खाद्य विभाग ने कलेक्टरों को किया पत्र जारी, राशन दुकानों में बचे हुए चावल की मांगी गई जानकारी..

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रायपुर….भारत सरकार द्वारा दिये गए चाँवल के हिसाब और 2017 में  मई माह से दिसम्बर माह तक आठ महीने तक हर महीने दिए गए 10 प्रतिशत अतिरिक्त चाँवल के चलते राशन दुकानों का इस महीने कोटा कम कर दिया गया है। विभाग के  सॉफ्टवेयर में प्रदेश की अधिकतर राशन दुकानों में एक से लेकर तीन महीने का चाँवल बचना दिखाई दे रहा है। इसके चलते केंद्र सरकार ने जानकारी मांगी है। अब केवल कागज में चाँवल का कोटा दिख रहा है। गोदामों में चाँवल नही है। इस पर खाद्य विभाग ने सभी कलेक्टर को पत्र लिख कर 15 नवम्बर 2022 तक जानकारी मांगी है। राशन दुकानदारों का कहना है कि खाद्य संचालनालय के द्वारा भूपेश सरकार को बदनाम करने के लिए गड़े मुर्दे उखाड़े जा रहे है। इधर संचालनालय द्वारा 15 नवंबर 2022 तक राशनदुकानो का भौतिक सत्यापन कर गोदाम में रखे चाँवल की जानकारी मांगी गई है। यदि गोदाम में रखा चाँवल सॉफ्टवेयर में दिखाए गए चाँवल से कम मिला तो खाद्य अधिकारियों की जिम्मेदारी निर्धारित की जाएगी।

राशन दुकानो में विभाग के अमले को जाकर भौतिक सत्यापन करने का निर्देश मिला है। प्रदेश के 500 से अधिक राशनदुकानो में दो से तीन माह का 200 से 500 क्विंटल चाँवल बचा दिख रहा  है, लेकिन जांच करने पर गोदाम खाली है और सारा चाँवल कालाबाज़ार में खफा दिया गया है।

 राशनदुकानदारों का कहना है कि जो चाँवल उनके पास होना बताया जा रहा है वह चाँवल उनको मिला ही नही है। वे समझ नही पा रहे है कि उनको चाँवल कब दिया गया है। अनेक स्थानों में राशन दुकानदार बगावत करने की स्थिति में है। बस्तर  सरगुजा के अनेक अनुविभाग में राशन दुकानदारों द्वारा आंदोलन की धमकी दी जा रही है।