केंद्र सरकार के कृषि और श्रम कानूनों का विरोध जारी है। कांग्रेस ने इनके खिलाफ आज प्रदेश भर में जिला मुख्यालयों पर सत्याग्रह किया।

राजधानी में कलेक्ट्रेट के पास स्थित डॉ भीमराव आम्बेडकर की प्रतिमा के पास रायपुर शहर जिला कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने धरना दिया।

सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पूण्यतिथि पर कांग्रेस ने किसान अधिकारी दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी।

इसके तहत प्रदेश भर के जिला मुख्यालयों पर कृषि और श्रम कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन चल रहे हैं। सत्याग्रह में शामिल रायपुर नगर निगम के महापौर एजाज ढेबर ने कहा, केंद्र सरकार के कृषि संबंधी कानूनों से किसानों को नुकसान होगा।

कांग्रेस शुरू से इसका विरोध कर रही है। उन्होंने कहा, छत्तीसगढ़ में सरकार ने किसानों को नुकसान से बचाने के लिए अपना कानून बनाया है। नगर निगम के सभापति प्रमोद दुबे ने कहा, चंद उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए कृषि संबंधी विधेयकों को गलत तरीके से संसद में पारित कराया गया।

इस कानून से सरकारी मंडिया खत्म हो जाएंगी और उद्योगपतियों की मंडिया स्थापित हो जाएंगी। रायपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गिरीश दुबे ने कहा, केंद्र सरकार ने किसानों से संबंधित संवेदनशील विषय पर किसी से चर्चा किए बिना तानाशाही तरीके से देश पर थोप दिया है।

गिरीश दुबे ने कहा, हम मांग कर रहे हैं कि प्रधानमंत्री जिस तरह एक देश एक कानून की बात करते हैं, उसी तरह एक देश-एक भाव की भी घोषणा करें। दुबे ने कहा, केंद्र सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसानों की फसल कहीं भी न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम पर न खरीदा जाए।

प्रदर्शन में वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलाम रिजवी, एनएसयूआई के अध्यक्ष आकाश शर्मा, शहर कांग्रेस के प्रवक्ता बंशी कन्नौजे सहित बड़ी संख्या में नगर निगम के पार्षद और कार्यकर्ता शामिल हैं