ये घर है या सांपों का महल ? लगातार 5 को मारने के बाद भी मिलते गए सांप ; दीवार तोड़ी तो निकले 12 कोबरा

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छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा स्थित एक मकान से कोबरा सांपों ने अपना डेरा जमा रखा था। रोज-रोज कमरों से एक-एक नाग बाहर निकलते। इस पर मकान में रहने वाले उसे मार देते। इसके बाद भी सांपों का निकलना बंद नहीं हुआ तो घरवालों ने रेस्क्यू टीम को बुलाया।

उन्होंने कमरा खोलकर करीब 8 घंटे की मशक्त के बाद दीवार तोड़ी तो सब हैरान रह गए। वहां पर एक-दो नहीं बल्कि 12 कोबरा मिले। इन सबको जंगल में छोड़ा गया है।

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दीवार तोड़कर निकाले गए सांप।

दीवार तोड़कर निकाले गए सांप

दरअसल, नागरदा कुर्दा गांव निवासी बृहस्पति कंवर और उनका परिवार कुछ समय से खौफ में जी रहे थे। इसका कारण था, उनके घर में कोबरा का निकलना। एक-एक कर 5 कोबरा के बच्चे निकले। उन सभी को बृहस्पति ने मार दिया। वे इतना डर गए कि कमरे के पास तक जाना छोड़ दिया। उसे खाेलने की हिम्मत ही नहीं जुटा पा रहे थे। इसके बाद भी सांपों को निकलना बंद नहीं हुआ तो वे काफी डर गए। गांव में भी बात फैल गई।

सारे कोबरा को डिब्बे में बंद कर जंगल में छोड़ा गया।

सारे कोबरा को डिब्बे में बंद कर जंगल में छोड़ा गया।

सांप निकलने से इतना डर गए कि कमरा ही नहीं खोला

इस पर बृहस्पति कंवर ने कोरबा जिले की स्नेक रेस्क्यू टीम के जितेंद्र सारथी से संपर्क किया। इस पर जितेंद्र अपने साथी नागेश सोनी के साथ करीब 52 किमी की दूरी तय कर 2 घंटे में गांव पहुंचे। वहां बताया गया कि कमरा काफी समय से बंद हैं। सांप निकलने के बाद इतना डर हैं कि कमरा खोला ही नहीं है। इस पर टीम ने कमरे का ताला तोड़ा और एक-एक कर सामान बाहर निकालने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।

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मौके पर जमा ग्रामीणों की भीड़।

मौके पर जमा ग्रामीणों की भीड़

बच्चे मिले , पर बड़ा नाग नहीं

कमरे की एक दीवार में छेद दिखाई दिया। इस पर टीम ने उसे तोड़ना शुरू किया। जैसे-जैसे दीवार टूटती रही, एक-एक कर कोबरा के बच्चे बाहर आने लगे। हालांकि खुदाई के दौरान सिर्फ बच्चे मिले, बड़े कोबरा सांप नहीं निकले। ऐसे में संभावना है कि अंडे देने के बाद वह कहीं बाहर चली गई होगी। जितेंद्र सारथी ने बताया कि अगर रेस्क्यू नहीं किया गया होता तो एक-एक कर बच्चों को मार दिया जाता। ऐसे में परिवार को भी खतरा था।