो मुंबई में किया गया था। इंडियन मैजिक मीडिया सर्कल ने उन्हें नेशनल मैजिक अवार्ड 2001 और शहंशाह-ए-जादू की उपाधि दी थी। उनके शो में सबसे चर्चित रगबिरंगा इंद्रजाल होता था।

‘अभी न जाओ छोड़ कर, दिल अभी भरा नहीं’
बताते हैं कि उनके आखिरी शो में दर्शक बेचैन हो उठे थे। दर्शकदीर्घा में बैठे एक व्यक्ति को जब पता चला कि यह उनका आखिरी शो है तो उसने कहा कि “सुना है, जादू शो अंतिम दौर में है।” एक महिला ने तो ये कहकर माहौल गमगीन कर दिया कि ‘अभी न जाओ छोड़ कर, दिल अभी भरा नहीं।”

विज्ञान और तकनीकी पर चलता है जादू
जादूगर शर्मा कहते थे कि ये जादू की कला देश की प्राचीनतम है और इसका जन्म भारत में हुआ है, ये पूरे विश्व में फैली है। जादू कला विज्ञान और तकनीकी पर आधारित है, जैसे-जैसे विज्ञान आगे बढ़ता रहा नए-नए शो आते रहेंगे, ये कला भी उसी तरह है उसके साथ साथ आगे बढ़ती रहेगी।

घर का नाम रखा था भूत बंगला
ओपी शर्मा ने अपना घर कानपुर दक्षिण के बर्रा-2 में बनवाया था। उन्होंने अपने घर का नाम भूत बंगला रखा था। इतना ही नहीं उनके घर के मेन गेट पर भूतों की आकृति भी बनी हुई है। कानपुर दक्षिण के बर्रा क्षेत्र में उनका बंगला काफी चर्चित है। जादूगर ओपी शर्मा को बचपन से जादू से लगाव था। जादू के शुरुआती करतब उन्होंने अपने बड़े भाई देवतानंद शर्मा से सीखे थे। इसके बाद उन्होंने जादू की दुनिया में अपना नाम स्थापित किया। मुंबई में डिजाइनर इंजीनियरिंग करने के दौरान ही उन्होंने शो करने शुरू किए थे। वहीं फिल्मी दुनिया से मंच, साज-सज्जा, मेकअप, लाइटिंग, साउंड, का बारीकी से समझने के बाद उनका इस्तेमाल अपने जादू शो में किया।

तीन बेटे, एक बेटी; एक बेटा बना जादूगर
ओपी शर्मा के परिवार में पत्नी मीनाक्षी हैं। उनके बड़े बेटे प्रेम प्रकाश शर्मा दिल्ली दूरदर्शन में काम करते हैं। वहीं, मंझले बेटे सत्य प्रकाश शर्मा ने खुद को ओपी शर्मा जूनियर के रूप में स्थापित किया है। तीसरा बेटा पंकज प्रकाश शर्मा प्रिंटिंग प्रेस में काम करता है। सबसे छोटी बेटी रेनू शर्मा यूएसए में रहती हैं।