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मिशन 2023 में जुटी कांग्रेस-भाजपा दोनों ही दलों की चुनावी सेहत प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था तय करेगी। कांग्रेस सरकार का दावा है कि पिछले पौने पांच साल में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर कई फ्लैगशिप योजनाएं शुरू की कई हैं।

HIGHLIGHTS

  1. स्‍वास्‍थ्‍य की मजबूती तय करेगी चुनावी सेहत
  2. अपनी योजनाओं का लाभ लेने में जुटी कांग्रेस
  3. योजनाओं के अधूरेपन को लेकर घेर रही भाजपा

मिशन 2023 में जुटी कांग्रेस-भाजपा दोनों ही दलों की चुनावी सेहत प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था तय करेगी। कांग्रेस सरकार का दावा है कि पिछले पौने पांच साल में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर कई फ्लैगशिप योजनाएं शुरू की गई हैं। जिनका असर जमीनी स्तर पर दिख रहा है।

इन योजनाओं ने प्रदेश में स्वास्थ्य की दिशा-दशा बदली है। जबकि भाजपा कोरोना काल में स्वास्थ्य के लिए केंद्र सरकार से मिले फंड को प्रभावी बता रही है। इसने ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने में सहायता की। कोरोना की वैक्सीन हर व्यक्ति तक पहुंचाने का काम केंद्र की मोदी सरकार ने किया है।

स्वास्थ्य मंत्री व भाजपा विधायक डा. कृष्णमूर्ति बांधी पूर्व ने कहा, राज्य सरकार जनता की अनदेखी कर रही है। यूनिवर्सल हेल्थ केयर का केवल पाठ पढ़ाया गया, लेकिन काम नहीं कर पाए। आयुष्मान कार्ड योजना के प्रति सरकार का गंभीर नहीं होने से जनता को लाभ नहीं पहुंच पाया। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री विभाग की मानिटरिंग नहीं कर पाएं। इसका खामियाजा कांग्रेस को भुगतना पड़ेगा।

इन मुद्दों पर घेर रही भाजपा

यूनिवर्सल हेल्थ केयर: राज्य सरकार की घोषणा के बाद भी प्रदेश के सभी शासकीय अस्पतालों में कैशलेस व्यवस्था चालू नहीं हो पाई। भाजपा इसे मुद्दा बना रही है।

आयुष्मान भारत: प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना में 65 लाख लोगों का कार्ड नहीं बन पाने के कारण भाजपा हमलावर है।

स्वास्थ्यकर्मी नाराज: 40 हजार स्वास्थ्यकर्मियों की हड़ताल से सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाएं पूरी तरह से प्रभावित हो रही हैं।

इमरजेंसी पब्लिक टांसपोर्ट सिस्टम: इमरजेंसी पब्लिक टांसपोर्ट सिस्टम नहीं बन पाने से आज भी आदिवासी और वनांचलों में मरीजों को खाट पर लिटाकर अस्पताल लाना पड़ रहा है।

शिशुओं की मौत: जनवरी 2019 से जून 2023 तक शून्य से पांच वर्ष के बच्चों की मृत्यु का आंकड़ा 39,267 है। भाजपा ने राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग में इसकी शिकायत की है।

इन फ्लैगशिप योजनाओं से जनता के बीच कांग्रेस

मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना: शहरी क्षेत्रों की झुग्गी-बस्तियों में लोगों तक 120 मोबाइल मेडिकल यूनिटों के माध्यम से इलाज, निश्शुल्क परामर्श, दवाइयों व पैथोलाजी लैब की सुविधा।

दाई-दीदी क्लीनिक: किशोरी-बालिकाओं, महिलाओं को घर पहुंच स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए दाई-दीदी क्लीनिक शुरू की गई हैं।

मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक: दूरस्थ, वनांचल और दुर्गम क्षेत्रों में मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना चल रही है।

डा. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना: प्रदेश के 85 प्रतिशत परिवारों को इलाज मिल रहा है।

मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना: दुर्लभ व गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए 20 लाख रुपये तक की राशि का प्रविधान है।

सिकलसेल इंस्टीट्यूट: हर जिले में सिकलसेल प्रबंधन केंद्र की स्थापना कर देश में सर्वाधिक 51 लाख की स्क्रीनिंग की गई है।

धनवंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर: 329 प्रकार की जेनेरिक दवाइयां व 28 सर्जिकल उत्पाद 50 से 72 फीसद कम कीमत पर मिल रहे हैं।

कांग्रेस सरकार में इस तरह बढ़ी सुविधा

संसाधन- 2017-18 में मार्च- 2023 की स्थिति में

चिकित्सा विशेषज्ञ- 179- 534

चिकित्सा अधिकारी- 1,302- 2413

दंत चिकित्सक- 67- 222

डायलिसिस सुविधा केंद्र- 3- 29

मेडिकल कालेज- 3- 11

शिशु अस्पताल- 00- 28