मानसून 2022 : शिवनाथ नदी खतरे के निशान से 15 फीट ऊपर ; 27 कॉलोनियों के साथ कई गांव डूबे ; SDRF ने बोट से किया लोगों को रेस्क्यू ; देखें तस्वीरें

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पिछले कई दिनों से लगातार हो रही बारिश और दुर्ग संभाग के कई डैम से लगातार छोड़े जा पानी से शिवनाथ नदी का जल स्तर काफी बढ़ गया है। मंगलवार को शिवनाथ का जल स्तर खतरे के निशान से 15 फीट ऊपर चल रहा था। 3 दिनों में डैम से 1.15 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे दुर्ग में पुलगांव चौक तक शिवनाथ नदी का पानी भर गया। इसमें नदी किनारे बसी 27 कॉलोनियां और कई गांव जलमग्न हो गए। लोगों को बचाने के लिए SDRF की टीम लगी रही।

पिछले तीन दिनों में जिले में 72.6 एमएम बारिश हुई। इसके साथ ही मोगरा बैराग, सूखा नाला, घुमरिया जलाशय समेत तांदुला और खरखरा डैम से 1.15 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया है। इससे शिवनाथ नदी का जलस्तर मंगलवार को अब तक के इतिहास में सबसे अधिक रहा। वहीं दुर्ग के पुलगांव क्षेत्र अंतर्गत ऋषभ कॉलोनी और महेश कॉलोनी समेत, डी मार्ट व रिलायंस पेट्रोल पंप तक पानी में डूब गए।

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बाढ़ के पानी से पेट्रोल पंप डूबा

बाढ़ के पानी से पेट्रोल पंप डूबा

नदी में लगातार पानी छोड़े जाने की वजह से लगातार नदी का जल स्तर बढ़ रहा है। इसकी वजह से पुलगांव, पुलगांव चौक, पुलगांव नाला, भारती विश्वविद्यालय, डी-मार्ट, महमरा तक पानी भर गया। दुर्ग शहर के नदी किनारे बसी 27 कॉलोनियों में पानी भर गया। चंगोरी और आलबरस गांव टापू बन गया। झेंझरी, हरदी, कोनारी, सगनी घाट, सहगांव पहले ही पानी से घिरे हुए हैं।

शिवनाथ नदी में पानी बढ़ने से रिवर व्यूज व आसपास के होटल डूबे

शिवनाथ नदी में पानी बढ़ने से रिवर व्यूज व आसपास के होटल डूबे

जलभराव से राजनांदगांव और बालोद मार्ग बंद

शिवनाथ नदी में खतरे के निशान से 15 फीट ऊपर पानी चलने से राजनांदगांव और बालोद मार्ग पूरी तरह से बंद हो गया है। वहीं दुर्ग में पुलगांव चौक पुल के दोनों तरफ पानी भरने की वजह से मंगलवार सुबह अंजोरा, सोमनी वाया राजनांदगांव मार्ग बंद हो गया था। इसके कुछ देर बाद पानी पुलगांव चौक पुल पर भरने लगा। इससे अंडा, गुंडरदेही, बालोद और दल्ली-राजहरा मार्ग बंद हो गया। राजनांदगांव और दल्ली-राजहरा जाने वालों को नेहरू नगर बाइपास से राजनांदगांव होते हुए जाना पड़ा।

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पानी में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर लाती एसडीआरएफ की टीम

पानी में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर लाती एसडीआरएफ की टीम

एसडीआरएफ की टीम ने आलबरस में फंसे 25 लोगों को बचाया

ग्राम अलबरस में ईंट भट्ठा में काम करने वाले कुछ मजदूर जलभराव के चलते फंस गये थे। एसडीआरएफ की टीम ने इन सभी को सुरक्षित निकाला। कलेक्टर पुष्पेंद्र कुमार मीणा ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र भरदा, आलबरस आदि गांवों का निरीक्षण किया। कलेक्टर भरदा स्कूल जाकर ईंट भट्टे में काम करने बाढ़ प्रभावित मजदूरों से मिले। उन्होंने बताया कि वह 40 लोग थे। सभी बाढ़ में फंस गये थे। एसडीआरएफ की टीम ने वोट की मदद से ग्राम अलबरस में फंसे 25 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इसमें एक नवजात शिशु भी था।

बाढ़ से सुरक्षित बचाकर बाहर लगाए गए लोग

बाढ़ से सुरक्षित बचाकर बाहर लगाए गए लोग

तीन दिन में 1.15 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया

जल संसाधन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक 14, 15 और 16 अगस्त को मोगरा बैराग, सूखा नाला, घुमरिया जलाशय समेत तांदुला और खरखरा डैम से 1.15 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया है। अलग-अलग दिन की बात करें तो 14 अगस्त को तीनों जलाशयों से 54,400 क्यूसेक, 15 अगस्त को 48,600 और 16 अगस्त को 12,200 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।

तीन दिन में हुई 72.6 मिमी बारिश

14 से 16 अगस्त तक तीन दिन में 72.6 मिमी बारिश हुई है। 14 अगस्त को 10.6 मिमी, 15 अगस्त को 49.6 और 16 अगस्त को 12.6 मिमी बारिश हुई। अभी तक कुल बारिश की बात की जाए तो ट्विनसिटी में 785.9 मिमी बारिश हो चुकी है। सामान्यतौर पर अभी तक 669 मिमी बारिश होनी थी। यह सामान्य से 17 फीसदी अधिक है।

18 और 19 अगस्त को भारी बारिश की चेतावनी

एक ओर जहां भारी बारिश और जल भराव से आम जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है, वहीं दूसरी ओर मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। रायपुर मौसम विज्ञान विभाग के मौसम वैज्ञानिक हरिप्रसाद चंद्रा ने बताया कि मानसून ट्रफ जैसलमेर, पूर्वी राजस्थान और उससे लगे पश्चिम मध्य प्रदेश, दमोह, अंबिकापुर, पुरुलिया, कोंटाई, और उसके बाद उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक स्थित है। इसके प्रभाव से 17 को ट्विनसिटी समेत विभिन्न स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। खाड़ी में एक निम्न दाब का क्षेत्र बन रहा है। इससे 18 और 19 अगस्त को भारी बारिश संभावित है।

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सगनी घाट में युवक बहा

सगनीघाट में त्रिवेणी संगम घुमने गया एक युवक यहां निर्माणाधीन ओवर ब्रिज के बीम पर चढ़ा था। इस दौरान अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह शिवनाथ नदी में गिर गया। नदी में बहे युवक की पहचान भिलाई पावर हाउस निवासी देवेंद्र कुमार चौधरी के रूप में हुई है।

जिला प्रशासन ने बाढ़ प्रभावितों के लिए किए ये कार्य

  • नदी का जल स्तर बढ़ने से भोथली, रूदा, खाड़ा व आलबरस गांव के पहुंच मार्ग बंद हो गए हैं। जिला प्रशासन की मदद से ग्राम स्तर पर आवश्यक व्यवस्था कर ली गई है।
  • ग्राम भोथली में राजस्व, पंचायत, स्वास्थ्य विभाग तथा एसडीआरएफ की को टीम भेजा गया था।
  • ग्राम आलबरस के डुबान क्षेत्र में फंसे कुल 25 लोगों को बचाने के लिए एसडीआरएफ की टीम को भेजा गया। सभी लोग सुरक्षित बाहर निकाल लिए गए हैं।
  • ग्राम भरदा में डुबान क्षेत्र अंतर्गत ईंट भट्ठे में फंसे कुल 30 व्यक्तियों को एसडीआरएफ की टीम भेजकर बचाया गया और उन्हें प्राथमिक शाला भरदा में ठहराया गया है। पंचायत द्वारा इनके खाने पीने की व्यवस्था की जा रही है।
  • चारों तरफ बाढ़ से प्रभावित होने के कारण ग्राम चंगोरी रोड मार्ग से पहुंच विहीन हो गया है। जिला प्रशासन ने गांव में पंचायत स्तर पर आवश्यक व्यवस्था करवाई है।
  • बाढ़ के चलते पीसेगावं पहुंच विहीन हो गया है। इस गांव में भी ग्राम स्तर पर आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित कर ली गई है।
  • बाढ़ के चलते डांडेसरा गांव भी पहुंच विहीन हो गया है। यहां भी ग्राम पंचायत स्तर पर आवश्यक व्यवस्था की गई है।
  • बाढ़ के चलते अरसनारा गांव में भी तीन लोग डुबान क्षेत्र में फंस गए थे। इन्हें रेस्क्यू करके सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
  • कोलिहापुरी गांव भी बाढ़ के दौरान जलमग्न हो गया था। इससे यहां फंसे 45 लोगों को बाहर निकालकर फुलगांव वार्ड क्रमांक 55 में दुर्ग नगर निगम द्वारा ठहराया गया है।
  • पीपरछेड़ी गांव में बाढ़ से प्रभावित कुल 25 व्यक्तियों को ग्राम पंचायत भवन में सुरक्षित ठहराया गया है। इन सभी के घरों में नदी का पानी भर गया है।