• सुभाषचौक क्षेत्र में पानों का दरीबा स्थित एक मकान में 9 जून को हुआ था कोरोना विस्फोट
  • सबसे पहले 5 जून को एक बंगाली महिला पॉजिटिव आई, इसके बाद 26 और पॉजिटव मिले

15 june 2020

City News – CN      City news logo

जयपुर | जयपुर समेत राजस्थान में कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। राजधानी जयपुर में पानों का दरीबा स्थित एक मकान पिछले दिनों अचानक सुर्खियों में आ गया। इसके पीछे वजह यह कि यहां सुभाषचौक इलाके में 9 जून की रात को एक ही मकान में रहने वाले 26 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए। इनमें एक महिला और उसकी मासूम बेटी इस मकान के मालिक की बहू और पौती थी। बाकी सभी किराएदार थे, जो कि मूल रूप से पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं।

जयपुर में यह पहला मौका था जब एक ही मकान में इतनी बड़ी संख्या में एक ही मकान में पॉजिटिव केस मिले। जिसकी रिपोर्ट सामने आने पर चिकित्सा और प्रशासनिक महकमे में भी हलचल मच गई। सुभाषचौक थाने के ड्यूटी ऑफिसर एएसआई अशोक सिंह और मेडिकल टीम के डॉक्टर रात करीब पौने 12 बजे संकरी गलियों में स्थित इस घर तक पहुंचे। वहां मौजूद इन 26 संक्रमित मरीजों को चार-पांच एंबुलेंस की मदद से प्रताप नगर स्थित आरयूएचएस अस्पताल के कोविड वार्ड तक पहुंचाया गया।

इस दौरान गली-मोहल्ले में रहने वाले आस-पड़ोस के लोग भी एकबारगी परेशान हो गए। अगले दिन डीसीपी नार्थ डॉ. राजीव पचार के आदेश पर वहां एक किलोमीटर के दायरे को कंटेनमेंट जोन घोषित करते हुए कर्फ्यू लगा दिया गया। वहां लकड़ी की बेरिकेडिंग कर पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए, ताकि वहां कोई आवाजाही नहीं हो और संक्रमण को रोका जा सके। भास्कर संवाददाता ने इस मकान तक पहुंचकर गहराई से यह जानकारी जुटाने की कोशिश की कि आखिर कैसे इतनी बड़ी संख्या में यहां कोराना संक्रमण फैला। यहां स्थानीय पुलिसकर्मी, मकान मालिक और आसपास के लोगों से बातचीत की। सामने आया यह कारण-

सुभाषचौक स्थित इस मकान में 5 जून को सबसे पहले एक महिला पॉजिटिव मिली। फिर 9 जून और 12 जून को कुल 27 मरीज कोरोना संक्रमित पाए गए।

चार दिन बाद आई रिपोर्ट, इस बीच संपर्क में आने से बढ़ता गया संक्रमण

जिस मकान में कोरोना विस्फोट हुआ। इसमें मकान मालिक दंपती, उनके दो बेटे-बहू और बच्चे रहते हैं। काफी बड़े इसी मकान के एक हिस्से में करीब आठ-दस बंगाली परिवार किराए से रहते हैं। जिनकी संख्या लगभग 40 है। इनमें बंगाली महिलाएं घरों में साफ-सफाई, मजदूरी और ज्यादातर पुरुष सीतापुरा में निजी कंपनियों में मजदूरी और ज्वैलरी का काम करते हैं।

यहां किराए से रहने वाली एक महिला लॉकडाउन में राहत मिलते ही घरों में साफ-सफाई करने जाने लगी। इस दौरान उसे हल्का बुखार और जुकाम हुआ। तब वह 1 जून को गंगापोल सरकारी डिस्पेंसरी में दवा लेने गई। यहां कोरोना के लक्षण नजर आने पर वहां मौजूद मेडिकल टीम ने उसके स्वाब सैंपल लिए। उसे होम क्वारैंटाइन रहने को कहा गया।लेकिन यह रिपोर्ट आने में चार दिन लग गए। इस बीच वह महिला मकान में रहने वाले अन्य किराएदारों के संपर्क में रही। बताया जा रहा है कि ये सभी किराएदार एक-दूसरे के रिश्तेदार या पुराने परिचित भी हैं। 5 जून को चिकित्सा विभाग की रिपोर्ट में महिला पॉजिटिव आई। उसे आरयूएचएस भेज दिया गया।

पानों का दरीबा स्थित चाणक्य मार्ग में इस संकरी गली में स्थित है मकान, जहां कोरोना विस्फोट हुआ। यहां बेरिकेडिंग कर दी गई

6 जून को मकान में रहने वाले 44 और आसपड़ोस के मकानों से करीब 15 सैंपल लिए

पुलिस के मुताबिक, आशंका थी कि इसी मकान में करीब 50 लोग एक साथ रहते हैं। आसपास अन्य मकानों में भी बंगाली परिवार रहते हैं। कहीं एक-दूसरे के संपर्क में आने से कम्युनिटी स्प्रेड ना हुआ हो। ऐसे में 6 जून को जिस मकान में महिला पॉजिटिव पाई गई थी, वहां मकान मालिक के परिवार और अन्य किराएदारों में 44 लोगों के मेडिकल टीम ने कोरोना टेस्ट के लिए स्वाब सैंपल लिए। उन्हें फिर से होम क्वारैंटाइन की सलाह दी गई।

इसके बाद 9 जून की रात को जो रिपोर्ट आई, उसने हैरान कर दिया। एक साथ मकान में रहने वाले 25 महिला पुरुष और बच्चों की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके अलावा दो अन्य मकानों में एक महिला और एक अन्य व्यक्ति की भी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। ऐसे में रात को मेडिकल टीम और सुभाषचौक थाना पुलिस मौके पर पहुंची। वहां रिपोर्ट के बारे में इन संक्रमितों को जानकारी देकर आरयूएचएस भेजा गया।

एक ही मकान में 26 पॉजिटिव केस मिलने पर इस जगह को कंटेनमेंट जोन घोषित करते हुए कर्फ्यू लगा दिया गया। यहां बेरिकेड्स लगाकर पुलिस तैनात कर दी गई

एक पॉजिटिव महिला रिपोर्ट आने से पहले ही कोलकाता भाग गई

इस बीच पड़ोस के मकान में पॉजिटिव मिली महिला को लेने मेडिकल टीम पहुंची तो पता चला कि वह अपने पति के साथ 7 जून को रिपोर्ट आने से पहले ही हावड़ा ट्रेन से कोलकाता चली गई। महिला की डिटेल निकालकर उससे संपर्क किया गया। तब तक वह बिहार पहुंच चुकी थी। स्थानीय कोरोना कंट्रोल रूम से सूचना कोलकाता प्रशासन को दी गई। नाम-पता मिलने पर 10 जून को उस संक्रमित महिला को वहां मेडिकल टीम और पुलिस ने तलाश लिया।

इसके बाद उसे वहीं कोविड अस्पताल पहुंचाया। इसी मकान में 12 जून को एक और व्यक्ति पॉजिटिव पाया गया। उसे भी आरयूएचएस भेजा गया है। सबसे पहले संक्रमित पाई गई महिला को एक सप्ताह उपचार के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया है। वह अब इसी मकान में है। अब यहां गली में सन्नाटा पसरा है। यहां इस मकान के दरवाजे बंद पड़े हैं। आसपास के लोग भी यहां से गुजरने से कतराते हैं।

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