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  • New rapid blood test introduced for better diagnosis of Serious covid patient

कोरोना वायरस से जंग के लिए वैज्ञानिकों ने एक नया रैपिड ब्लड टेस्ट विकसित किया है। इससे कोरोना मरीज की बीमारी की गंभीरता को पहचाना जा सकता है।

अस्पताल में भर्ती होने के पहले दिन ही इस जांच के जरिये यह पता लगाया जा सकेगा कि किस रोगी में कोरोना के गंभीर संक्रमण या मौत का उच्च खतरा है। इस तरीके से पहचान कर उच्च जोखिम वाले मरीजों को विशेष इलाज मुहैया कराकर उनके जीवन को सुरक्षित किया जा सकता है।

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जेसीआई इनसाइट पत्रिका में इस नए टेस्ट की जानकारी की गई है। इसमें यह बताया गया है कि नई जांच में माइटोकांड्रियल डीएनए के स्तरों को आंका जाता है। माइटोकांड्रियल डीएनए एक खास प्रकार का जेनेटिक मैटिरियल है, जो कोशिकाओं के अंदर पाया जाता है।

बेहतर उपकरणों की जरूरत

अमेरिका की वाशिंगटन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन के शोधकर्ताओं के अनुसार, माइटोकांड्रियल डीएनए कोशिकाओं से निकलकर रक्त में चला जाता है। इससे यह संकेत मिलता है कि शरीर में एक विशेष प्रकार की कोशिका खत्म हो रही है। इस अध्ययन के प्रमुख शोधकर्ता एंड्रयू ई गेलमैन ने कहा, ‘कोरोना रोगियों की दशा को आंकने के लिए डॉक्टरों को बेहतर उपकरणों की जरूरत है।

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