डेंटल सर्जन ” डा. आकाश देवांगन ” ने रायपुर के बीरगांव में खोला लोटस डेंटल क्लिनिक का दूसरा ब्रांच … जानिए दांत स्वस्थ रखने के ये जरूरी सुझाव

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डॉ आकाश देवांगन – डेंटल सर्जन

डेंटल सर्जन डा. आकाश देवांगन ने बताया कि रायपुर के संतोषी नगर मेन रोड पर पिछले दो साल से लोटस डेंटल क्लिनिक के माध्यम से दांत के मरीजों का उपचार जारी है , मेरा जन्मभूमी और कर्मभूमी  रायपुर से लगे शहर “बीरगांव” के लोगों की सेवा करने मैने आज NKD Hospital  के बाजू में एक और ब्रांच की शुरूआत की है , जिसका शुभारंभ मेरे बडे पापा जी एन के डी हास्पिटल के फाउन्डर  माननीय डा. नंदकुमार देवांगन जी के करकमलों संपन्न हुआ ,  अब दोनो जगह अपनी सेवाएं प्रदान करूगां ।

दांत हमारे शरीर का एकमात्र हिस्सा है जो खुदसे ठीक नहीं हो सकता।

बीरगांव एक औधोगिक क्षेत्र है, स्लम एरिया है,  काफी प्रदूषण है,  स्मोकिंग और तंबाकू, गुटका आदि बुरे नशे का भी अधिकांश लोग सेवन करते है जिससे विभिन्न समस्याएं दांतो में हो जाते हैं,  दांत के इलाज में कुछ लोग लापरवाही बरतते है डाक्टर के पास जाने के बजाय मेडिकल से दर्द निवारक दवा लेकर राहत पाने की कोशिश करते हैं, एैसे में मेरी प्राथमिकता होगी कि समय समय पर नि:शुल्क हेल्थ कैंप लगाकर लोगों को जागरूक कर सकूं  !!

डा. आकाश ने दांतों की देखभाल के लिए कुछ  टिप्स अपनाने सुझाव दिये…. 

दिन में दो बार ब्रश करना है जरूरी-

हम सभी बचपन से सुनते आए हैं कि दिन में कम से कम दो बार ब्रश करना चाहिए। तब भी, हम में से कई लोग ऐसे लोग हैं जो रात में ब्रश करने को नजरअंदाज कर देते हैं। रात को ब्रश करके सोने से दांतों पर कीटाणुओं का कब्जा नहीं हो पाता और दांत पीलेपन व सड़न से बच जाते हैं। ये दांतों की देखभाल का पहला टिप्स है।

ब्रश करने का सही तरीका –

दांतों की देखभाल कर रहे हैं तो जरा सोचें कि आप किस तरह से ब्रश करते हैं। यह भी दांतों की सेहत के लिए बहुत जरुरी है। दरअसल गलत तरीके से ब्रश करना ब्रश न करने के बराबर है। अच्छी तरह समय निकाल कर, ब्रश नरमी से मुंह में सर्कुलर मोशन में करें, ऐसा करने से आपके दांतों पर जमी गंदगी साफ हो जाएगी।

लगभग 2 से 3 मिनट तक ब्रश करने के बाद अच्छी तरह कुल्ली कर लें। हमेशा नरम ब्रश का ही इस्तमाल करें और ब्रश हार्ड हो जाने पर उसे तुरंत बदल दें।

दांतों की देखभाल के साथ जीभ का भी रखें ध्यान-

दांतों की देखभाल गंदगी आपकी जीभ पर भी अपना कब्जा जमा सकती है, जिससे न सिर्फ मुँह से बदबू आने का खतरा होता है बल्कि दूसरी कई सेहत संबंधित समस्याएं पेश आ सकती हैं। जब-जब ब्रश करें, जीभ को भी खासतौर पर साफ करे ।

फ्लोराइड टूथपेस्ट से करें दांतों की देखभाल

जब टूथपेस्ट चुनने की बात आती है, हम उसकी सफेदी के गुणों की ओर ज्यादा ध्यान देते हैं। इससे फर्क नहीं पड़ता कि आप कौन सा टूथपेस्ट इस्तेमाल करते हैं, बस इस बात को ध्यान में रखें कि उसमें फ्लोराइड की अच्छी मात्रा मौजूद हो। फ्लोराइड दांतों पर सुरक्षित परत चढ़ा देता है जिससे दांतों को खराब होने से बचाया जा सकता है।

माउथवाश का करें इस्तेमाल-

माउथवाश के फायदे सबको मालूम न होने के कारण इसका इस्तेमाल अक्सर लोग नहीं करते। माउथवाश तीन तरह से काम करता है- यह मुंह से एसिडिक तत्वों को कम करता है, उन जगहों को अंदर-बाहर से साफ करता है जहां ब्रश नहीं पहुंच पाता और दांतों को मिनरल्स पहुंचाता है। यह दांतों के लिए जरुरी तत्वों का संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। यह दांतो के साथ साथ आपके मसूड़ों को स्वस्थ और मजबूत बनाता है । अपने डेंटिस्ट से सलाह करके अपने लिए सही माउथवाश चुनें।

दांतों की देखभाल के लिए खूब पानी पिएं

पानी आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत जरुरी है। हर खाने के बाद पानी पीना चाहिए, ऐसा करने से दांतों के बीच फंसे चिपचिपे और एसिडिक खाने-पीने के दौरान साफ किए जा सकते हैं।

दांतों की देखभाल के लिए मीठे और एसिडिक खाने को कहें –  ‘न’

शक्कर मुंह में जाने के बाद एसिडिक हो जाती है, जिसके कारण दांतों को नुकसान पहुंच सकता है। इन एसिडिक तत्वों के कारण दांतों में कैविटीज़ की समस्या हो सकती है। दांतों की बेहतरी के लिए एसिडिक फल, चाय और कॉफ़ी का इस्तेमाल कुछ हद तक कम कर दें।

साल भर में 2 बार डेंटिस्ट से जरूर मिलें–

आपकी रोजमर्रा की कई आदतें, खानपान, वेज,  नॉनवेज, तंबाकू, गुटका, धुम्रपान आपकी सेहत के लिए हानिकारक साबित हो सकती हैं। दांतों से जुड़ी कई ऐसी बातें हैं जिनके कारण डेंटिस्ट से मिलना जरुरी हो जाता है।

कम से कम साल भर में 2 से 3 बार डेंटिस्ट से मिल कर दांतों की सफाई और चेकअप करवाना चाहिए। डेंटिस्ट आपके दांतों से कैविटीज़ और हानिकारक तत्वों की सफाई कर सकता है इसके अलावा दांतों की दूसरी समस्याओं जैसे दांत के दर्द और मसूढ़ों से खून बहना आदि के लिए इलाज के तरीके सुझा सकता है। इन सभी बातों पर अमल करके आप अपने दांतों की देखभाल के साथ मसूढ़ों और मुंह की अंदरूनी सेहत को भी बेहतर बना सकते हैं।

डा.  आकाश देवांगन ने कहा कि दांतों की देखभाल करना बेहद आवश्यक है, क्योंकि दांत हमारे शरीर के सेंसिटिव और नाजुक हिस्सों में से एक है, लेकिन ज्यादातर लोग केवल दांतों की सफेदी पर अधिक ध्यान देते हैं. टूथपेस्ट दांतों की व्हाइटनिंग के लिए नहीं बल्कि उसकी सुरक्षा के लिए चुनना चाहिए.

हमारे शरीर में दांत काफी सेंसिटिव होते हैं जिनकी देखभाल का खास ख्याल रखना पड़ता है, लेकिन ज्यादातर हमें दांतों का ख्याल उस वक्त आता है जब वह खराब होने लगते हैं और उन में दर्द होना शुरू हो जाता है.

आजकल 60 साल से ऊपर या कम उम्र के लोगों में भी उनके दांतो के जड कमजोर हो जाते हैं  उनमें कीड़ा लग जाता है और दांत खराब होना शुरू हो जाते हैं . जिससे दांतों की कई परेशानियां शुरू हो जाती है और दांतो को निकलवा कर आर्टिफिशियल दांत लगवाने पड़ते हैं लेकिन अगर शुरुआत से ही दांतों की देखभाल की जाए तो ऐसी परेशानियों से बचा जा सकता है. कई बार दांतों में सेंसिटिविटी बढ़ जाती है जिसकी वजह से कुछ भी मीठा खाते हुए, ठंडा या गरम पीते समय दांतों में तेज झनझनाहट और दर्द की शिकायत होने लगती है.

दांतों में परेशानियों का कारण होता है दांतों से इनेमल लेयर नाम की सुरक्षा परत का हट जाना या खत्म हो जाना. इनेमल लेयर दांतों की सुरक्षा के लिए होती है, जो दातों का ख्याल ना रखने पर खराब हो सकती है. !!

डा. आकाश देवांगन ने बताया कि आज हमने पारिवारिक सदस्यों के सानिध्य में बहुत ही सादगी पूर्वक “लोटस डेंटल क्लिनिक” खोला है, अब बीरगांव में बहुत ही जल्द एक मेगा हेल्थ कैंप लगाया जाएगा जो कि पूर्णतः निःशुल्क होगा और जिनका वास्तविक लाभ हमारे क्षेत्र के सभी नागरिक ले सकेगें…   !!