Treatments of lotus dental clinic birgaon

कन्फेडरेशन आफ आल इंडिया ट्रेडर्स(कैट) ने ई कामर्स नीति व नीतियों को तुरंत लागू करने की मांग की है।

कन्फेडरेशन आफ आल इंडिया ट्रेडर्स(कैट) ने ई कामर्स नीति व नीतियों को तुरंत लागू करने की मांग की है। कैट का कहना है कि उसके द्वारा आने वाले दिनों में देश के 29 राज्यों में एक करोड़ से ज्यादा व्यापारियों को सोशल कामर्स से जोड़ा जाएगा।

सोशल कामर्स देश में तेजी से एक मजबूत बिजनेस वर्टिकल के रूप में उभर रहा है। वर्ष 2026 तक सोशल कामर्स ई-कामर्स को काफी पीछे छोड़ देगा।

कैट के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अमर पारवानी ने कहा कि ख़ास तौर पर व्हाट्सएप, फेसबुक और इंस्टाग्राम के ज़रिए बड़े पैमाने पर सोशल कामर्स व्यापारियों में फैलता जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में भारत में व्हाट्सएप पर 75 करोड़, फेसबुक पर 37 करोड़ और इंस्टाग्राम पर 33 करोड़ उपयोगकर्ता हैं जो ई-कामर्स की तुलना में बहुत बड़ी संख्या है।

भारत में लगभग 100 करोड़ से अधिक स्मार्ट फोन उपयोगकर्ता हैं और स्मार्ट फोन के माध्यम से सोशल कामर्स का उपयोग, प्रमुख विदेशी ई-कॉमर्स कंपनियों की गड़बड़ियों को हराने के की ताक़त रखता है। उन्होंने कहा कि विदेशी आनलाइन कंपनियों पर लगाम लगाना बहुत ही जरूरी है,इन कंपनियों द्वारा नियमों का उल्लंघन किया जाता है।

नौ महीनों में 10 लाख से ज्यादा व्यापारियों को वाट्सएप बिजनेस एप से जोड़ा

कैट के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र दोशी, कार्यकारी अध्यक्ष विक्रम सिंहदेव, परमानंद जैन ने बताया कि कैट अपने इस मिशन के लिए व्यापारियों द्वारा उपभोक्ताओं को सीधे अपने उत्पाद बेचने के लिए व्हाट्सएप, फेसबुक और इंस्टाग्राम के अधिकतम उपयोग को बढ़ावा देने एक टेक्नोलाजी भागीदार के रूप में मेटा के साथ राष्ट्रीय अभियान चला रहा है।

इस अभियान के पहले चरण में पिछले 9 महीनों के दौरान 10 लाख से अधिक व्यापारियों को व्हाट्सएप बिजनेस ऐप का उपयोग करने के लिए सक्षम बनाया गया। अब अगले चरण में भारत के

29 राज्यों में एक करोड़ से अधिक व्यापारियों को सोशल कामर्स से जोड़ने का लक्ष्य है। मेटा के अलावा, कैट भारत के व्यापारिक समुदाय को व्यापक सोशल कामर्स प्रदान करने के लिए अन्य टेक्नोलॉजी कंपनियों को भी साथ में जोड़ेगा।