मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद खुला पुलिस और अपराधियों के मिलीभगत का पोल : राजधानी रायपुर के VIP रोड पर कैफे में शराब और हुक्का बार ; 4 गिरफ्तार, बाहर फास्टफूड का बोर्ड था और अंदर चल रहा था बार : संबंधित थानेदारों को सस्पैंड करने पुलिस महानिदेशक का होगा घेराव…

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रायपुर, राजधानी के रायपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में बीरगांव, भनपुरी,  गोगांव, सडढू, मोवा, लभांडी,  VIP रोड और माना इलाका अवैध नशे के अड्‌डों से पटा हुआ है। कई कैफे और रेस्टोरेंट यहां नियमों को जेब में रखकर अपने अवैध धंधे चला रहे हैं। तेलीबांधा थाना और माना पुलिस टीम की कार्रवाई से साबित हुआ कि लंबे वक्त से यहां हुक्का बार और अवैध शराब के ठिकाने चलाए जा रहे थे। हुक्का पूरे प्रदेश में प्रतिबंधित है। बिना बार लायसेंस के शराब परोसना गैर कानूनी है। मगर VIP रोड के रेस्टोरेंट में दर्जनों बोतलें वाइन, विस्की और बियर मिली हैं। 4 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है, !बीरगांव नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष डा.  ओमप्रकाश देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मोर्चा संभाला,   जबकि अवैध कारोबारियों पर कार्रवाई करना इनकी जिम्मेदारी और ड्यूटी है, आज तक पुलिस वाले इन लोगों से सेटिंग कर इन्हें संरक्षण दे रहे थे, नशे के कारण कई घटनायें चाकूबाजी, मर्डर,  रेप जैसे अनेक क्राइम राजधानी के हर कोने में लगातार हो रहा है,  पुलिस और अपराधियों की मिलीभगत का पोल अब खुल रहा है,  जब मुख्यमंत्री के निर्देश पर खुद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सड़क पर उतरे और सख्त हुवे,,  जहां जहां भी इस प्रकार के अवैध नशे , अवैध शराब, गांजा के मामले पकड़े जा रहे हैं वहां के संबंधित थाना प्रभारी जिन्होने अपनी ड्यूटी, अपनी जिम्मेदारी का सौदा कर अपराधियों को छूट दे रखा था उन सभी टी. आई. को सस्पैंड करने चाहिए ताकि अपराधियों में भय हो और आमजनता सकून,  शांति से जीवन यापन कर सके   !!पुलिस ने आज अलग-अलग जगहों पर छापा मारा। पहली कार्रवाई VIP रोड के दिया कैफे में हुई। पुलिस के छापे में यहां हुक्का पिलाने, हुक्के के प्रोडेक्ट की बिक्री करते कैफे का मालिक रवि आहुजा मिला। इसे गिरफ्तार कर लिया गया। इसके पास से प्रतिबंधित की गई सिगरेट के पैकेट भी मिले।

दूसरा छापा माना के बेड रेस्टोरेंट और बर्न रेस्टोरेंट में पड़ा। यहां बेड रेस्टोरेंट में जितेन्द्र सागर लोगों को शराब परोसता मिला। 7 बॉटल अंग्रेजी शराब, 44 बॉटल बीयर कीमती मिली। इसकी कीमत करीब 13250 रुपए है। बर्न रेस्टोरेंट में अमित हापी और अनिल मण्डल नाम के कर्मचारियों से 2 बॉटल वाइन, 4 बॉटल अंग्रेजी शराब, 33 बॉटल बीयर कुल करीब 17,230 रूपए की शराब मिली।

सोमवार को जिन अड्‌डों पर छापा मारा गया, वहां पर पुलिस को लंबे समय से शिकायत मिल रही थी। अब बर्न और बेड रेस्टाेरेंट के मालिक फरार हैं। पुलिस इनको भी ढूंढ रही है। इन रेस्टारेंट के बाहर बोर्ड पर फास्ट फूड बेचे जाने की बात लिखी है। मगर लंबे वक्त से ये शराब परोसकर यहां मुनाफाखोरी कर रहे थे। डा.  ओमप्रकाश देवांगन ने कहा कि हर थाने में रिकार्ड के अनुसार या मुखबीर के अनुसार या आमजनता से प्राप्त शिकायत आवेदन के अनुसार पुलिस वाले और  टी. आई.  को पता रहता है कि कौन बदमाश है,  कौन चोर है,  कौन ऩशे का कारोबार,  अवैध शराब,  गांजा बेचता है,  कौन कबाड़ी है,  कौन अपराधी है,  कौन गुंडा है…. फिर भी इन पर नजर नही रखते, पेट्रोलिंग नही करते, शिकायत पर भी   कड़ी कार्रवाई नहीं करते,   कई बार तो आवेदक / शिकायतकर्ता को ही पुलिस वाले  प्रताड़ित करने के मामले सामने आए हैं  ,  कुछ भ्रष्ट  पुलिस वाले यह कहते भी संकोच नही करते कि उपर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और नेताओं, मंत्री को हर महीने लाखों रूपया पहुंचाना पडता है,  कंहा से लायेगें,  हम चोरी तो नहीं कर सकते इसलिए चोर, बदमाशों,  अपराधियों,  अवैध नशे के कारोबार करने वालों से वसूली कर उपर देते हैं,  हम अपराधियों को संरक्षण देते है,  हमें उपरवाले वरिष्ठ अधिकारी संरक्षण देता है  !!  यही कारण है कि मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक के यह आदेश के बावजूद कि जिस थाना क्षेत्र अंतर्गत अवैध शराब गांजा हुक्का बार पकड़े जायेगें वहां के थाना प्रभारी को सस्पैंड किया जाएगा लेकिन भ्रष्टाचार के सामने आज मुख्यमंत्री के आदेश भी रददी के टोकरी में फेंक दिया गया है,  डा.  देवांगन ने कहा कि एक सप्ताह के भीतर यदि संबंधित थानेदारों को सस्पैंड नही किया गया तो आमजनों के साथ पुलिस महानिदेशक का घेराव किया जाएगा    !!