आज 6 अक्टूबर को गुरुवार और एकादशी का योग ; विष्णु जी के साथ करें देवगुरु बृहस्पति की पूजा , शिवलिंग पर चढ़ाएं जल

380

गुरुवार, 6 अक्टूबर को आश्विम मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी है। इसे पापांकुशा एकादशी कहते हैं। एकादशी पर भगवान विष्णु के लिए व्रत और पूजा करने की परंपरा है। स्कंद पुराण के वैष्णव खंड में एकादशी महात्म्य नाम के अध्याय में पूरे साल की एकादशियों का महत्व बताया गया है।

उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के मुताबिक 6 अक्टूबर को गुरुवार और एकादशी का योग रहेगा। इस वजह से गुरुवार को विष्णु जी के साथ ही देवगुरु बृहस्पति के लिए भी विशेष पूजा करनी चाहिए।

बीरगांव के ऐतिहासिक दशहरा उत्सव में ओमप्रकाश देवांगन और नंदे साहू को एक मंच पर देखकर कांग्रेस नेताओं में मची खलबली …

गुरुवार का स्वामी ग्रह है बृहस्पति

गुरुवार का स्वामी ग्रह देवगुरु बृहस्पति है। इस ग्रह की पूजा शिवलिंग रूप में की जाती है। इसलिए गुरुवार को शिवलिंग पर केसर मिश्रित जल चढ़ाना चाहिए। पीले फूलों से श्रृंगार करें। चने की दाल चढ़ाएं और बेसन के लड्डू को भोग लगाएं। धूप-दीप जलाकर आरती करें। बृहस्पति के मंत्र ऊँ बृं बृहस्पतये नम: का जप करें। मंत्र जाप कम से कम 108 बार करना चाहिए।

ऐसे कर सकते हैं विष्णु जी की पूजा

पापांकुशा एकादशी पर स्नान के बाद सूर्य पूजा करें। घर के मंदिर में भगवान विष्णु के सामने व्रत-पूजा करने का संकल्प लें। विष्णु जी के साथ ही लक्ष्मी की भी पूजा करें। दोनों देवी-देवताओं का दक्षिणावर्ती शंख से अभिषेक करें।

शंख में केसर वाला दूध भरें और प्रतिमाओं को चढ़ाएं। इसके बाद स्वच्छ जल से अभिषेक करें। पीले चमकीले वस्त्र चढ़ाएं, मौसमी फल और मिठाई का भोग तुलसी के साथ लगाएं। पूजा में ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जप करें।

डेली ब्रश करने के बाद भी आती है मुंह से बदबू, तो ये हो सकते हैं 5 कारण – डा. आकाश

इस तरह विष्णु पूजन करने के बाद दिनभर निराहार रहें यानी अन्न न खाएं। आप चाहें तो फलों का सेवन कर सकते हैं, दूध पी सकते हैं। एकादशी की शाम को भी विष्णु जी की पूजा करें। अगले दिन यानी द्वादशी पर सुबह जल्दी उठें और स्नान के बाद पूजा करें। ब्राह्मणों को भोजन कराएं। इसके बाद स्वयं अन्न ग्रहण करें। इसके बाद आपका एकादशी व्रत पूरा हो जाएगा।

एकादशी पर सकते हैं ये शुभ काम भी

एकादशी पर शिवलिंग पर तांबे के लोटे से चढ़ाएं और ऊँ नम: शिवाय मंत्र का जाप करें।

श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप लड्डू गोपाल का अभिषेक करें। तुलसी के साथ माखन-मिश्री का भोग लगाएं। कृं कृष्णाय नम: मंत्र का जाप करें।

सावधान : इन 4 कफ सिरप पर WHO का अलर्ट जारी ; 66 बच्चों की मौत ; ये सिरप हो सकती है वजह

किसी गौशाला में धन, अनाज और हरी घास का दान करें। गुरुवार को किसी जरूरतमंद व्यक्ति ऊनी वस्त्र दान करें।

किसी मंदिर में पूजन सामग्री का दान करें।