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स्वामी आत्मानंद में मौका नहीं मिला, अब आरटीई में पालक आजमा रहे भाग्य

आरटीई में दूसरे चरण के प्रवेश में कर रहे आवेदन

बिलासपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ठ स्कूलों में मौका नहीं मिला तो पालक अब अपने बच्चों के लिए शिक्षा के अधिकार के तहत आवेदन जमा कर रहे हैं। राज्य शासन के निर्देश पर जरुरतमंद बच्चों को मुफ्त शिक्षा देने दूसरे चरण की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। ताकि गरीब परिवार के बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में निश्शुल्क शिक्षा मिल सके।

स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत 30 जून तक स्कूलों में प्रवेश दिया गया। समय पर नहीं पहुंचने वाले आवेदक दोबारा प्रवेश लेने से वंचित हो गए थे। इसलिए दूसरे चरण की प्रक्रिया एक जुलाई से शुरू कर दी गई है,जो 15 जुलाई तक चलेगी। इस बीच विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद नोडल अधिकारी आवेदन के साथ जरूरी दस्तावेजों का सत्यापन 27 जुलाई से दो अगस्त तक करेंगे।

फिर स्कूल में दाखिले की प्रक्रिया तीन अगस्त से 14 अगस्त तक चलेगी। नए विद्यार्थियों को स्कूल प्रबंधन द्वारा सभी प्रकार की शिक्षण सामग्री भी मुफ्त में उपलब्ध कराई जाएगी। किसी विद्यार्थी का दाखिला संबंधी कार्य तय समय में पूरा नहीं किया जाता है, तो इसकी सम्पूर्ण जवाबदारी संबंधित प्राइवेट विद्यालयों की होगी।

523 स्कूलों के 5400 सीटों पर होगी भर्ती

जिले में आरटीई के तहत 523 निजी स्कूलों में निश्शुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने शिक्षा विभाग द्वारा आनलाइन आवेदन मंगाया गया था। 5400 सीटों के लिए कुल 10 हजार 500 आवेदन आए। इनमें से प्रथम चरण में 4 हजार बच्चों को स्कूलों का आवंटन हो गया है। 30 जून तक एक हजार से अधिक विद्यार्थियों ने प्रवेश नहीं लिया है।

पहले चरण की भर्ती पूरी हो गई

पहले चरण में स्कूल का पंजीयन 10 फरवरी से 28 फरवरी तक किया गया। दस्तावेज सत्यापन का कार्य 10 से 28 फरवरी तक हुआ। छात्रों ने छह मार्च से 10 अप्रैल तक पंजीयन कराया। इसके बाद नोडल अधिकारी इन आवेदनों के साथ जमा किए गए दस्तावेजों की जांच 11 अप्रैल से 11 मई तक की। लाटरी और आवंटन कर 15 मई से 25 मई तक योग्य बच्चों की सूची बनाई गई। स्कूलों में दाखिले की प्रक्रिया 30 जून चली।