प्रेमिका के लिए भैय्या-भाभी और बच्चों का कत्ल;; छोटे भाई ने 2 साथियों के साथ मिलकर ली जान…

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दुर्ग, छत्तीसगढ के दुर्ग जिले के भिलाई के कुम्हारी थाना अंतर्गत कपसदा गांव में हुई चार लोगों की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। हत्या की वारदात को अंजाम मृतक भोलानाथ यादव के छोटे भाई ढोलेश्वर यादव व उसके दो दोस्तों ने मिलकर दिया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। एक महिला का भी नाम सामने आ रहा है, जिसके दोनों भाइयों से संबंध थे। शनिवार को इस मामले का खुलासा दुर्ग आईजी बीएन मीणा करेंगे।

जानकारी के मुताबिक भोलानाथ यादव जुआ खेलने का आदी था। धीरे धीरे वह जुए की फड़ अपनी बाड़ी में बैठाने लगा। जुआ के साथ साथ उसकी बाड़ी में बाहर से लड़के लड़कियां पार्टी करने आते थे। इस तरह भोलानाथ काफी पैसे कमाने लगा था। उसकी पत्नी नैला महंगे कपड़े और जेवर पहनकर भोला के छोटे भाई ढोलेश्वर की पत्नी को दिखाती थी। इससे ढोलेश्वर भोलानाथ से चिढ़ने लगा।

ढोलेश्वर अपने बड़े भाई भोलानाथ से उसकी अवैध कमाई में आधा हिस्सा मांग रहा था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कुछ दिन पहले झगड़ा हुआ था। इसी रंजिश के चलते ढोलेश्वर ने ओडिशा से अपने दो साथियों को बुलवाया और उनके साथ भोलानाथ उसकी पत्नी नैला, बेटा परमत और बेटी मुक्ता की कुल्हाड़ी से वारकर हत्या कर दी। उसने पुलिस की पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ओडिशा से दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार करके ले आई है।

ढोलेश्वर के घर से मिले खून से लगे कपड़े
घटना के बाद पुलिस ने ढोलेश्वर की बाड़ी में जाकर उसके घर की तलाशी ली। वहां उन्हें खून लगे कपड़े मिले। उन कपड़ों को उसकी पत्नी ने रात में धोया था, लेकिन खून के दाग पूरी तरह से नहीं मिटे थे। इसके साथ ही उसके घर से कई अन्य साक्ष्य भी जब्त किए गए हैं।

5 लाख रुपए के लिए रची गई हत्या की साजिश
ढोलेश्वर ने बताया कि उसका भाई भोलानाथ जुआ खिलवाकर और लड़कियां बुलाकर काफी पैसे कमाने लगा था। उसने कुछ दिन पहले ही बताया था कि वह 5 लाख रुपए जमा करके रखा है। इन्हीं पैसों को लूटने के लिए उसने हत्या की वारदात को अंजाम दिया।

प्रेमिका को लेकर भी होता था झगड़ा
बताया जा रहा है कि भोलानाथ और ढोलेश्वर के बीच एक लड़की (प्रेमिका) को लेकर भी झगड़ा होता रहता था। दोनों का एक ही महिला से प्रेम संबंध था। भोलानाथ महिला के ऊपर अधिक पैसे खर्च करता था। इससे वह ढोलेश्वर के पास नहीं जाती थी। इस बात को लेकर भी ढोलेश्वर अपने बड़े भाई से चिढ़ता था।