Treatments of lotus dental clinic birgaon

छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम नियुक्त किए गए सिंहदेव ​​​​:राज्यपाल बिस्वा भूषण हरिचंदन से की मुलाकात; प्रदेश के मौजूदा हालातों पर हुई चर्चा

रायपुर8 घंटे पहले
अधिसूचना जारी होने के बाद डिप्टी सीएम ने राज्यपाल से मुलाकात की। - Dainik Bhaskar

अधिसूचना जारी होने के बाद डिप्टी सीएम ने राज्यपाल से मुलाकात की।

छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव प्रदेश के पहले डिप्टी सीएम अब बन गए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने ये अधिसूचना छत्तीसगढ़ के राजपत्र में प्रकाशित की है। राज्यपाल बिस्वा भूषण हरिचंदन ने सिंहदेव को छत्तीसगढ़ का उप मुख्यमंत्री नियुक्त किया है।

अधिसूचना के प्रकाशन के बाद डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने राज्यपाल बिस्वा भूषण हरिचंदन से गुरुवार शाम को मुलाकात की है। इस दौरान प्रदेश की मौजूदा स्थितियों को लेकर चर्चा हुई।

राजपत्र में टीएस सिंहदेव के डिप्टी सीएम बनने की अधिसूचना प्रकाशित की गई।
राजपत्र में टीएस सिंहदेव के डिप्टी सीएम बनने की अधिसूचना प्रकाशित की गई।

स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव को डिप्टी सीएम बनाने को लेकर 28 जून को कांग्रेस हाईकमान ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी थी। कांग्रेस के इस फैसले को आगामी विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। कांग्रेस की घोषणा के बाद टीएस सिंहदेव ने दैनिक भास्कर से कहा था कि, आलाकमान ने जो जिम्मेदारी दी है, उसे ईमानदारी से निभाऊंगा। सरगुजा से निकलकर छत्तीसगढ़ की सेवा करने का अवसर मिला है। यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है। सबको साथ लेकर, बेहतर तालमेल के साथ पूरी मजबूती से काम करेंगे। पार्टी से जो भी जवाबदारी मिलेगी उसे निभाते रहेंगे।

पिछले साल छोड़ा था पंचायत मंत्रालय

टीएस सिंहदेव छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री बनना चाहते थे। ऐसा दावा किया जाता है कि सरकार गठन के वक्त ये तय हुआ था कि पहले ढाई साल बघेल और फिर ढाई साल सिंहदेव सीएम होंगे। लेकिन, ऐसा हुआ नहीं।

इससे नाराज सिंह देव ने 16 अगस्त 2022 को पंचायत एवं ग्रामीण मंत्रालय छोड़ दिया था। उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को चार पन्नों का लंबा पत्र लिखकर मंत्रालय छोड़ा था।

मंत्रालय छोड़ने का कारण उन्होंने इसका प्रदेश के आवासविहीन लोगों को आवास नहीं मिलना और जनघोषणा पत्र में किए गए वादों का पूरा नहीं होना बताया था। हालांकि, वे स्वास्थ्य और वाणिज्यिकर मंत्री बने रहे।

टीएस सिंहदेव कांग्रेस सरकार के आधार स्तंभों में से एक हैं। 17 दिसम्बर 2018 को उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ मंत्री पद की शपथ ली थी।

उस दौरान मुख्यमंत्री ने केवल दो मंत्री सिंहदेव और ताम्रध्वज साहू के साथ कैबिनेट का गठन करके सरकार की औपचारिक शुरुआत की थी ।

अंबिकार में अपने भतीजे आदितेश्वर शरण सिंहदेव के साथ टीएस सिंहदेव। फाइल फोटो।

अब जानिए कौन हैं सिंहदेव

  • सिंहदेव का जन्म 31 अक्टूबर 1952 को इलाहाबाद में सरगुजा के शाही परिवार में हुआ था।
  • पिता एमएस सिंहदेव, एक आईएएस अधिकारी, तत्कालीन मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव के रूप में सेवानिवृत्त हुए थे।
  • मां देवेन्द्र कुमारी मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री रह चुकी हैं।
  • हाईस्कूल की पढ़ाई सिंधिया स्कूल, ग्वालियर से की।
  • दिल्ली के हिंदू कॉलेज से इतिहास में स्नातक की उपाधि ली।
  • भोपाल के हमीदिया कॉलेज से पोस्ट ग्रेजुएशन किया।

सिंहदेव का राजनीतिक करियर

  • सिंहदेव का राजनीतिक करियर अंबिकापुर नगर परिषद से शुरू हुआ, वे 1983-88 और 1995-99 में यहां के अध्यक्ष रहे।
  • 2008 में सरगुजा से विधायक चुने गए, फिर 2013 और 2018 में भी जीतकर विधायक बने।
  • 2013 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस विधायक दल के नेता बने थे।
  • 2018 में स्वास्थ्य, वाणिज्यकर और पंचायत एवं ग्रामीण मंत्री बने।