12 june 2020

City News – CN

नई दिल्ली | चीन के वुहान (Wuhan) से निकले कोरोना वायरस (Coronavirus) ने पूरी दुनिया में कोहराम मचा दिया है और चीन पूरी दुनिया को कोरोना वायरस से लड़ने में मदद करने के दावे कर रहा है, जिस  पर वो हमेशा ही असफल साबित हुआ है. पहले चीन द्वारा दनियाभर को भेजी गई कोरोना वायरस टेस्ट किट (Test Kits) और चिकित्सा आपूर्ति का खराब पाया जाना, और अब यह कहा जा रहा है कि ये टेस्ट किट चीन को जेनेटिक डेटा संकलित करने में मदद करने का जरिया हैं |

रिपोर्ट कहती हैं कि बीजिंग बड़े पैमाने पर DNA डेटाबेस बना रहा है. सवाल ये है कि चीन आखिर ये डेटाबेस बना क्यों रहा है? ये डेटाबेस इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अनुवांशिक कोड (Genetic codes) दवा कंपनियों को बेहतर दवा बनाने में मदद कर सकते हैं लेकिन इसका दूसरा पहलू भी है. वो ये, कि इस डेटाबेस के  जरिए अनुंवांशिक- आधारित निगरानी (genetic-based surveillance) भी की जा सकती है |

दुनिया को आने वाले प्राइवेसी घोटाले के लिए तैयार रहना चाहिए. इस बारे में अमेरिका ने तो जांच भी शुरू कर दी है. इस वक्त सारा ध्यान टेस्ट किट बनाने वाली उस चीनी कंपनी BGI पर है, जिसे पहले बीजिंग जीनोमिक्स इंस्टीट्यूट के रूप में जाना जाता था. इस कंपनी ने 80 से ज्यादा देशों में करीब 10 मिलियन टेस्ट किट भेजी हैं.चिंता की बात ये है कि BGI और चीन सरकार अपराध में बराबर के भागीदार हैं |

शिनजियांग में चीन उइगर मुस्लिमों के जीन अनुक्रमण (gene sequencing) के लिए बीजीआई की मदद ले रहा है. 2016 में, शिनजियांग जीन बैंक बनाने को लेकर सहमति बनी, और 2017 में, बीजीआई ने कहा कि शिनजियांग स्थित इसके मुख्यालय में एक फोरेंसिक विशेषज्ञता केंद्र भी शामिल होगा |

उसी साल, बीजीआई ने चीन की जातियों का अध्ययन किया- और बहुमत में पाई जाने वाली जाति हान और अल्पसंख्यक उइगरों की तुलना की. इस तरह के अध्ययनों का इस्तेमाल उइगर मुसलमानों के उत्पीड़न को सही ठहराने के लिए किया जा सकता है. दूसरे शब्दों में, चीन अपने मानवाधिकारों के दुरुपयोग को सही ठहराने के लिए जेनेटिक डेटा का इस्तेमाव कर सकता है और बीजीआई इसमें उसकी मदद कर रहा है |

अब इसी बीजीआई को 80 देशों का डेटा और मिलेगा.बीजीआई के प्रवक्ता ने कहा हा कि- कंपनी डेटा संरक्षण को गंभीरता से लेती है, और सरकार का न तो इसपर कोई अधिकार है और न ही वो इसे नियंत्रित कर सकती है लेकिन चीनी सरकार के साथ सहयोग करने के अलावा इनके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है. चीनी कानून के अनुसार, राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों में कंपनियों को सरकार का समर्थन करना चाहिए |

इस मामले में अमेरिकी सरकार ने पहले ही दो चीनी सर्विलांस टेक निर्माता कंपनियों- Hikvision और Dahua पर निर्यात प्रतिबंध लगा दिए हैं. नस्लीय और जातीय सफाए के लिए अनुवांशिक विज्ञान का इस्तेमाल करने के लिए, बीजीआई और चीन पर शक की निगाह बनी रहेगी.

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