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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु छत्तीसगढ़ के दो दिवसीय प्रवास पर गुरुवार को रायपुर पहुंचीं। राष्ट्रपति मुर्मु के साथ उनकी बेटी इतिश्री भी रायपुर पहुंचीं।

HIGHLIGHTS

  1. दो दिवसीय दौरे पर छत्‍तीसगढ़ आएंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु
  2. प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय कार्यक्रम में शामिल होंगी राष्ट्रपति
  3. घासीदास यूनिवर्सिटी के दीक्षा समारोह में भी शामिल होंगी राष्ट्रपति

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु छत्तीसगढ़ के दो दिवसीय प्रवास पर गुरुवार को रायपुर पहुंचीं। राष्ट्रपति मुर्मु के साथ उनकी बेटी इतिश्री भी रायपुर पहुंचीं। यह पहला मौका है, जब राष्ट्रपति अपनी बेटी के साथ किसी यूनिवर्सिटी और धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होंगी। स्वामी विवेकानंद अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु जवानों ने उन्‍हें गार्ड आफ आनर दिया।

स्वामी विवेकानंद अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन ने राष्ट्रपति मुर्मु का स्‍वागत किया। राज्यपाल के साथ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, डीजीपी अशोक जुनेजा, कलेक्टर सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे, एसएसपी प्रशांत अग्रवाल और महापौर एजाज ढेबर भी मौजूद रहे।

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जगन्नाथ मंदिर के आरती कार्यक्रम में शामिल हुईं राष्ट्रपति

एयरपोर्ट राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु राजधानी के गायत्री नगर स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर पहुंचीं। यहां उन्होंने भगवान जगन्नाथ, बलभद्र जी तथा सुभद्रा जी के दर्शन किये। यहां उन्होंने देशवासियों की सुख-समृद्धि एवं निरंतर प्रगति की कामना की।

इस अवसर पर राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, विधायक कुलदीप जुनेजा, विधायक बृजमोहन अग्रवाल, महापौर एजाज ढेबर, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, पूर्व राज्य मुख्य सूचना आयुक्त एमके राउत, मंदिर समिति के अध्यक्ष पुरंदर मिश्रा सहित मंदिर समिति के सदस्यगण एवम प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित थे।president%20in%20temple August 31, 2023

ब्रम्हकुमारी संस्थान के शांति सरोवर में राष्ट्रपति का स्‍वागत

इसके बाद राष्ट्रपति मुर्मु विधानसभा रोड, सड्डू स्थित ब्रम्हकुमारी संस्थान के शांति सरोवर रिट्रीट सेंटर पहुंचीं। यहां कार्यक्रम में राष्ट्रपति का स्वागत शाल और प्रतीक चिन्ह से किया गया। राज्यपाल और मुख्यमंत्री का भी ब्रह्मकुमारी सेवा सरोवर की ओर से स्वागत हुआ। राष्ट्रपति ने दीप प्रज्वलित कर सकारात्मक परिवर्तन वर्ष 2023 का शुभारंभ किया।

कार्यक्रम को राष्ट्रपति मुर्मु ने किया संबोधित

कार्यक्रम में राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा, पूरी मानवता के कल्याण के लिए ब्रह्मकुमारी परिवार बहुत अच्छा कार्य कर रहा है। मैं इसके लिए बधाई देती हूं। सकारात्मक परिवर्तन को लेकर ओडिशा में यह कार्यक्रम शुरू हुआ है और मैं आज यहाँ आप सभी के बीच में भी हूं।

उन्‍होंने कहा, मैं यहां पहले ही आ चुकी हूं। फिर से बुलाने के लिए आप सभी को धन्यवाद। छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया। एक ओर हमारा देश रोज नए ऊंचाइयों को छू रहा है, चांद पर तिरंगा लहरा रहा है या विश्वस्तर खेल में कीर्तिमान रच रहा है। हमारे देशवासी अनेक नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं।

दूसरी ओर एक अत्यंत गंभीर विषय है कुछ दिन पहले नीट की तैयारी कर रहे दो विद्यार्थियों ने अपने जीवन, अपने सपनों अपने भविष्य का अंत कर दिया। ऐसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए बल्कि हमें प्रतिस्पर्धा को सकारात्मक रूप से लेना चाहिए हार-जीत तो होती रहती है।

बच्चों का कांपिटिशन का प्रेशर है जितना जरूरी उनका करियर है। उतना ही जरूरी है कि वे जीवन की चुनौतियों का सामना कर सकें। मुझे लगता है कि इस पाजिटिव थीम की सहायता से हम उन बच्चों की मदद कर सकते हैं जो बच्चे आधी-अधूरी जिंदगी जी कर चले जाते हैं।

हर  बच्चे में अपनी विशिष्ट प्रतिभा है। अपनी रुचि को जानकर इस दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। यह युग साइंटिफिक युग है। अभी के बच्चे बहुत शार्प माइंड के होते हैं। थोड़ा धैर्य कम होता है। हमारे ब्रह्मकुमारी परिवार के सदस्य कई बरसों से इस दिशा में काम कर रहे हैं।

मेरी आध्यात्मिक यात्रा में भी ब्रह्मकुमारी संस्था ने मेरा बहुत साथ दिया है। जब मेरे जीवन में कठिनाई थी तब मैं उनके पास जाती थी। उनका रास्ता कठिन है पर कष्ट सहने से ही कृष्ण मिलते हैं इसलिए धैर्य का जीवन जीना चाहिए।

कष्ट सहकर ही हम सफलता हासिल कर सकते हैं। ब्रह्मकुमारी का रास्ता मुझे बहुत अच्छा लगा। आप सहजता से काम करते हुए आप अपनी जिंदगी को बेहतर तरीके से जी सकते हैं। जिंदगी जीने की कला वो सिखाते हैं।आत्मविश्वास ही ऐसी पूंजी है जिससे हम अपना रास्ता ढूँढ सकते हैं। हम सभी टेक्नालाजी के युग में जी रहे हैं।

बच्चे आर्टिफिशियल इंजीनियरिंग की बात कर रहे हैं, लेकिन यह भी जरूरी है कि दिन का कुछ समय मोबाइल से दूर रहकर भी बिताएं। साइंस और टेक्नालाजी के साथ आध्यात्मिकता को भी जोड़े तो जीवन आसान हो जाएगा।

जिंदगी को कैसे सफलता से जीये, किस तरह सुख से जीवन जिये, इसका रास्ता बहुत सरल है। हम केवल एक शरीर नहीं हैं। हम एक आत्मा हैं। परमपिता परमात्मा का अभिन्न अंग है। धैर्य सुख का रास्ता है। यह कठिन है लेकिन अभ्यास से यह रास्ता भी सहज हो जाता है।

मैं सभी से कहना चाहती हूं कि अपनी रुचि के साथ सकारात्मक कार्य करते रहिये। ऐसे लोगों के साथ रहिये जो आपको सही रास्ता दिखा सके। ब्रह्मकुमारी में सब लोग भारत में ही नहीं दुनिया भर में शांति के लिए कार्य कर रहे हैं। सब शांति के विस्तार के लिए प्रयास कर रहे हैं।

प्रबल शक्ति से किये गये कार्य से सफलता मिलती है। ये दुनिया को बेहतर बनाने में अपना अमूल्य योगदान दे रहे हैं। छत्तीसगढ़ में आपने जो काम आरंभ किया है मैं उसके लिए आपको बधाई देती हूं। स्वर्णिम युग का स्वप्न जो हम देख रहे हैं रामराज्य के लिए हमें राम बनना होगा, सीता बनना होगा। शारीरिक और मानसिक तत्व के लिए ये बहुत जरूरी है। यह केवल ब्रम्हकुमारी में सिखाया जाता है।

सीएम भूपेश बघेल ने किया संबोधित

इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने संबोधन में कहा, ऐसा लगा जैसे कोई अपना, अपने ही घर आया।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ब्रम्हकुमारी सेवा सरोवर में आयोजित सकारात्मक परिवर्तन वर्ष 2023 के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, राष्ट्रपति जी का आगमन छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए बहुत गौरव का क्षण है। उनकी इस यात्रा के लिए मैं छत्तीसगढ़ के तीन करोड़ नागरिकों की ओर से आपको बहुत धन्यवाद देता हूं।

आज राष्ट्रपति, पूरे देश की मुखिया के आगमन से हम छत्तीसगढ़ के लोग विशेष आत्मीयता का अनुभव कर रहे हैं। ऐसा लग रहा है जैसे कोई अपना, अपने ही घर आया है। यह प्रदेश एक आदिवासी प्रदेश है, अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लोग भी बहुत बड़ी संख्या में यहां निवास करते हैं। यह प्रदेश किसानों का प्रदेश है, यह वंचितों का प्रदेश है। सभी वंचितों को न्याय मिले, यह संविधान की भावना है।

आप संविधान की रक्षक हैं, आपके आगमन से छत्तीसगढ़ के लोग बहुत सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ की बहुत लंबी सीमा ओडिशा से लगती है, इसलिए उत्कल संस्कृति के साथ हमारी सबसे अधिक साझेदारी है।हमारा रहन-सहन, खान-पान, आचार-विचार सबकुछ एक जैसा है। यहां तक की हमारा संघर्ष भी ओडिशा के वंचितों के संघर्ष जैसा ही है।

यह बड़ा ही शुभअवसर है। रक्षाबंधन का समय है। प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के सकारात्मक परिवर्तन वर्ष का आज शुभारंभ भी हो रहा है। सामाजिक और आध्यात्मिक परिवर्तन की दिशा में इस संस्थान द्वारा किए जा रहे प्रयासों में यथासंभव भागीदार बनने के लिए प्रयत्नशील रहता हूं।

छत्तीसगढ़ प्रदेश की नीतियों, योजनाओं और कार्यक्रमों के संचालन में प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय का आध्यात्मिक मार्गदर्शन हमें मिलता रहा है। मैं इसके लिए इस मंच से आभार व्यक्त करता हूं।

अपराह्न में राष्ट्रपति महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय का भ्रमण करेंगी। इसके बाद रात्रि विश्राम राजभवन में होगा। राष्ट्रपति दूसरे दिन बिलासपुर के गुरू घासीदास विश्वविद्यालय के 10वें दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी। बिलासपुर से लौटने के बाद वे राजभवन में जनजातीय समूहों के साथ चर्चा करेंगी।