BJP कार्यकर्ताओं का नेताओं पर फूटा गुस्सा: राष्ट्रपति उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू से न मुलाकात, न सम्मान; सोशल मीडिया पर निकाली भड़ास…

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छत्तीसगढ़ भाजपा के बड़े नेताओं पर कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूटा है। गुस्सा इतना है कि सोशल मीडिया पर भड़ास निकाली जा रही है। ये बात खुलकर सामने आई है कि कार्यकर्ताओं के साथ सम्मान पूर्वक व्यवहार नहीं किया गया। भीड़ की तरह बस उनका इस्तेमाल किया गया।

पूरा विवाद जुड़ा है, शुक्रवार को रायुपर में हुए कार्यक्रम से। इस कार्यक्रम में NDA की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू रायपुर पहुंची थीं। इस कार्यक्रम की तैयारियों में 1 सप्ताह से लगे कई कार्यकर्ताओं को द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात तो छोड़िए उनके ठीक ढंग से दर्शन तक नहीं हुए। इसका विरोध पार्टी के कार्यकर्ताओं ने किया है।

कार्यकर्ताओं की भीड़ ।
कार्यकर्ताओं की भीड़ ।

दरअसल, द्रौपदी मुर्मू के आस-पास प्रदेश संगठन के वही पुराने 15-20 नेता ही दिखे। जो तस्वीरें खिंचवाते रहे। यही बात कार्यकर्ताओं को रास न आई, जो बड़े नेताओं के चहेते थे, वो उनके साथ थे और बहुत से कार्यकर्ताओं को कोई मौका ही नहीं मिला।

कई कार्यकर्ता होटल के बाहर ही रहे।
कई कार्यकर्ता होटल के बाहर ही रहे।

सुरक्षा घेरा भी बड़ी वजह
द्रौपदी मुर्मू रायपुर एयरपोर्ट से VIP रोड के एक होटल पहुंचीं। पार्टी के नेताओं की एक टीम तैयार की गई थी। यह पहले से तय किया गया था कि काैन होटल और एयरपोर्ट के अंदर रहेगा। इसकी वजह थी सुरक्षा व्यवस्था। द्रौपदी मुर्मू की सिक्योरिटी का करीब-करीब वैसा ही इंतजाम था जैसा राष्ट्रपति का होता है। इस वजह से भी कई कार्यकर्ताओं को उनके करीब जाने नहीं दिया गया। बड़ी तादाद में द्रौपदी मुर्मू को देखने आए कई कार्यकर्ताओं को निराश होना पड़ा। ये निराशा ऐसे भी नहीं कि जिसकी भरपाई हो सके, क्योंकि राष्ट्रपति बनने के बाद मुर्मूू जैसी हस्तियों से मिल पाना उतना सहज भी नहीं हो पाता कार्यकर्ता इस बात को जानते हैं।

होटल के संबंध में पोस्ट ।
होटल के संबंध में पोस्ट ।

ऐसे- ऐसे आए कमेंट
सोशल मीडिया पर कई कार्यकर्ताओं ने कई तरह के कमेंट किए। सभी का इशारा इसी बात की ओर था कि उन्हें द्रौपदी मुर्मू के कार्यक्रम में तरजीह नहीं दी गई। कुछ ने 15 साल की सरकार का वक्त याद दिलाया । कुछ ने दर्द भरे अंदाज में इसे कार्यकर्ता की सितम बताया। कुछ ने उनपर भी सवाल किया, जिन्होंने एक रात पहले कई झंडे पोस्टर शहर में बांधे, कुछ ने हमेशा आगे रहने वाले मौका परस्तों को कोसा, देखिए सोशल मीडिया पोस्ट –

काम छोड़कर आने का मलाल।
काम छोड़कर आने का मलाल।
कार्यकर्ता की कीमत को कम आंका गया।
कार्यकर्ता की कीमत को कम आंका गया।
एक शिकायत ये भी।
एक शिकायत ये भी।
निचले स्तर के कार्यकर्ताओं पर तंज।
निचले स्तर के कार्यकर्ताओं पर तंज।