राजधानी में खनिज अफसर नहीं; मंत्री के संरक्षण में रेत माफिया की दबंगई बढने लगी,प्रतिबंध के बाद भी बिना रायल्टी रेत खनन-परिवहन

107

रायपुर, रेत घाटों पर सिंडिकेट की मनमर्जी चल रही है। 15 जून से घाट बंद हो चुके हैं, फिर भी दिन-रात मशीने चल रही हैं, लोडिंग हो रही हैं। यहां सरकारी रेट से तीन गुना ज्यादा वसूली की जा रही है। छह से आठ लोग इन रेत घाटों का संचालन कर रहे हैं। सभी मनमाने तरीके से पिट पास और लोडिंग चार्ज वसूल रहे हैं। खनिज अफसर नहीं है और अमला दहशत में दफ्तर से बाहर नहीं निकल रहे है।

ठेकेदार सीना ठोककर कह रहे हैं कि जब तक घाटों में पानी नहीं भरेगा, मशीन नहीं हटाएंगे। प्रशासन को जो आदेश करना है, करने दो। यही कारण है कि 6 हजार की रेत 12 हजार तक मिल रही है। पांच रेत घाटों समोदा, कागडीह, करमंदी, कुरुद कुटेला और चिखली के रेत घाटों में दिन-रात रेत खनन व परिवहन का काम चल रहा है। ठेकेदारों को एक मंत्री को खुला समर्थन मिलने की खबर है, जिस कारण कलेक्टर भी कार्यवाही करने से हिचकते है।

जिला खनिज अधिकारी रिटायर,नई पोस्टिंग नहीं
जिला खनिज अधिकारी और उप संचालक हरकेश मारवाह 30 मई को रिटायर हो गए हैं। उनकी जगह अभी किसी को भी यह जिम्मेदारी नहीं दी गई है। रेत घाटों पर कार्रवाई के लिए केवल दो खनिज निरीक्षक हैं। रेत सप्लायरों का कहना है कि खनिज निरीक्षकों, खनिज अधिकारी और सभी की मिलीभगत से रेत घाट में खुले आम अवैध लोडिंग बिना पिट पास का खेल हो रहा है।

बारिश में सभी रेत घाट बंद पर धड़ल्ले से चल रही मशीनें
मानसून की दस्तक के साथ ही जिले की सभी रेत घाट 15 जून से बंद कर दिए गए हैं, लेकिन सबकुछ कागजों पर। आरंग के हरदीडीह, कागदेही, चपरीद, चिखली, पारागांव समेत आसपास के सभी रेत घाटों में खुले आम मशीनों से गाड़ियों की लोडिंग की जा रही है। रेत घाटों से मनमाने तरीके से रेत बाहर निकाला जा रहा है। अभी भी सीधे रेत घाटों से रेत की लोडिंग की जा रही है। बड़ी गाड़ियां रेत घाट पर बने रैंप तक जा रही है।

नियम विरूद्ध 24 घंटे लोडिंग
आरंग से लगभग 14 किमी का सफर तय करने के साथ ही रेत घाटों से आती गाड़ियां दिखाई दे जाती है। एनजीटी के नियमों के अनुसार सुुबह सूर्योदय से सूर्यास्त तक ही खनन की अनुमति है। लेकिन रेत घाटों पर मौजूद कर्मचारियों का कहना है कि हर घाट में कभी भी गाड़ी चाहिए मिल जाएगी। नियमों को ताक पर रखकर गाड़ियों की कभी लोडिंग की जा रही है। वो भी बिना पिट पास के। सबकुछ यहां अवैध तरीके से चल रहा है।