Treatments of lotus dental clinic birgaon

पुनर्विकास के बाद बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग स्टेशन हाईटेक यात्री सुविधाओं के साथ टेक्नोलाजी, स्थानीय संस्कृति और समृद्ध विरासत का आकर्षक केंद्र बनेंगे। यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ-साथ रोजगार बढ़ने की व्यापक संभावना विकसित होगी

HIGHLIGHTS

  1. 1800 करोड़ से अधिक की लागत से जोन के 49 स्टेशनों के कायाकल्प की तैयारी
  2. रेलवे स्टेशन के दोनों तरफ जुड़कर सिटी सेंटर की तरह विकसित किए जाएंगे।
  3. बढ़ती रेल कनेक्टिविटी स्थानीय लोगों के आर्थिक सामाजिक विकास में काफी लाभ देने वाली है।

रेल मंत्रालय के महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधा प्रदान करने के लिए अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत स्टेशनों के कायाकल्प की तैयारी चल रही है। अगस्त महीने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के 1200 स्टेशनों के पुनर्विकास कार्य का शिलान्यास किया। इसमें दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नौ स्टेशन शामिल है।

इसमें रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, अकलतरा, तिल्दा, नेवरा, भिलाई पावर हाउस, गोंदिया, वडसा, चांदाफोर्ट शामिल हैं। जोन 49 रेलवे स्टेशनों का उन्नयन 1,868 करोड़ रुपये की लागत से किए जाएगा।

इस योजना के अंतर्गत स्टेशन पर उन्नत व आधुनिक सुविधायुक्त वेटिंग हाल का प्रविधान है। यात्रियों को दी जाने वाली जरूरी सुविधाओं में खानपान, पीने का पानी, एटीएम, इंटरनेट, वाशरूम, कवर शेड, स्टैंडर्ड साइनेज आदि शामिल होंगे।

इन स्टेशनों को ग्रीन स्टेशन का स्वरूप दिया जाएगा, जहां प्राकृतिक रोशनी और वेंटिलेशन की सुविधा रहेगी। स्टेशन पर वरिष्ठ नागरिक एवं दिव्यांग के अनुकूल सुविधाएं होंगी।

इसके अलावा स्थानीय कला और संस्कृति को ध्यान में रखते हुए स्टेशन के डिजाइन तथा स्वरूप का उन्नयन किया जाएगा। स्टेशन परिसर को मनमोहक बनाया जाएगा। रेलवे स्टेशन के दोनों तरफ जुड़कर सिटी सेंटर की तरह विकसित किए जाएंगे।

रोजगार के बढ़ेंगे अवसर

पुनर्विकास के बाद बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग स्टेशन हाईटेक यात्री सुविधाओं के साथ टेक्नोलाजी, स्थानीय संस्कृति और समृद्ध विरासत का आकर्षक केंद्र बनेंगे। यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ-साथ रोजगार बढ़ने की व्यापक संभावना विकसित होगी जिसका लाभ स्थानीय लोगों को मिलेगा।

रेलवे अब रेल संपर्क विहीन क्षेत्रों के बीच रेल कनेक्टिविटी तथा बढ़ते हुए ट्रैफिक मांग व आधुनिक एवं उन्नत यात्री सुविधाओं के लिए रेल परियोजना पर काम कर रहा है। बढ़ती रेल कनेक्टिविटी स्थानीय लोगों के आर्थिक सामाजिक विकास में काफी लाभ देने वाली है।

जानिए जोन में किन परियोजनाओं पर चल रहे कार्य अभी जोन में 2100 करोड़ की लागत से 206 किमी बिलासपुर-झारसुगुड़ा चौथी लाइन, 3500 करोड़ की लागत से 228 किमी राजनांदगांव-नागपुर तीसरी लाइन, 1680 करोड़ की

लागत से 165 किमी अनुपपुर-कटनी तीसरी लाइन, 303 करोड़ की लागत से बिलासपुर-उसलापुर फ्लाई ओवर, 271 करोड़ की लागत से मंदिर हसौद–नवा रायपुर–केन्द्री नई लाइन, 543 करोड़ की लागत से 67 किमी की केन्द्री – धमतरी व अभनपुर – राजिम गेज परिवर्तन का कार्य किया जा रहा है।

इसके अतिरिक्त पब्लिक सेक्टर यूनिट तथा अन्य अभिकर्ताओं के साथ 4741 करोड़ की लागत से 231 किलोमीटर की खरसिया – कोरबा नई लाइन, 4970 करोड़ की लागत से 156 किमी गेवरारोड–पेंड्रारोड नई लाइन, 1627 करोड़ की

लागत से 95 किलोमीटर लंबी दल्लीराझरा–रावघाट नई लाइन आदि महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। बिलासपुर- झारसुगुड़ा चौथी लाइन में 75 किमी से अधिक का कार्य पूरा हो चुका है। इन परियोजनाओं से सुदूर इलाका भी अब रेलवे के मानचित्र पर दिखेगा।