• पिछले साल बस्तर में मानसून 22 जून को आया था

11 june 2020

City News – CN

रायपुर | छत्तीसगढ़ में मानसून के तीन दिन के भीतर दाखिल होने के हालात बन गए हैं। ऐसा हुआ तो इस बार मानसून निर्धारित समय से एक हफ्ता पहले ही आ जाएगा। पिछले साल बस्तर में मानसून 22 जून को दाखिल हुआ था, यानी इतना ही लेट हुआ था। लालपुर मौसम विभाग के वैज्ञानिक हरिप्रसाद चंद्रा ने बताया कि दक्षिण पश्चिम और दक्षिण पूर्व मानसून की रेखा पूरी तरह से सक्रिय है। मानसून तेज गति से छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ रहा है। दो से तीन दिन के भीतर किसी भी वक्त छत्तीसगढ़ में बस्तर में मानसून की पहली बारिश हो सकती है।

दक्षिण पश्चिम मानसून अभी तमिलनाडु के पास से होते हुए पश्चिम मध्य और उत्तर बंगाल के पास से होते हुए मिजोरम के अधिकांश भाग को कवर करते हुए मणिपुर, त्रिपुरा और कुछ भाग असम के साथ ही नागालैंड तक पहुंच चुका है। मानसून की उत्तरी सीमा करवा सिमोगा, तुम्मकोरी, चित्तूर, पुणेरी, अगरतला और कोहिमा तक है।

दूसरी तरफ दक्षिण पूर्व मानसून अगले 48 घंटे में महाराष्ट्र के कुछ भाग, कर्नाटक के कुछ भाग रायलसीमा, तेलंगाना के कुछ भाग, तटीय आंध्र प्रदेश, मध्य और उत्तर पूर्व बंगाल की खाड़ी के कुछ और उत्तर पूर्व के कुछ भाग में पहुंचने की संभावना है। 

आज शाम अच्छी बारिश के संकेत

राजधानी सहित प्रदेश के अनेक स्थानों पर बुधवार को दोपहर के बाद कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हुई। मौसम विभाग का कहना है कि 11 जून गुरुवार की शाम को प्रदेश में अनेक स्थानों पर अच्छी बारिश हो सकती है। कारण यह है कि एक द्रोणिका उत्तर पाकिस्तान से पश्चिमी मध्य और पूर्वी मध्य बंगाल की खाड़ी तक उत्तर राजस्थान, उत्तर मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़ होते हुए उड़ीसा तक है।

निम्न दाब का क्षेत्र पूर्व मध्य और पश्चिम बंगाल की खाड़ी के उपर स्थित है। उपरी हवा का चक्रवाती घेरा मध्य ट्रोपोस्फेरिक लेवल तक है। यह दक्षिण पश्चिम दिशा में झुका है। इसके प्रबल होने की पूरी संभावना है। दक्षिण छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर इसकी वजह से भारी बारिश हो सकती है।

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