IMG 20211014 111230 | City News - Chhattisgarhदुर्ग, इंडियन बैंक कसारीडीह ब्रांच के कैशियर और हेड क्लर्क के साथ बुधवार को 15 लाख की लूट हो गई। पल्सर सवार तीन आरोपियों ने पिस्टलनुमा हथियार लगाकर उसे स्कूटी से उतार दिया और स्कूटी सहित फरार हो गए। उन्हें यह पहले से पता था कि कैशियर ने स्कूटी के अंदर 15 लाख रुपए रखे हैं। घटना के बाद पीडि़त बैंककर्मी ने पुलिस और बैंक अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। मोहन नगर टीआई जितेन्द्र वर्मा ने बताया कि कसारीडीह ब्रांच के हेड क्लर्क राहुल चौहान (35 वर्ष) बुधवार सुबह 10 बजे इंडियन बैंक दुर्ग की मुख्य शाखा में कैश लेने गया था। उसने वहां से 15 लाख रुपए निकाले और स्कूटी की डिक्की में डालकर कसारीडीह ब्रांच के लिए निकला। जैसे ही राहुल पोलसायपारा के पास लक्ष्मी नारायण मंदिर के पास पहुंचा पीछे से काले रंग की पल्सर बाइक से तीन युवक पहुंचे और राहुल को रोक लिया। इससे पहले की राहुल कुछ समझ पाता उन लोगों ने उसके पीछे से पिस्टलनुमा हथियार लगा दिया। इससे राहुल काफी डर गया। उन लोगों ने उसे स्कूटी से उतार दिया। इसके बाद उनका एक साथी स्कूटी लेकर भाग गया। पीछे से पल्सर सवार भी वहां से चले गए। फिर राहुल ने आस पास के लोगों को घटना के बारे में बताया और डायल 112 में फोन कर लूट की जानकारी दी।

बाहरी गिरोह होने की आशंका
पुलिस के मुताबिक लूट की वारदात को अंजाम देने वाला गिरोह बाहरी है। यह गिरोह त्योहारी सीजन में अपनी सक्रियता को बढ़ाता है और छोटे बैंकों को निशाना बनाकर लूट की वारदात को अंजाम देता है। पुलिस का कहना है कि यदि इस गिरोह को जल्द नहीं पकड़ा गया तो यह दूसरे शहरों में भी लूट की घटना को अंजाम दे सकते है।

लूट में बैंक की लापरवाही आई सामने
पुलिस के मुताबिक इंडियन बैंक की छोटी शाखाओं का कलेक्शन हर दिन शाम को दुर्ग की मुख्य ब्रांच में जमा होता है। अगले दिन सुबह वही कैश बैंक कर्मचारियों द्वारा फिर से अपनी-अपनी ब्रांच बिना किसी सिक्यूरिटी के ले जाया जाता है। कसारीडीह ब्रांच के राहुल चौहान भी इसी तरह अपनी ब्रांच का पैसा लेने हर दिन मुख्य ब्रांच जाते थे। इतनी मात्रा में कैश ले जाने के लिए वह स्कूटी के डिक्की का उपयोग करते थे।
सुरक्षा का नहीं रखा ख्याल
पुलिस का कहना है कि यदि बैंक के पास खुद की सुरक्षा के इंतजाम नहीं थे तो उन्हें कैश लाने ले जाने के समय की जानकारी संबंधित थाना प्रभारी को देने थी जिससे वह ऐसे समय में पुलिस की मुस्तैदी को बढ़ा सकते। अगर ऐसा होता तो निश्चित तौर पर आरोपी घटना को अंजाम नहीं दे पाते।