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निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए प्रत्येक मतदान केंद्र पर इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के साथ वीवीपीएटी (वीवीपैट) का भी प्रयोग किया जाएगा।

निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए प्रत्येक मतदान केंद्र पर इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के साथ वीवीपीएटी (वीवीपैट) का भी प्रयोग किया जाएगा। इसके लिए प्रदेश में पर्याप्त संख्या में बैलेट यूनिट्स, कंट्रोल यूनिट्स और वीवीपैट उपलब्ध हैं।

निर्वाचन कार्यालय के मुताबिक प्रदेश में राज्य में 55 हजार 071 बैलेट यूनिट, 35 हजार 424 कंट्रोल यूनिट और 41 हजार 613 वीवीपैट उपलब्ध हैं। यह मतदान के लिए पर्याप्त हैं। मतदान के लिए प्रयोग में लाने से पहले ईएमएस साफ्टवेयर का उपयोग कर इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन और वीवीपीएटी को दो बार रेंडमाइज किया जाता है।

प्रथम बार इन्हें विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र आबंटित किए जाने के दौरान और द्वितीय बार इन्हें मतदान केंद्र आबंटित किए जाने के दौरान रेंडमाइज किया जाता है। रेंडमाइजेशन और कमिशनिंग की प्रक्रिया में शामिल होने के लिए मान्यता प्राप्त

राजनीतिक दलों तथा निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों को आमंत्रित किया जाता है। दोनों रेंडमाइजेशन के बाद ईवीएम एवं वीवीपैट की रेंडमाइज्ड सूची मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों व निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों को प्रदान की जाती है।

ईवीएम बैलट पेपर पर अभ्यर्थी का रहेगा फोटोग्राफ

मतदाताओं की सुविधा के लिए ईवीएम पर लगाए जाने वाले बैलट पेपर पर अभ्यर्थियों के फोटोग्राफ भी प्रदर्शित किए जाएंगे। इसके लिए अभ्यर्थियों को रिटर्निंग आफिसर के समक्ष हाल ही का स्टैंप साइज की फोटोग्राफ प्रस्तुत करना होगा। हर बार की तरह नोटा का प्रावधान इस निर्वाचन में भी रहेगा।

यह होती है माक पोल की प्रक्रिया

निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों की सूची को अंतिम रूप देने के बाद ईवीएम एवं वीवीपैट की कमिशनिंग की जाती है। निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों या उनके प्रतिनिधियों की उपस्थिति में यह काम किया जाता है। मतदान के दिन वास्तविक

मतदान शुरू होने के 90 मिनट पहले मतदान अभिकर्ताओं की उपस्थिति में तीन बार माक पोल किया जाता है। इस दौरान नोटा सहित प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए एक वोट डालकर कम से कम 50 वोट के साथ माक पोल किया जाता है।

कमिशनिंग हाल में लगाए गए टीवी मानिटर के माध्यम से अभ्यर्थी या उनके अभिकर्ता वीवीपैट में सिंबल (चुनाव चिन्ह) लोडिंग की प्रक्रिया को देख सकेंगे। कमिशनिंग के बाद प्रत्येक ईवीएम और वीवीपैट में नोटा सहित प्रत्येक उम्मीदवार के

लिए एक वोट देकर माक पोल किया जाता है । इसके अतिरिक्त रेंडम रूप से चुने गए पांच प्रतिशत ईवीएम एवं वीवीपैट पर 1000 वोट डालकर माक पोल किया जाता है।