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कोरोना काल में जमीन के कारोबार में बूम की स्थिति, लॉकडाउन में 43 दिन में हो गए 1750 रजिस्ट्री

  • कोरोनाकाल में आर्थिक मंदी के बाद भी रियल एस्टेट कारोबार में बूम की स्थिति दिख रही है।
  • हालात यह है कि लॉकडाउन में रियायत और अनलॉक 01 के साथ ही पिछले 43 दिन में 1750 रजिस्ट्री कराई गई है।

19 june 2020

City News – CN      City news logo

दुर्ग | कोरोना संक्रमण के बाद सभी तरह की आर्थिक गतिविधियों को लेकर असमंजस की स्थिति है। हालात यह है कि लोग बाजार में किसी भी तरह के निवेश से परहेज कर रहे हैं। इसके उलट रियल एस्टेट बाजार में लोगों का अच्छा रूझान है।

लॉकडाउन के बाद पिछले वित्तीय वर्ष के आखिर से लेकर मई के मध्य तक जमीन व प्लाट की खरीदी बिक्री नहीं के बराबर हुई। इस दौरान अधिकतर मकानों के ही खरीदी बिक्री की रजिस्ट्री हुई, लेकिन अब पिछले महीनेभर से रजिस्ट्री की संख्या में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है।

अधिकारी इसे रियल एस्टेट कारोबार के लिए अच्छा संकेत मान रहे हैं। महीनेभर से हर दिन 45 से 60 रजिस्ट्री कराई जा रही है। यह सामान्य दिनों के बराबर है। इससे पहले लॉकडाउन के कारण मार्च के आधे दिन रजिस्ट्री बंद होने के बाद भी पिछले वित्तीय वर्ष में 6 हजार ज्यादा रजिस्ट्री गए थे। इससे 18 फीसदी से ज्यादा राजस्व में बढ़ोतरी हुई।

42 दिन तक बंद रही रजिस्ट्री

कोरोना संक्रमण के कारण देशभर में लॉकडाउन की घोषणा के साथ ही 21 मार्च से सभी रजिस्ट्री कार्यालयों को भी बंद कर दिया गया था। इस बीच 4 मई तक यानि लगातार 42 दिन तक रजिस्ट्री कार्यालय बंद रहे। इसके कारण इस बीच एक भी रजिस्ट्री नहीं हुई। 4 मई को रियायत के बाद ऑफिस खोले गए।

65 तक पहुंचा रजिस्ट्री का ऑकड़ा

रजिस्ट्री ऑफिस खुलने के बाद करीब पखवाड़ेभर तक 5 से 15 रजिस्ट्री की गई। पहले दिन केवल 5 रजिस्ट्री किए जा सके। लेकिन ऑफिस खुलने के पिछले 43 दिन में एक दिन में रजिस्ट्री का ऑकड़ा 65 तक पहुंच गया है। अफसरों की मानें तो इन 43 दिनों में करीब 1750 रजिस्ट्री की जा चुकी है।

सुरक्षित निवेश इसलिए बूम

कोरोना संक्रमण और आर्थिक मंदी के बाद भी रियल एस्टेट कारोबार में बूम को विशेषज्ञ अच्छा संकेत मान रहे हैं। जानकारों की मानें तो संकट के दौर में लोग ज्यादा लाभ के बजाए कम जोखिम के साथ निवेश को पसंद कर रहे है। इसलिए जमीन व रियल एस्टेट को पसंद किया जा रहा है।

बूम की यह भी वजह

0 5 डिसमिल में छूट से बढ़ा रूझान– पांच डिसमिल की बंदिश हटाए जाने के बाद अधिकतर रजिस्ट्री छोटे प्लाटों के खरीदी-बिक्री की हो रही है। अधिकारियों की माने तो 5 डिसमिल से कम के प्लाटों की संख्या 65 से 70 फीसदी तक है। राजस्व बढ़ोतरी का आंकड़ा इन्हीं छोटे प्लाटों के कारण बढ़ा है।

0 30 फीसदी दर में कटौती से फायदा– सरकार ने पिछले अगस्त से कलक्टर गाइड लाइन की दर में भी 30 फीसदी की कटौती कर दी है। इससे इस बार भी यथावत रखा गया है। इसके बाद रजिस्ट्री की छोटे प्लाटों की रजिस्ट्री की संख्या में और इजाफा हुआ है। अभी अधिकतर छोटे प्लाटों की रजिस्ट्री हो रही है।

18.20 फीसदी ज्यादा बढ़ा राजस्व

जिले में पिछले वित्तीय वर्ष में 27 हजार 181 दस्तावेजों की रजिस्ट्री की गई। इससे सरकारी खजाने में 171 करोड़ 32 लाख रुपए जमा हुए। खासबात यह है कि पिछले वित्तीय वर्ष के अंतिम दिनों में लॉकडाउन के कारण रजिस्ट्री नहीं हुए। जबकि सबसे ज्यादा रजिस्ट्री इन्हीं दिनों होती है।

इसके विपरीत वर्ष 2018-19 में 21 हजार दस्तावेजों का पंजीयन हुआ था। इससे सरकार को 144 करोड़ 94 लाख रुपए राजस्व मिले थे। इस तरह वर्ष 2018-19 की तुलना में लॉकडाउन के बाद भी पिछले वित्तीय वर्ष में 18.20 फीसदी ज्यादा राजस्व प्राप्ति हुई।

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