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तेंदूपत्ता के नगद भुगतान की मांग:144 गांव के ग्रामीणों ने कहा- बैंक के चक्कर काट-काट कर थक जाते हैं, हाथ में पैसे मिलेंगे तो राहत मिलेगी

दंतेवाड़ा16 दिन पहले

छ्त्तीसगढ़ में दंतेवाड़ा जिले के 144 गांव के तेंदूपत्ता फडों के सैकड़ों ग्रामीण दंतेवाड़ा कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों ने तेंदूपत्ता संग्रहण एवं तेंदूपत्ता बोनस के नगद भुगतान के लिए कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। साथ ही विधायक से भी नगद भुगतान दिलाने अपील की है। ग्रामीणों की इस मांग पर कलेक्टर विनीत नंदनवार ने कहा कि ,नगद भुगतान सरकार के हाथ में है। हम जल्द ही सभी की यह मांग शासन तक पहुंचा देंगे।

ग्रामीणों का कहना है कि, ऑनलाइन पेमेंट होने से ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। साथ ही बार-बार बैंक का चक्कर लगाते हैं। पेमेंट से ज्यादा किराया में खर्च हो जाता है। इसके अलावा ग्रामीणों ने कहा कि, जनधन के तहत बहुत से खाता जीरो बैलेंस में खुले थे। जिनपर लगातार लेनदेन नहीं होने के चलते आधे से ज्यादा खाते बंद हो गए हैं। जिसके चलते खाता में राशि आना संभव नहीं है।

इन जगहों पर हो रहा नगद भुगतान

ग्रामीणों का का कहना है मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश के बीजापुर, सुकमा, पूर्व भानुप्रतापपुर, पश्चिम भानुप्रतापपुर यूनियन में नगद भुगतान की घोषणा कर दी है। जिससे ग्रामीणों में खुशी की लहर देखी जा रही है। इन यूनियन में भुगतान भी खत्म होने की कगार में है।

img 20230619 July 7, 2023

सरपंच संघ ने दिया साथ

ग्रामीणों को तेंदूपत्ता संग्रहण एवं बोनस के नगद भुगतान को लेकर जिले के सरपंच संघ का पूर्ण समर्थन मिल रहा है। सरपंच संघ के अध्यक्ष अनिल कर्मा भी अपने सरपंच साथियों के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों की मांग को जायज बताते हुए जल्द से जल्द नगद भुगतान की मांग की।

27 जून से आंदोलन की चेतावनी

कलेक्टर के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने निर्णय लिया है कि अगर उनकी मांग कुछ दिनों के अंदर पूरी नहीं होती है, तो एक सप्ताह बाद सभी गांव के ग्रामीण आंदोलन पर उतरेंगे। जिसमें सबसे पहले कलेक्ट्रेट एवं वनमंडल कार्यालय का घेराव किया जाएगा। उसके बाद आगे की रणनीति बनाई जाएगी।

20 दिन पहले विधायक से लगा चुके हैं गुहार

ग्रामीणों ने तेंदूपत्ता संग्रहण एवं बोनस के नगद भुगतान के लिए 20 दिन पहले दंतेवाड़ा MLA को भी ज्ञापन सौंपा था। विधायक ने कलेक्टर एवं वन मंत्री को भी इसके लिए पहल करने को कहा था। लेकिन, 20 दिन बाद भी कोई जवाब नहीं आया। जिसके चलते भुगतान अभी तक नहीं हो पाया।