4000 फार्मासिस्ट के दस्तावेजों की होगी जांच फर्जीवाड़ा की शिकायत…

320

रायपुर, छत्तीसगढ़ स्टेट फार्मेसी काउंसिल 4000 फार्मासिस्टों के बगैर दस्तावेज के हुए फर्जीवाड़े पंजीयन की जांच होगी। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के निर्देश के बाद फार्मासिस्ट काउंसिल की बैठक में रजिस्ट्रार डाक्टर श्रीकांत राजिमवाले ने टीम गठित कर जांच कराने की बात कही है। इधर इंडियन फार्मासिस्ट एसोसिएशन छत्तीसगढ़ (आइपीए) के सचिव राहुल वर्मा, राज्य सम्वयक वैभव शास्त्री, वंदना देवांगन समेत अन्य फार्मासिस्टों ने काउंसिल में हो रही गड़बड़ी को लेकर कार्यालय का घेराव किया। उन्होंने काउंसिल के पदाधिकारियों पर पैसे लेकर फर्जी फार्मासिस्टों के पंजीयन का आरोप लगाया है। वहीं जल्द जांच और कार्रवाई ना होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।बता दें छत्तीसगढ़ स्टेट फार्मेसी काउंसिल में बगैर दस्तावेज के 4000 फार्मासिस्टों का पंजीयन कर दिया गया है। बड़ी गड़बड़ी सामने आने के बाद छत्तीसगढ़ स्टेट फार्मेसी काउंसिल ने आगजनी की घटना में दस्तावेज जलने व मध्यप्रदेश स्टेट फार्मेसी काउंसिल में दस्तावेज होने की बात कहकर पल्ला झाड़ रहा है। जबकि सूचना के अधिकार के तहत मध्यप्रदेश स्टेट फार्मेसी कांउसिल में मांगी गई जानकारी में उन्होंने साफ कहा है कि छत्तीसगढ़ में पंजीयकृत इन फार्मासिस्टों के ना तो हमारे पास कोई दस्तावेज उपलब्ध है और ना ही किसी तरह की आगजनी में दस्तावेज जले हैं। मामले को लेकर नईदुनिया में 17 नवंबर को प्रकाशित खबर के बाद काउंसिल ने टीम गठित कर जांच की बात कही है।