बुधवारी बाजार में प्रस्तावित पानी टंकी को अन्यत्र ले जाने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन…..

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बीरगांव……. डेढ़ लाख की आबादी वाले नगर निगम बीरगांव में बुधवारी बाजार ही एकमात्र सार्वजनिक स्थल है ,  जहां पच्चीस साल पहले बनी पानी टंकी से आमजनता को कार्यक्रम के दौरान भारी असुविधा होती है ,  उक्त पानी टंकी को बुधवारी बाजार से हटाने की मांग बरसों से हो रही है लेकिन नगर निगम बीरगांव द्वारा वहां वर्तमान पानी टंकी से तीन गुणा क्षमता वाला एक और  “पानी टंकी” प्रस्तावित कर दिया गया है ,,  जिसके बन जाने से बुधवारी बाजार में खाली जगह बिलकुल नहीं बचेगा,,  
 उसी जगह पर महापौर और विधायक द्वारा रावण दहन कर दशहरा उत्सव मनाया जाता है,, मां दुर्गा, भगवान श्री गणेश जी विराजते है, मां परमेश्वरी का मंदिर है, वार्षिक मंडई होता है,  बारात ठहरते है,  कबड्डी सहित विभिन्न खेलों का आयोजन होता है,  रामकथा,  रामायण और भगवतगीता कथा का प्रवचन होता है,  विश्वकर्मा जयंती जैसे बडे बडे आयोजन सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ संपन्न होते हैं। 
छत्तीसगढ़ महतारी अधिकार मंच और सब्जी व्यवसायियों ने  पानी टंकी का निर्माण बुधवारी बाजार को छोड़कर कही भी अन्यत्र किये स्थानांतरित करने की मांग की है पिछले दिनों इस का आश्वासन निगमायुक्त से मिला था कि इंजीनियरों को बुलाकर सर्वे कराया जाएगा पर विधायक पुत्र और महापौर के द्वारा राजनीति की लुलुपता, और अपने आप को नीचा नहीं दिखाने के लिए जनता को परेशान करने और अपने अहम भाव में रहने के कारण उसी स्थान पर पानी टंकी निर्माण कराने की बात की जा रही। इस संबंध में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर निवेदन किया गया है कि जनभावना का सम्मान करते हुए बीरगांव क्षेत्र में व्याप्त पेयजल की समस्या को दूर करने पानी टंकी का निर्माण बुधवारी बाजार को छोड़कर,  शहीद नगर में या नगर निगम कार्यालय के पीछे पार्किंग में या चाहे तो कब्रिस्तान में भी पानी टंकी बनाया जा सकता है ,,  जहां से पाइप लाइन के माध्यम से पेयजल की आपूर्ति आमजनों तक कंही भी घर घर पहुंचाई जा सकती है ,, बुधवारी बाजार एकमात्र सार्वजनिक स्थान है जहां सामाजिक और हर दल के  राजनीतिक कार्यक्रम संपन्न होता है इसके अलावा बीरगांव में कोई भी जगह एैसा नही है जिसका सार्वजनिक उपयोग किया जा सके,, इसलिए बीरगांव के हृदय स्थल बुधवारी बाजार को सुरक्षित रखना अत्यंत जरूरी है  !