राजधानी रायपुर में गाय के गोबर से बन रहा पेंट और पुट्टी , 50 किलो गोबर से 100 लीटर पेंट , एक लीटर पेंट की कीमत 230 रुपए …

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रायपुर, अगर आप अपने घर में पेंट कराने की सोच रहे हैं तो यह खबर आपके लिए अच्छी साबित हो सकती है आज हम आपको एक ऐसे पेंट के बारे में बताने जा रहे हैं जो केमिकल मुक्त है और खास बात यह है कि ये हर्बल पेंट है और इस पेंट को गोबर की सहायता से बनाया जा रहा है।

जी हां, सही सुना आपने गोबर की सहायता से राजधानी रायपुर के हीरापुर स्थित जरवाय गोठान में नगर निगम की एक अच्छी पहल देखने को मिल रही है जहां छत्तीसगढ़ में पहली बार गोबर से बना हर्बल पेंट और पुट्ठी बनाया जा रहा है यह पेंट केमिकल मुक्त होगा जिसे स्व-सहायता की 22 महिलाओं द्वारा बनाया जा रहा है। 

बता दे कि यह पेंट की प्रक्रिया 2 दिन पुराने गोबर से शुरू होती है सबसे पहले गाय के गोबर को एक मिक्सिंग टैंक में डाला जाता है और उसमें बराबर मात्रा में पानी डाली जाती है, पानी डालने के बाद मिक्सिंग टैंक में एजिटेटर लगा होता है यह एजिटेटर तब तक चलाते हैं जब तक कि गाय के गोबर बिल्कुल पेस्ट के समान ना हो जाए इस पेस्ट को पंप के माध्यम से आगे टीडीआर मशीन में भेजा जाता है, जहां पर यह बिल्कुल बारीक पीसकर आगे ब्लीचिंग टैंक में चला जाता है फिर ब्लीचिंग टैंक से होते हुए हंड्रेड डिग्री तक हीट किया जाता है।

इसमें हाइड्रोजन पराक्साइड एवं कास्टिक सोडा मिलाया जाता है जिससे गाय के गोबर का कलर बदल जाता है और उसकी अशुद्धियां दूर हो जाती हैं यहां से हम गाय के गोबर से मिले स्टील को पेंट बनाने के अगले चरण में बेस की तरह इस्तेमाल करते हैं जिसके बाद इसे अन्य सामग्रियों pigment, extender, binder, filler साथ मिलाकर हाई प्रेशर मशीन में 3 से 4 घंटे तक अलग अलग से मिलाया जाता है. जिसके बाद जाकर यहां पेंट तैयार होता है. और फिर इसे डिब्बे में पैक कर मार्केट में बिक्री के लिए भेजा जाता है  !

बाज़ारों में कीमत – यह पेंट और पुट्टी बनाने में ज्यादा गोबर नहीं लगता है लगभग  30 से 40 किलो ग्राम गोबर में 100 लीटर पेंट तैयार हो जाता है। जिसके कारण यह पेंट लोगों को सस्ते दामों में उपलब्ध हो जाते हैं। इसकी कीमत बाजार में 230 रूपए प्रति लीटर तक बिक रही है. !!

25 लाख की लागत से लाई गई पेंट बनाने की मशीनें ,  पेंट और पुट्टी बनाने की प्रक्रिया पूरी तरह मशीनों पर आधारित है जिसके लिए 25 लाख की सहायता से पांच मशीनें लाई गई है,  इन्हीं मशीनों से गुजरने के बाद गोबर पूरी तरह पेंट में और पुट्ठी में तब्दील होता है।हर्बल पेंट और पुट्टी की खासियत मार्केट में आने वाले पेंट की खासियत आप भली-भांति जानते ही होंगे लेकिन आज हम आपको गोबर से बने हर्बल पेंट और पुट्टी की खासियत बताने जा रहे हैं जानकारों का मानना है कि यह पेंट इको फ्रेंडली एंटी बैक्टीरियल एंटी फंगल और नेशनल थर्मल इंसुलेटर हेवी मेटल्स से फ्री है.

इसके अलावा यह सस्ता भी पड़ता है बाजार में जहां जानी-मानी कंपनियां की पेंट तकरीबन 400 से ₹500 लीटर बिक रहे हैं तो वही हर्बल पेंट में ₹230 प्रति लीटर में बिक रहा है इसमें ना कोई दुर्गंध और ना ही किसी तरह का साइड इफेक्ट शुद्ध प्राकृतिक संसाधनों से बना हुआ या पेंट लंबे समय तक टिकने वाला है।