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12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद वह एक-दूसरे से अलग हो गईं थीं। कानन के आंगन में 22 साल बाद मिलीं सहेलियां अब नियमित मुलाकात का निर्णय लिया है। प्रयास यह रहेगा कि हर महीने इसी तरह किसी खास जगह पर मिलकर खुशियां मनाएंगी।

जरहागांव स्थित ब्रुक्स हायर सेकंडरी स्कूल में पढ़ीं सात सहेलियां 22 साल बाद रविवार को कानन पेंडारी चिड़ियाघर में मिलीं। 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद वह एक-दूसरे से अलग हो गईं थीं। हालांकि दूर होने के बाद भी मन में एक-दूसरे से मिलने की ललक थी। यही वजह है कि उनकी मुलाकात खास दिन यानी फ्रेंडशिप डे पर हुई। इस पल को खास बनाने के साथ पुरानी यादें ताजा कीं। डांस और झूले का लुत्फ उठाने के साथ एक-दूसरे को फ्रेंडशिप बेल्ट भी बांधा।

जीवन में मित्रों का अलग स्थान होता है। बात जब पुरानी या स्कूल के मित्रों की हो तो, बात ही अलग होती है। जरहागांव स्थित ब्रुक्स स्कूल में जागृति कश्यप, रेखा कश्यप, समीक्षा मुंशी, उपासना द्विवेदी, मंजूला कश्यप, जलेश्वरी गेंदले और सुष्मिता सोनी की दोस्ती भी एक मिसाल थी।

12वीं कक्षा तक पढ़ाई के बाद अलग हो गईं। लेकिन, जब यहां पढ़ती थीं तो उनके बीच मित्रता इतनी गहरी थी कि किसी कारण कोई भी स्कूल नहीं आतीं तो बाकी की सहेलियां परेशान हो जाती थीं। जब तक उनका हालचाल नहीं जान लेतीं, उन्हें सुकून नहीं मिलता था। 12वीं कक्षा में उत्तीर्ण होने के बाद अलग महाविद्यालय और उसके बाद विवाह। समय के इस चक्र में वह एक-दूसरे से दूर होती चली गईं। वह बतातीं है कि इन 22 सालों में ऐसा कोई दिन नहीं था, जब वह एक-दूसरे को याद नहीं करतीं।

आखिरकार मोबाइल नंबर के जरिए एक-दूसरे से जुड़ गईं। लेकिन, मोबाइल से बातचीत में वह खुशी नहीं मिली, जैसी स्कूल के समय मिलती थी। लिहाजा उन्होंने तय किया कि वह एक-दूसरे से मिलेंगी। रविवार यानी फ्रेंडशिप डे से बेहतर दिन और कुछ नहीं हो सकता था। लिहाजा सभी ने हामी भरी और चाहे जो हो जाए इस दिन वह कानन पेंडारी जू में एक-दूसरे मिलने जरूर आएंगी।

रविवार को कानन पेंडारी पहुंचने का समय तय हुआ। एक-दूसरे से मिलने की खुशी देखिए की जब तक सभी सहेलियां नहीं पहुंच गईं वह मुख्य द्वार पर एक-दूसरे का इंतजार करतीं खड़ी रहीं। जैसे ही एक-दूसरे को देखा, उनका चेहरा खुशी से चमक उठा। पर्यटकों की भीड़ के बावजूद एक-दूसरे को मिलकर गले मिलती रहीं।

कुछ पल के लिए भावुक भी हो गईं। इसके बाद सभी ने साथ में जू के अंदर प्रवेश किया। फिर मौज- मस्ती, डांस कर खुशियां मनाने का सिलसिला प्रारंभ हुआ। इससे पहले एक-दूसरे को फ्रेंडशिप बेल्ट बांधा और गिफ्ट भी दिए।

हर महीने मुलाकात का लिया निर्णय

22 साल बाद हुई इस मुलाकात के बाद इन सहेलियों ने अब नियमित मुलाकात का निर्णय लिया है। प्रयास यह रहेगा कि हर महीने इसी तरह किसी खास जगह पर मिलकर खुशियां मनाएंगी। वह दिन रविवार ही रहेगा। इस दिन बच्चों के स्कूल की छुट्टी रहती है।

पलभर में घुल-मिल गए बच्चे

वह अपने साथ बच्चों को भी लेकर पहुंचीं थीं। सभी ने बच्चों को परिचय कराया। इसके बाद उन्हें खेलने के लिए कहा। बच्चे पलभर में ऐसे घुल-मिल गए, मानों उनके बीच बरसों पुराना दोस्ताना हो।