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अंबिकापुर। खाद्य मंत्री के गृह जिले में सामने आए 6 करोड़ के राशन घोटाले के मामले में खाद्य विभाग राशि वसूली में सुस्त नजर आ रहा है आलम ये है कि करीब 1 करोड़ की राशि अब भी वसूली नहीं हो पाई है। इसे लेकर जहां विपक्ष सत्तापक्ष व प्रशासन पर उदासीनता का आरोप लगा रहे हैं तो वहीं विभाग कमीशन की राशि से बकाया पैसे की वसूली की बात कह रहा है।

सरगुजा जिला खाद्य मंत्री अमरजीत भगत का गृह जिला है और यही राशन की बड़ी गड़बड़ी सामने आई है जहां जिले की 300 राशन दुकानों से 18 हजार 901 क्विंटल राशन शॉर्टेज पाया गया था जिसकी कीमत करीब 6 करोड़ से ज्यादा थी ऐसे में प्रशासन में हड़कंप मच गया है। राशन शॉर्टेज मामले को लेकर विपक्ष ने सत्तापक्ष व अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाया है।

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बकाया राशि वसूलने कर रहे प्रयास

शिकायतकर्ता पार्षद ने आरोप लगाया है कि राशन शॉर्टेज मामले में प्रशासन ने दिखावे के लिए एफआईआर तो दर्ज करा दी मगर दोषियों की अब तक न तो गिरफ्तारी हो पाई है और न ही गड़बड़ी की राशि की वसूली हो सकी है। ऐसे में शिकायतकर्ता का आरोप है कि जल्द से जल्द आरोपियों के खिलाफ न सिर्फ कार्रवाई की जाए बल्कि राशि की वसूली भी की जाए।

सरगुजा जिले के 300 पीडीएस दुकानों में गड़बड़ी सांमने आने के बाद प्रशासन ने करीब 5 करोड़ की राशि वसूल कर ली है मगर अब भी 1 करोड़ से ज्यादा की राशि प्रशासन वसूल नहीं कर सका है,  हालांकि प्रशासन का कहना है कि बकाया राशि वसूली के लिए लगातार प्रयाश किए जा रहे हैं और जो लोग पैसे जमा नहीं कर रहे उनके राशि की वसूली कमीशन की राशि से की जाएगी साथ ही आरआरसी जारी करने की प्रक्रिया भी जा रही है।

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रविंद सोनी खाद्य अधिकारी सरगुजा बहरहाल सरगुजा में सामने आए राशन गड़बड़ी के मामले ने ये सवाल खड़ा कर दिया है कि जब खाद्य मंत्री के गृह जिले का ये हाल है तो बाकि जिलों में क्या स्थिति होगी साथ ही 1 करोड़ से ज्यादा की वसूली न कर पाना अपने आप में प्रशासन की विफलता को उजागर करता है। ऐसे में देखना होगा कि आखिर कब तक गरीबों के राशन की अफरातफरी करने वालों के खिलाफ प्रशासन सख्त कार्रवाई करता है और बकाया राशि की वसूली हो पाती है।