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शारदीय नवरात्र पर राजधानी के विविध इलाकों में 200 से अधिक पंडालों में दुर्गा माता की प्रतिमाएं विराजित की जाएंगी। रायपुर के अनेक पंडालों को महल के रूप दिए जा रहे हैं।

HIGHLIGHTS

  1. राजधानी में 200 से अधिक पंडालों में दुर्गा माता की प्रतिमाएं होंगी विराजित
  2. डब्ल्यूआरएस कर्मचारी कालोनी में महल रूपी पंडाल बनाने में जुटे कारीगर
  3. आरवीएच कालोनी में सप्तमी तिथि को होगी पांच दिवसीय उत्सव की शुरुआत

शारदीय नवरात्र पर राजधानी के विविध इलाकों में 200 से अधिक पंडालों में दुर्गा माता की प्रतिमाएं विराजित की जाएंगी। कालीबाड़ी, डब्ल्यूआरएस कालोनी, बूढ़ापारा, सुंदरनगर समेत अनेक पंडालों को महल के रूप दिए जा रहे हैं। कोलकाता के कारीगर जोर-शोर से निर्माण में जुटे हैं।

डब्ल्यूआरएस कालोनी

डब्ल्यूआरएस कर्मचारी कालोनी में 57 साल से दुर्गा उत्सव मनाया जा रहा है। यहां महल रूपी पंडाल बनाने में कारीगर जुटे हैं। नौ दिनों तक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कालोनी के 500 से अधिक परिवार मिलजुलकर नवरात्र उत्सव मनाते हैं। यहां 1966 से दुर्गा प्रतिमा विराजित की जा रही है।

पंडाल में कोलकाता का ढाक बाजा, फूड पार्क, मेले में झूले एवं अन्य मनोरंजन की व्यवस्था की जा रही है। सप्तमी से दशमी तक प्रतिदिन माता को महाभोग अर्पित किया जाता है। प्रसाद लेने श्रद्धालु पहुंचते हैं।

हीरापुर में छुहिया तालाब के सामने कोलकाता के कारीगर काशी द्वारा बनाया जा रहा पंडाल। यह 80 फीट का पंडाल केदारनाथ की तर्ज पर होगा, जहां वैष्णोदेवी के रूप में माता दुर्गा की प्रतिमा होगी। साथ में शिवलिंग, नंदी, भैरवनाथ, हनुमान की मूर्तियां भी होंगी।

आरवीएच कालोनी

आरवीएच कालोनी में पांच दिवसीय उत्सव की शुरुआत सप्तमी तिथि को होगी। एकादशी तक दुर्गोत्सव की धूम रहेगी। यहां का ढाक बाजा का आकर्षण रहेगा। पंचमी से दशमीं तक खीर, खिचड़ी का भोग लगेगा।

बिजली आफिस चौक

नगर निगम कार्यालय के समीप बिजली आफिस चौक पर मंदिर रूपी पंडाल का निर्माण किया जा रहा है। पंडाल में देवी दुर्गा को विराजित कर नौ दिनों तक विशेष महाआरती की जाएगी।

बैरनबाजार में सर्वधर्म उत्सव

बैरनबाजार में एक ओर चर्च और दूसरी ओर मस्जिद के बीच मुख्य मार्ग पर मंदिर रूपी पंडाल का निर्माण किया जा रहा है। यहां की विशेषता यह है कि सभी धर्म के लोग मिलजुलकर नवरात्र उत्सव मनाते हैं। हिंदू, मुस्लिम, सिख, इसाई, जैन, बौद्ध धर्म के लोग समिति के सदस्य हैं। यहां अंतिम दिन भंडारे में हजारों श्रद्धालु प्रसादी ग्रहण करते हैं।

कालीबाड़ी में पांच दिवसीय उत्सव

कालीबाड़ी में बंगाली समाज के नेतृत्व में पांच दिवसीय उत्सव की शुरुआत पंचमी तिथि पर माता को प्रतिष्ठापित करने के साथ होगी। देवी दुर्गा के साथ काली, सरस्वती, श्रीगणेश और कार्तिकेय की प्रतिमाएं भी आकर्षण का केंद्र होंगी।

रोज सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा। दशहरा पर माता के साथ सिंदूर खेलने की रस्म निभाने के पश्चात प्रतिमाओं का विसर्जन होगा।